स्वदेशी व्यापारी मंच के प्रदेश संगठक बने अजय भसीन, गार्गी शंकर मिश्रा को सह-संगठक की जिम्मेदारी

स्वदेशी व्यापारी मंच के प्रदेश संगठक बने अजय भसीन, गार्गी शंकर मिश्रा को सह-संगठक की जिम्मेदारी


🛑छत्तीसगढ़ के 21 उद्यमियों एवं व्यापारियों को मिला ‘छत्तीसगढ़ व्यापार रत्न’ सम्मान, स्वदेशी विचारधारा को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प

भिलाईनगर, 24 अक्टूबर 2026। स्वदेशी, आत्मनिर्भरता और आर्थिक सशक्तीकरण के अभियान को नई गति देने के उद्देश्य से स्वदेशी जागरण मंच के अंतर्गत स्वदेशी व्यापारी मंच की प्रदेश स्तरीय जिम्मेदारियों की घोषणा की गई। अजय भसीन को स्वदेशी व्यापारी मंच का प्रदेश संगठक तथा गार्गी शंकर मिश्रा को सह-संगठक नियुक्त किया गया। इस अवसर पर 21 सदस्यों की टीम भी घोषित की गई। कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाले 21 व्यापारियों एवं उद्यमियों को ‘छत्तीसगढ़ व्यापार रत्न’ सम्मान से सम्मानित किया गया।

होटल अमित पार्क में आयोजित कार्यक्रम में स्वदेशी जागरण मंच के राष्ट्रीय सह-संगठक सतीश कुमार ने कहा कि स्वदेशी का उद्देश्य केवल भारतीय उत्पादों को अपनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि देश के उद्योगों, व्यापारियों, श्रमिकों, कारीगरों, किसानों और उद्यमियों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना भी है। उन्होंने स्वदेशी विचारधारा को जन-जन तक पहुंचाने और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में समाज की सक्रिय भागीदारी पर जोर दिया।

विभिन्न क्षेत्रों की विभूतियों को मिला सम्मान

कार्यक्रम में शिक्षा, उद्योग, व्यापार और अन्य क्षेत्रों में संघर्ष के बल पर अपनी पहचान स्थापित करने वाली हस्तियों को ‘छत्तीसगढ़ व्यापार रत्न’ सम्मान प्रदान किया गया। सम्मानित व्यक्तियों में शिक्षा जगत से आई.पी. मिश्रा और संतोष रुंगटा, उद्योग जगत से सुंदर बंसल, दिनकर बासोटिया, सुरेश जैन, निलाद्री शाह, अजीत सिंह और संतोष अग्रवाल शामिल रहे।

इसके अलावा कैलाश बत्रा, सुनील बालानी, महेश दरयानी, विक्की लोहाना, अनिल शर्मा, सुनील मध्यानी, कांतिलाल बोथरा, प्रकाश सांखला, जितेंद्र नाहर, सुभाष अग्रवाल, श्रीचंद बत्रा और सीए प्रदीप पाल को भी सम्मानित किया गया। इन सभी को उनके संघर्ष, उपलब्धियों और अपने-अपने क्षेत्रों में योगदान के लिए सम्मान प्रदान किया गया।

नौ विभागों के माध्यम से स्वदेशी अभियान को विस्तार

स्वदेशी जागरण मंच अपने विभिन्न विभागों के माध्यम से देश में स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने, स्थानीय व्यापार को मजबूत करने, युवाओं को राष्ट्र निर्माण से जोड़ने और भारतीय उद्योगों की क्षमताओं को प्रोत्साहित करने की दिशा में काम कर रहा है।

स्वदेशी व्यापारी मंच: व्यापारियों को स्वदेशी विचारधारा से जोड़ना, स्थानीय बाजारों को प्रोत्साहित करना और व्यापारियों की समस्याओं के समाधान के लिए प्रयास करना।

यंग जनरेशन भारत (Young Generation Bharat): युवाओं में नेतृत्व क्षमता विकसित कर उन्हें राष्ट्र निर्माण के कार्यों से जोड़ना।

स्वदेशी वित्त सलाहकार परिषद: चार्टर्ड अकाउंटेंट, वित्तीय सलाहकारों और वित्त क्षेत्र के पेशेवरों को एक मंच पर लाकर स्वदेशी अर्थव्यवस्था को मजबूती देना।

भारत ग्लोबल इंडस्ट्रीज फोरम: भारतीय उद्योगों, तकनीकी क्षमताओं, औद्योगिक नवाचार और स्वदेशी तकनीक को प्रोत्साहित करना।

स्वदेशी उत्पाद प्रमाणीकरण परिषद: स्वदेशी उत्पादों की पहचान और प्रमाणीकरण के माध्यम से भारतीय उत्पादों के प्रति विश्वास बढ़ाना।

सहकार भारती: सहकारिता के माध्यम से छोटे व्यापारियों, उत्पादकों और उद्यमियों को संगठित कर आर्थिक सशक्तीकरण को बढ़ावा देना।

स्वदेशी मेला: स्वदेशी उत्पादों, हस्तशिल्प, कुटीर उद्योगों और स्थानीय उद्यमियों को अपने उत्पादों के प्रदर्शन एवं बिक्री के लिए मंच उपलब्ध कराना।

मंच के अन्य विभाग भी अपने निर्धारित उद्देश्यों के अनुरूप स्वदेशी विचारधारा, आर्थिक जागरूकता और आत्मनिर्भरता के अभियान को आगे बढ़ाने में योगदान दे रहे हैं।

स्वदेशी अपनाने से मजबूत होगी देश की अर्थव्यवस्था

कार्यक्रम में स्वदेशी को देश की आर्थिक और सांस्कृतिक शक्ति का आधार बताते हुए भारतीय उत्पादों को प्राथमिकता देने, स्थानीय उद्यमियों को प्रोत्साहित करने और देश में निर्मित वस्तुओं के प्रति जागरूकता बढ़ाने का संदेश दिया गया। आयोजकों ने कहा कि स्वदेशी के माध्यम से स्थानीय रोजगार, व्यापार और उत्पादन को मजबूती देकर आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को साकार किया जा सकता है।

कार्यक्रम की जानकारी जनसंपर्क अधिकारी शंकर सचदेव एवं निरंकार सिंह ने दी।