लव जिहाद मामले में पुलिस ने 2 महिलाओं को किया गिरफ्तार अब तक इस मामले में कुल 5 आरोपियों हो चुकी है गिरफ्तारी
भिलाई नगर 4 सितंबर । भिलाई शहर में लव जिहाद के मामले में छावनी पुलिस के द्वारा अब तक पीड़िता की शिकायत पर 5 आरोपियों की गिरफ्तारी की गई है। जिसमें 3 पुरुष एवं 2 महिलाएं शामिल है। मामले में पीड़ित युवती का आरोप है की प्रेम विवाह करने के बाद आरोपी ने उसे जबरिया गो मांस खिलाया। परिवार वालों की बात न मानने पर उससे क्रूरता की गई। आरोपित पति ने उससे अप्राकृतिक यौनाचार भी किया। हालांकि दुर्ग पुलिस द्वारा इस मामले को लव जिहाद से जोड़ कर नही देखा जा रहा है। लेकिन आरोपी के विरुद्ध प्रताड़ना के अतिरिक्त छत्तीसगढ़ धर्म स्वातंत्रय अधिनियम 1968 की धारा 4 के तहत अपराध दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया गया है।
पीड़ित युवती 31 अगस्त को छावनी पुलिस के समक्ष अपनी पीड़ा लेकर पहुँची ये वही युवती है जिसके साथ मोहम्मद अकबर नाम के युवक ने शादी का प्रलोभन देकर लगातार उसे प्रताड़ित कर रहा था। मौका देखकर मोहम्मद अकबर के घर से भागकर जब पीड़िता पुलिस की शरण मे पहुँची। तब उसने आप बीती को लेकर थाने में नामजद बयान दर्ज कराया है।पीड़िता का कहना है, की दिसबंर 2020 में वह घर से लापता हो गई थी।2021 में वो कैंप-2 निवासी मोहम्मद अकबर से शादी कर ली थी। वहां पर आरोपित और उसके परिवार वालों ने मिलकर उसे इस्लाम धर्म मानने के लिए विवश किया। बात न मानने पर उससे मारपीट की जाती थी। लगातार छह महीनों तक प्रताड़ना झेलने के बाद वह भागकर अपने माता-पिता के पास गई। इसके बाद परिवार वाले उसे लेकर छावनी थाना पहुंचे और घटना की शिकायत की। पुलिस के द्वारा आरोपित मोहम्मद अकबर सहित अन्य के खिलाफ 31 अगस्त को भादवि की धारा 377 498 ए दहेज प्रतिषेध अधिनियम 1961 की धारा 3 एवं छत्तीसगढ़ धर्म स्वतंत्रता अधिनियम 1968 की धारा 4 के तहत मामला पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया था। इसके अलावा छावनी पुलिस के द्वारा दो महिला आरोपियों में मोहम्मद अकबर की मां नेमत खातून एवं खुशबू परवीन को कल गिरफ्तार कर आज न्यायालय में पेश किया गया है। इस प्रकार से इस पूरे लव जिहाद के मामले में 5 आरोपियों की गिरफ्तारी पुलिस के द्वारा की जा चुकी है।
छावनी पुलिस ने कार्यवाही करते हुए तीन पुरुषों में पति मोहम्मद अकबर , मोहम्मद मकबूल मोहम्मद मार्गब को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड में भेज दिया गया। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक संजय कुमार ध्रुव का कहना है कि पीड़िता के धार्मिक स्वतंत्रता को बाध्य करने पर उसके विरुद्ध कार्यवाही की गईं है।

