गुंडा बदमाश मनीष माण्डले जिला बदर, 7 जिलों में एक साल तक प्रवेश प्रतिबंधित

गुंडा बदमाश मनीष माण्डले जिला बदर, 7 जिलों में एक साल तक प्रवेश प्रतिबंधित


🔴2013 से अब तक मारपीट, छेड़छाड़ और आबकारी एक्ट के 8 मामले दर्ज; 2018 में भी हो चुका है जिला बदर

दुर्ग, 24 सितंबर 2026। लगातार आपराधिक गतिविधियों और पूर्व में की गई प्रतिबंधात्मक कार्रवाई के बावजूद सुधार नहीं होने पर दुर्ग पुलिस की रिपोर्ट के आधार पर जिला दंडाधिकारी अभिजीत सिंह ने पुलगांव थाना क्षेत्र के गुंडा बदमाश मनीष माण्डले के खिलाफ जिला बदर की कार्रवाई की है। छत्तीसगढ़ राज्य सुरक्षा अधिनियम, 1990 की धारा 5 के तहत जारी आदेश के अनुसार मनीष माण्डले को एक वर्ष तक दुर्ग समेत 7 जिलों की सीमाओं में बिना अनुमति प्रवेश करने पर प्रतिबंध लगाया गया है।

मनीष माण्डले निवासी नागदेवता चौक, नगपुरा, चौकी नगपुरा, थाना पुलगांव को आदेश जारी होने की तारीख से एक सप्ताह के भीतर दुर्ग, रायपुर, बेमेतरा, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई, राजनांदगांव, बालोद और धमतरी जिले की सीमाओं से बाहर चले जाने के निर्देश दिए गए हैं। इसके बाद एक वर्ष की अवधि तक जिला दंडाधिकारी की पूर्व अनुमति के बिना इन जिलों में प्रवेश नहीं कर सकेगा।

2013 से दर्ज हैं 8 आपराधिक मामले

पुलिस के मुताबिक मनीष माण्डले के खिलाफ वर्ष 2013 से अब तक मारपीट के 6, महिला से छेड़छाड़ का 1 और आबकारी एक्ट का 1 मामला, यानी कुल 8 प्रकरण दर्ज हैं। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार उसके खिलाफ पहला मामला वर्ष 2013 में दर्ज हुआ था। इसके बाद 2015, 2016, 2018, 2021, 2023 और 2025 में भी अलग-अलग आपराधिक प्रकरण दर्ज हुए।

पुलिस ने बताया कि आपराधिक गतिविधियों पर नियंत्रण के लिए माण्डले को गुंडा बदमाश सूची में शामिल कर निगरानी रखी गई। इसके अलावा अपराधों की पुनरावृत्ति रोकने के लिए समय-समय पर प्रतिबंधात्मक कार्रवाई करते हुए न्यायालय में इस्तगासा भी प्रस्तुत किए गए।

2018 में भी हो चुका है जिला बदर

मनीष माण्डले के खिलाफ पूर्व में भी जिला बदर की कार्रवाई की जा चुकी है। पुलिस के अनुसार 12 नवंबर 2018 को जिला दंडाधिकारी, दुर्ग के आदेश से उसे जिला बदर किया गया था। इसके बावजूद बाद के वर्षों में उसके खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज होते रहे। वर्ष 2025 और 2026 में भी प्रतिबंधात्मक प्रकरणों में न्यायालय में इस्तगासा प्रस्तुत किए जाने के बाद पुलिस ने दोबारा जिला बदर की कार्रवाई के लिए प्रकरण तैयार किया।

पुलिस की रिपोर्ट पर हुई कार्रवाई

पुलिस ने मनीष माण्डले का आपराधिक चार्ट, जरायम सूची और संबंधित दस्तावेज जिला दंडाधिकारी के समक्ष प्रस्तुत किए। प्रकरण में अभियोजन साक्षियों को नोटिस जारी कर उनके कथन भी दर्ज किए गए। उपलब्ध अभिलेखों और साक्ष्यों के परीक्षण के बाद जिला दंडाधिकारी ने 24 सितंबर 2026 को एक वर्ष के लिए जिला बदर का आदेश जारी किया।

इन 7 जिलों में प्रवेश पर रोक

जिला बदर आदेश के तहत मनीष माण्डले को इन जिलों की सीमाओं में बिना अनुमति प्रवेश पर रोक रहेगी—

  • दुर्ग
  • रायपुर
  • बेमेतरा
  • खैरागढ़-छुईखदान-गंडई
  • राजनांदगांव
  • बालोद
  • धमतरी

पुलिस के अनुसार कार्रवाई का उद्देश्य लगातार आपराधिक गतिविधियों पर नियंत्रण रखना और क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखना है।

पुलगांव पुलिस की भूमिका

कार्रवाई में थाना पुलगांव के थाना प्रभारी गुरविंदर सिंह संधू और चौकी नगपुरा के उप निरीक्षक खेलन सिंह साहू की भूमिका रही। पुलिस टीम द्वारा आपराधिक अभिलेख एवं संबंधित दस्तावेज तैयार कर प्रस्तुत किए गए तथा अभियोजन साक्षियों के कथन भी अभिलिखित कराए गए।

दुर्ग पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि किसी व्यक्ति द्वारा लगातार मारपीट, धमकी, छेड़छाड़ या कानून-व्यवस्था प्रभावित करने वाली गतिविधियां किए जाने की जानकारी तत्काल पुलिस को दें, ताकि सूचना के आधार पर नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की जा सके।