भिलाईनगर, 31 अक्टूबर 2026। जामुल थाना क्षेत्र के छावनी चौक स्थित औद्योगिक क्षेत्र में हाईटेंशन बिजली तार की चपेट में आने से 34 वर्षीय मजदूर की दर्दनाक मौत हो गई। हादसा 30 अक्टूबर की रात पीआईईसी प्रोजेक्ट प्राइवेट लिमिटेड कंपनी परिसर में हुआ। मृतक ट्रेलर में सामान लोड करने का काम कर रहा था, तभी अचानक हाईटेंशन तार टूटकर ट्रेलर पर गिर पड़ा। करंट की चपेट में आने से मजदूर बुरी तरह झुलस गया। उसे उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया, जहां इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया।
मृतक की पहचान किशन महतो पिता एबिरलाल महतो (34 वर्ष), निवासी जून-1, गौतम नगर, खुर्सीपार, वार्ड क्रमांक 42 के रूप में हुई है। वह पिछले छह से सात वर्षों से कंपनी में कार्यरत था।
परिजनों ने कंपनी प्रबंधन पर लगाए लापरवाही के आरोप
हादसे के बाद शनिवार सुबह मृतक के परिजनों ने कंपनी परिसर के बाहर पहुंचकर विरोध जताया। परिजनों का आरोप था कि हादसे के बाद किशन करीब 20 मिनट तक तड़पता रहा, लेकिन उसे समय पर उपचार और जरूरी चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराई गईं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि काम के दौरान किशन को पर्याप्त सुरक्षा उपकरण नहीं दिए गए थे।
बताया गया कि ट्रेलर में सामान लोड करने के दौरान अचानक बिजली का तार टूटकर वाहन पर गिरा। तार गिरने की आवाज सुनकर कंपनी के अन्य कर्मचारी मौके पर पहुंचे। इसके बाद ट्रेलर को बाहर निकालकर घायल मजदूर को प्राथमिक उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया।
पुलिस की मौजूदगी में हुआ समझौता, परिवार को 25 लाख की सहायता
परिजनों के विरोध और हंगामे की सूचना पर जामुल पुलिस मौके पर पहुंची। थाना प्रभारी राकेश खुटेश्वर की मौजूदगी में कंपनी प्रबंधन और मृतक के परिजनों के बीच चर्चा हुई। बातचीत के बाद दोनों पक्षों के बीच सहमति बनी।
समझौते के तहत कंपनी प्रबंधन ने मृतक के पिता, पत्नी और बच्चों को कुल 25 लाख रुपये मुआवजा देने की बात कही है। इसके अलावा मृतक की पत्नी सुमन महतो को बच्चों के पालन-पोषण और शिक्षा के लिए प्रतिमाह 15 हजार रुपये देने पर भी सहमति बनी। इस आश्वासन के बाद परिजन वापस लौट गए।
मर्ग कायम कर जांच में जुटी पुलिस
जामुल थाना प्रभारी राकेश खुटेश्वर ने बताया कि मामले में मर्ग कायम कर जांच की जा रही है। हादसे के कारणों और संभावित जिम्मेदारी की जांच के बाद आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

