पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल एवं उनके काफिले परपथराव एवं एसिड अटैक असम सरकार कीअक्षमता : मुकेश चंद्राकर

पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल एवं उनके काफिले परपथराव एवं एसिड अटैक असम सरकार कीअक्षमता : मुकेश चंद्राकर


🔴उपचुनाव में हार को देखते हुए भाजपाई बौखलाए, दोषियों के विरुद्ध हो कार्रवाई हो

भिलाईनगर, 22 सितंबर 2026। जिला कांग्रेस कमेटी भिलाई के अध्यक्ष मुकेश चंद्राकर ने असम में चुनाव प्रचार के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री एवं असम के प्रभारी भूपेश बघेल एवं उनके काफिले पर किए गए पथराव व एसिड अटैक की निंदा करते हुए इसे असम सरकार की अक्षमता बताया है। श्री चंद्राकर ने कहा कि उपचुनाव में कांग्रेस की जीत को देखते हुए वहां के मुख्यमंत्री बौखला गए हैं और तथाकथित गुंडों के माध्यम से कांग्रेस के बड़े नेताओं पर हमला करवा रहे हैं। प्रशासन को पूरी जानकारी होने के बावजूद इस तरह की घटना से स्पष्ट है कि वहां की पुलिस की भूमिका संदिग्ध है।

श्री चंद्राकर ने कहा कि चुनाव प्रचार के लिए तय रूट की जानकारी प्रशासन को होने के बावजूद सैकड़ों की संख्या में भाजपाई गुंडों ने न केवल काले झंडे दिखाये बल्कि पथराव किया और एसिड फेंका। इस हमले में कई कार के शीशे टूट गए। पूर्व मुख्यमंत्री सहित असम के बड़े कांग्रेस नेता बाल बाल बचे। युवक कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने काफिले को घेर कर बाहर निकाला अन्यथा बड़ी घटना घट सकती थी।

श्री चंद्राकर ने कहा कि भाजपा सरकार भीड़तंत्र के सहारे लोकतंत्र पर हमला कर रही है। उपचुनाव में अपनी तथाकथित हार को देखते हुए भाजपाई बौखलाए हुए हैं और इस तरह की घटिया हरकतें कर रहे हैं। श्री चंद्राकर ने कहा कि इस हमले की जानकारी वहां के प्रशासन को देने के बावजूद प्रशासन ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया। क्योंकि काफिले के वापसी के दौरान भी पुनः काले झंडे दिखाए गए और पथराव किया गया।

श्री चंद्राकर ने इस घटना को अत्यंत दुर्भाग्यजनक बताते हुए इसकी पूरी जांच की मांग की है ताकि दोषी लोगों की पहचान हो और उन पर सख्त कार्रवाई हो। उन्होंने प्रशासन से मांग की है भविष्य में इस तरह की घटना ना हो इसकी समुचित व्यवस्था की जाए और कांग्रेस के नेताओं को चुनाव प्रचार के दौरान पूरी सुरक्षा दी जाए। कांग्रेस ने इस घटना को काफी गंभीरता से लिया है और यदि प्रशासन ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की तो कांग्रेस के कार्यकर्ता सड़कों पर उतर जाएंगे जिससे टकराव की स्थिति पैदा होगी जो कि लोकतंत्र के लिए सही नहीं है।