ED की 15 घंटे चली छापेमारी खत्म, 5 लाख रुपये कैश जब्त कर लौटीं टीमें

ED की 15 घंटे चली छापेमारी खत्म, 5 लाख रुपये कैश जब्त कर लौटीं टीमें


🛑 दुर्ग में गुलशन बघेल और रायपुर में नितिन डागा के ठिकानों पर कार्रवाई, दस्तावेज और डिजिटल डिवाइस भी ले गई टीम

सीजी न्यूज ऑनलाइन, 27 अक्टूबर 2026। छत्तीसगढ़ में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की दुर्ग और रायपुर में चल रही छापेमारी की कार्रवाई 15 घंटे से अधिक समय बाद समाप्त हो गई। जानकारी के मुताबिक, ईडी की टीमें विभिन्न ठिकानों पर जांच के बाद दस्तावेज, डिजिटल डिवाइस और करीब 5 लाख रुपये नकद लेकर लौटी हैं। दुर्ग में कारोबारी गुलशन बघेल और रायपुर में कारोबारी नितिन डागा से जुड़े ठिकानों पर ईडी ने दबिश दी थी।

सुबह 6 बजे पहुंची थी ईडी की टीम

रायपुर के रवि नगर-पंडरी क्षेत्र स्थित सुशील विला में कारोबारी नितिन डागा के निवास पर ईडी की टीम सुबह करीब 6 बजे पहुंची थी। टीम के साथ सीआरपीएफ के जवान भी मौजूद थे। नितिन डागा का आरंग में सराफा शोरूम है। उनका परिवार क्षेत्र में बड़े भू-स्वामियों में गिना जाता है।

सूत्रों के मुताबिक, जांच में नितिन डागा और उनके परिजनों से जुड़ी जमीन की खरीद-बिक्री के मामलों पर ध्यान केंद्रित किया गया। इस कार्रवाई को भारतमाला परियोजना से जुड़े कथित घोटाले के संदर्भ में भी देखा जा रहा है। हालांकि, इस संबंध में ईडी की ओर से आधिकारिक पुष्टि की जानकारी सामने नहीं आई है।

दुर्ग में गुलशन बघेल के ठिकानों पर भी जांच

ईडी की दूसरी टीम ने दुर्ग में कारोबारी गुलशन बघेल से जुड़े ठिकानों पर कार्रवाई की। गुलशन बघेल की बघेल कॉर्पोरेट प्राइवेट लिमिटेड नामक कंपनी होने के साथ परिवहन व्यवसाय से जुड़े होने की भी जानकारी है।

बताया जा रहा है कि गुलशन बघेल के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े मामले में जांच की जा रही है। उन पर कथित तौर पर पूर्व मुख्यमंत्री का करीबी होने का दावा कर सरकारी काम कराने के नाम पर रुपये वसूलने के आरोप हैं। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

दस्तावेज और डिजिटल उपकरणों की जांच

लंबी चली कार्रवाई के दौरान ईडी की टीमों ने संबंधित ठिकानों पर दस्तावेजों और डिजिटल उपकरणों की जांच की। कार्रवाई के बाद करीब 5 लाख रुपये नकद जब्त किए जाने की जानकारी सामने आई है। टीमों द्वारा ले जाए गए दस्तावेजों और डिजिटल डिवाइस की जांच के बाद ही मामले से जुड़े तथ्यों और संभावित वित्तीय लेनदेन की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

फिलहाल, ईडी की ओर से जब्ती, जांच के दायरे और आगे की कार्रवाई को लेकर विस्तृत आधिकारिक बयान सामने आने का इंतजार है।