सेवानिवृत्त प्राध्यापकों की पेंशन बंद करने पर कांग्रेस का सरकार पर हमला

सेवानिवृत्त प्राध्यापकों की पेंशन बंद करने पर कांग्रेस का सरकार पर हमला


🔴मुकेश चंद्राकर बोले- 400 से अधिक पेंशनरों के साथ अन्याय, आदेश वापस नहीं हुआ तो सड़क से सदन तक आंदोलन की चेतावनी

भिलाईनगर, 20 सितंबर 2026। अनुदानित अशासकीय महाविद्यालयों के सेवानिवृत्त प्राध्यापकों और तृतीय-चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की पेंशन बंद किए जाने के मुद्दे को लेकर जिला कांग्रेस कमेटी भिलाई ने राज्य सरकार पर निशाना साधा है। जिला कांग्रेस अध्यक्ष मुकेश चंद्राकर ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार के 1 सितंबर से लागू किए गए आदेश के कारण 400 से अधिक सेवानिवृत्त प्राध्यापक एवं कर्मचारी प्रभावित हुए हैं।

मुकेश चंद्राकर ने इसे बुजुर्ग पेंशनरों के प्रति सरकार का असंवेदनशील रवैया बताते हुए कहा कि इन कर्मचारियों को पिछले करीब 37 वर्षों से पेंशन और ग्रेच्युटी का लाभ मिलता रहा है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2010 में तत्कालीन भाजपा सरकार के कार्यकाल में भी पांचवें वेतनमान में पेंशन और चौथे वेतनमान में ग्रेच्युटी की व्यवस्था को मान्यता दी गई थी।

हाईकोर्ट के आदेशों का हवाला देते हुए सरकार पर लगाए आरोप

कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने दावा किया कि पेंशन के अधिकार को लेकर उच्च न्यायालय में हुए मामलों में सेवानिवृत्त प्राध्यापकों और कर्मचारियों के पक्ष में निर्णय आए हैं तथा राज्य सरकार की याचिकाएं भी खारिज हुई हैं। उनका आरोप है कि इसके बावजूद सरकार ने 22 अगस्त को हुई मंत्रिमंडल की बैठक में पेंशन बंद करने का निर्णय लिया।

चंद्राकर ने कहा कि पेंशन बंद होने से बुजुर्ग सेवानिवृत्त प्राध्यापक और कर्मचारी आर्थिक परेशानियों का सामना कर रहे हैं। उन्होंने सरकार से मांग की कि 1 सितंबर का आदेश तत्काल वापस लिया जाए और पेंशन व्यवस्था पूर्ववत लागू की जाए।

जुलाई-अगस्त की बकाया पेंशन के भुगतान की मांग

जिला कांग्रेस कमेटी ने सेवानिवृत्त प्राध्यापकों एवं कर्मचारियों की कथित रूप से लंबित पेंशन का शीघ्र भुगतान करने की मांग की है। कांग्रेस का कहना है कि जुलाई और अगस्त की रुकी हुई पेंशन भी संबंधित पेंशनरों के खातों में जल्द जमा की जानी चाहिए।

मुकेश चंद्राकर ने सरकार से न्यायालय के फैसलों का सम्मान करने तथा सेवानिवृत्त कर्मचारियों को अनावश्यक कानूनी प्रक्रिया में उलझाने के बजाय उनकी पेंशन बहाल करने की मांग की।

आदेश वापस नहीं हुआ तो आंदोलन की चेतावनी

कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने सेवानिवृत्त प्राध्यापकों और कर्मचारियों के अधिकारों को जल्द बहाल नहीं किया, तो कांग्रेस पार्टी सेवानिवृत्त प्राध्यापक संघ के समर्थन में सड़क से लेकर सदन तक आंदोलन करेगी।

उन्होंने कहा कि बुजुर्ग पेंशनरों के हितों से जुड़े इस मामले का जल्द समाधान किया जाना चाहिए।