🛑अंग्रेजी में संवाद कौशल निखारने शिक्षकों को दिया प्रशिक्षण, जनजातीय क्षेत्रों के विद्यार्थियों को मिलेगा लाभ, दुर्ग में संभाग स्तरीय कार्यशाला आयोजित
दुर्ग, 22 अक्टूबर 2026। जनजातीय क्षेत्रों के विद्यार्थियों में अंग्रेजी भाषा के संचार कौशल को मजबूत बनाने और उनका आत्मविश्वास बढ़ाने के उद्देश्य से शासकीय विश्वनाथ यादव तामस्कर स्नातकोत्तर स्वशासी महाविद्यालय (साइंस कॉलेज), दुर्ग में संभाग स्तरीय शिक्षक-प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित की गई। छत्तीसगढ़ शासन के उच्च शिक्षा विभाग की इस पहल के तहत 90 घंटे के विशेष अंग्रेजी पाठ्यक्रम के प्रभावी संचालन के लिए विभिन्न जिलों से पहुंचे प्राध्यापकों को प्रशिक्षण दिया गया।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में जनजातीय विद्यार्थियों के शैक्षणिक एवं व्यक्तित्व विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से संचालित इस योजना का लक्ष्य विद्यार्थियों को अंग्रेजी सुनने, समझने, बोलने और अपने विचार स्पष्ट रूप से व्यक्त करने में सक्षम बनाना है। कार्यशाला का आयोजन रूसा और आरक्यूआईएसीसी के सहयोग से किया गया।
अंग्रेजी बोलने की झिझक होगी दूर
राज्य समन्वयक डॉ. सोमाली गुप्ता, प्राचार्य शासकीय महाविद्यालय अर्जुन्दा ने बताया कि 90 घंटे के विशेष पाठ्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों के संवाद कौशल और आत्मविश्वास को विकसित करने पर जोर दिया जा रहा है। पाठ्यक्रम में व्यावहारिक अभ्यास के जरिए विद्यार्थियों को अंग्रेजी में बातचीत करने, कक्षा की गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी निभाने, समूह चर्चा करने और प्रस्तुतियां देने के लिए तैयार किया जाएगा।
इससे विद्यार्थियों को आगे चलकर साक्षात्कार का सामना करने और अपनी बात प्रभावी ढंग से रखने में भी मदद मिलेगी।
गतिविधि आधारित शिक्षण पर जोर
रूसा के परियोजना संचालक डॉ. एम.एस. गुप्ता के अनुसार, पाठ्यक्रम का मुख्य उद्देश्य अंग्रेजी भाषा के व्यावहारिक उपयोग की क्षमता विकसित करना है। कार्यशाला में शिक्षकों को गतिविधि आधारित शिक्षण पद्धतियों और कक्षा में अपनाई जा सकने वाली तकनीकों का प्रशिक्षण दिया गया, ताकि वे अपने-अपने महाविद्यालयों में पाठ्यक्रम का प्रभावी क्रियान्वयन कर सकें।
जनजातीय क्षेत्रों के विद्यार्थियों की भाषाई एवं सामाजिक पृष्ठभूमि को ध्यान में रखते हुए सरल, समावेशी और व्यवहारिक शिक्षण पद्धतियों पर विशेष ध्यान दिया गया। संवाद अभ्यास, समूह गतिविधियों, भूमिका-अभिनय और दैनिक जीवन से जुड़े उदाहरणों के माध्यम से विद्यार्थियों की अंग्रेजी बोलने की झिझक दूर करने तथा उनमें आत्मविश्वास विकसित करने की रणनीतियां बताई गईं।

विभिन्न जिलों के प्राध्यापकों ने लिया प्रशिक्षण
कार्यशाला में अपर संचालक, उच्च शिक्षा दुर्ग संभाग डॉ. अनुपमा अस्थाना, संयुक्त संचालक रूसा डॉ. एम.एस. गुप्ता, मास्टर ट्रेनर डॉ. तंजीम आरा खान और सुश्री पुण्यप्रदा सिंह सहित विभिन्न जिलों के प्रतिभागी प्राध्यापक उपस्थित रहे। दुर्ग संभाग के मोहला-मानपुर, अंबागढ़ चौकी, बालोद और दल्लीराजहरा सहित विभिन्न क्षेत्रों के प्रतिभागियों ने प्रशिक्षण में हिस्सा लिया।
महाविद्यालय के मीडिया प्रभारी डॉ. प्रशांत श्रीवास्तव ने बताया कि कार्यशाला के आयोजन में अंग्रेजी विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. मर्सी जॉर्ज और डॉ. तरलोचन कौर संधू का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
उच्च शिक्षा में समान अवसर को मिलेगा बढ़ावा
डॉ. सोमाली गुप्ता ने बताया कि राज्य शासन की इस योजना के प्रभावी क्रियान्वयन से उच्च शिक्षा में समान अवसर और समावेशिता को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही जनजातीय क्षेत्रों के विद्यार्थियों के संचार कौशल, आत्मविश्वास और व्यक्तित्व विकास को नई दिशा मिलेगी।
इस पहल के जरिए विद्यार्थियों को भाषा संबंधी झिझक से बाहर निकालकर शिक्षा, रोजगार और भविष्य की प्रतिस्पर्धाओं के लिए अधिक सक्षम बनाने का प्रयास किया जा रहा है।

