AI से बनाई युवतियों की तस्वीरें दिखाकर करते थे ठगी, फर्जी मैरिज ब्यूरो का भंडाफोड़

AI से बनाई युवतियों की तस्वीरें दिखाकर करते थे ठगी, फर्जी मैरिज ब्यूरो का भंडाफोड़


🛑फेसबुक-इंस्टाग्राम पर तीन नामों से चला रहे थे फर्जी मैट्रिमोनी सेंटर, शादी का झांसा देकर देशभर के लोगों से वसूलते थे पैसे

🛑22 कीपैड मोबाइल, 4 स्मार्टफोन और ₹1.64 लाख नकद जब्त, संचालक गिरफ्तार

भिलाईनगर, 30 अक्टूबर 2026। शादी के इच्छुक लोगों को मनपसंद जीवनसाथी दिलाने का झांसा देकर साइबर ठगी करने वाले फर्जी मैरिज ब्यूरो का सुपेला पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस मामले में सेंटर संचालित करने वाले 24 वर्षीय आरोपी परमानंद यादव को गिरफ्तार किया है। आरोपी फेसबुक और इंस्टाग्राम पर AI से तैयार काल्पनिक युवतियों की तस्वीरें लगाकर मैरिज ब्यूरो का प्रचार करता था। इसके बाद देश के विभिन्न राज्यों के लोगों को फोन कर शादी कराने के नाम पर शुरुआती तौर पर 2 हजार रुपये और अन्य रकम ऑनलाइन जमा कराई जाती थी। पैसे मिलते ही संबंधित ग्राहकों के मोबाइल नंबर ब्लैकलिस्ट कर संपर्क बंद कर दिया जाता था।

पुलिस के मुताबिक, 29 अक्टूबर को मुखबिर से सूचना मिली थी कि सुपेला थाना क्षेत्र के उत्तर गंगोत्री भवन में यूनियन बैंक के पास स्थित एक परिसर में एलिट मैच मैट्रिमोनी के नाम से फर्जी मैरिज ब्यूरो संचालित किया जा रहा है। यहां कॉल सेंटर के माध्यम से फर्जी सिम कार्ड और म्यूल बैंक खातों का इस्तेमाल कर लोगों से ऑनलाइन ठगी की जा रही है। सूचना पर सुपेला पुलिस की टीम ने गवाहों के साथ मौके पर दबिश दी। वहां संचालक परमानंद यादव के साथ चार युवतियां काम करती मिलीं।

तीन नामों से सोशल मीडिया पर फैला रखा था जाल

जांच में सामने आया कि आरोपी फेसबुक और इंस्टाग्राम पर ‘फ्यूचर पार्टनर’, ‘कल्याण मैट्रिमोनी’ और ‘एलिट मैच मैट्रिमोनी’ के नाम से मैरिज ब्यूरो का प्रचार करता था। इसके लिए AI तकनीक से काल्पनिक युवतियों की तस्वीरें तैयार कर सोशल मीडिया पर अपलोड की जाती थीं। विवाह के इच्छुक लोग इन प्रोफाइल को देखकर संपर्क करते और फोन पर बातचीत के बाद अपना बायोडाटा भेजते थे।

इसके बाद आरोपी मैरिज काउंसलर के नाम पर इस्तेमाल किए जा रहे बैंक खातों के QR कोड भेजकर पसंद की लड़की से विवाह कराने का भरोसा दिलाता था। शुरुआत में 2 हजार रुपये जमा कराए जाते थे। अलग-अलग बहानों से अन्य रकम भी वसूली जाती थी। रकम खाते में पहुंचते ही ग्राहकों के मोबाइल नंबर ब्लैकलिस्ट कर दिए जाते थे।

नौकरी का झांसा देकर युवतियों से करवा रहे थे कॉलिंग

पुलिस की पूछताछ में मौके पर मौजूद चार युवतियों ने बताया कि उन्हें अच्छी कंपनी में नौकरी देने का झांसा देकर बुलाया गया था। उन्हें 7 हजार रुपये प्रतिमाह वेतन देने का आश्वासन दिया गया और दो दिन का प्रशिक्षण भी दिया गया था। इसके बाद उन्हें मैरिज काउंसलर के रूप में ग्राहकों से बातचीत करने और QR कोड के माध्यम से भुगतान प्राप्त करने का काम सौंपा गया था।

प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह पिछले करीब तीन महीने से यह फर्जी कॉल सेंटर चला रहा था। यहां प्रतिदिन लगभग 20 से 50 कॉल किए और प्राप्त किए जाते थे। पुलिस को विभिन्न बैंक खातों से संबंधित दस्तावेज भी मिले हैं। जांच में भारत सरकार के समन्वय पोर्टल पर इन खातों के विरुद्ध साइबर धोखाधड़ी की शिकायतें दर्ज होने की जानकारी सामने आई है।

2.83 लाख रुपये से अधिक का सामान जब्त

पुलिस ने मौके से 22 कीपैड मोबाइल, 4 एंड्रॉयड मोबाइल, कुल 16 सिम कार्ड, कंप्यूटर सेट, इंटरनेट वाई-फाई, विभिन्न बैंकों की पासबुक एवं चेकबुक, QR कोड, मैरिज ब्यूरो के प्रचार संबंधी फ्लेक्स और ग्राहकों के मोबाइल नंबर व भुगतान का हिसाब रखने वाले रजिस्टर जब्त किए हैं। इसके अलावा 1 लाख 64 हजार रुपये नकद भी बरामद किए गए हैं।

पुलिस के अनुसार, जब्त सामग्री की कुल कीमत 2 लाख 83 हजार 600 रुपये है।

आरोपी न्यायिक रिमांड पर भेजा गया

मामले में थाना सुपेला में अपराध क्रमांक 1630/2026 के तहत धारा 317(2), 319(2) बीएनएस में अपराध दर्ज किया गया है। गिरफ्तार आरोपी परमानंद यादव (24 वर्ष), निवासी ग्राम ओटेबंद, थाना नंदिनी, अहिवारा, जिला दुर्ग तथा वर्तमान निवासी नेहरू नगर ईस्ट को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।

इस कार्रवाई में थाना प्रभारी सुपेला निरीक्षक एस.एन. सिंह, उप निरीक्षक खेलन साहू, नमिता टेकाम, मिथलेश साहू एवं संतोष निर्मलकर की विशेष भूमिका रही।

दुर्ग पुलिस ने लोगों से की सतर्क रहने की अपील

दुर्ग पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि सोशल मीडिया पर दिखने वाले मैरिज ब्यूरो और विवाह संबंधी विज्ञापनों की सत्यता जांचे बिना भरोसा न करें। शादी के नाम पर मांगी जाने वाली रजिस्ट्रेशन फीस, प्रोफाइल फीस या किसी भी प्रकार की अग्रिम राशि जमा करने से पहले संस्था की विश्वसनीयता की पुष्टि जरूर करें।

पुलिस ने यह भी चेताया है कि AI से बनाई गई काल्पनिक तस्वीरों और फर्जी प्रोफाइल से सावधान रहें। किसी अनजान व्यक्ति को अपना आधार कार्ड, बैंक विवरण, ओटीपी या पासवर्ड साझा न करें। नौकरी अथवा कमीशन के लालच में अपना बैंक खाता, सिम कार्ड या QR कोड किसी दूसरे व्यक्ति को इस्तेमाल के लिए न दें।

ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी होने पर तत्काल साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें या www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराएं।