साइबर ठगी व ऑनलाइन सट्टे के वित्तीय नेटवर्क पर दुर्ग पुलिस का बड़ा प्रहार, 3162 म्यूल खातों की पहचान

साइबर ठगी व ऑनलाइन सट्टे के वित्तीय नेटवर्क पर दुर्ग पुलिस का बड़ा प्रहार, 3162 म्यूल खातों की पहचान


दुर्ग, 17 सितंबर 2026। साइबर ठगी और ऑनलाइन सट्टे के जरिए होने वाले अवैध वित्तीय लेन-देन के नेटवर्क पर दुर्ग पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने जिले में ऐसे 3,162 म्यूल बैंक खातों की पहचान की है, जिनका उपयोग साइबर ठगी एवं ऑनलाइन सट्टे से जुड़े वित्तीय लेन-देन में किए जाने की आशंका है। अब तक 63 एफआईआर में 1,668 खातों के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की गई है और इन मामलों में 257 आरोपियों की गिरफ्तारी दर्ज की गई है।

दुर्ग पुलिस के अनुसार विभिन्न साइबर ठगी एवं ऑनलाइन सट्टा प्रकरणों से संबंधित ₹2 करोड़ 75 लाख 50 हजार 91 रुपये की डिस्प्यूट राशि पर होल्ड (फ्रीज) लगाया गया है। इसका उद्देश्य संबंधित धनराशि के आगे हस्तांतरण और निकासी को रोकना है।

578 खातों का सत्यापन, 916 खाते लंबित

पुलिस द्वारा चिन्हित 3,162 म्यूल खातों में से 1,668 खातों पर 63 एफआईआर के माध्यम से कार्रवाई की जा चुकी है। इसके अलावा 578 खातों के संबंध में सत्यापन/इस्तगासा की कार्रवाई की गई है। इन खातों के खाताधारकों और उपलब्ध बैंकिंग जानकारी का परीक्षण किया जा रहा है।

वहीं 916 म्यूल बैंक खाते वर्तमान में लंबित हैं। पुलिस इन खातों से जुड़े बैंकिंग लेन-देन, केवाईसी दस्तावेज, मोबाइल नंबर, यूपीआई ट्रांजेक्शन और अन्य डिजिटल साक्ष्यों का तकनीकी एवं वित्तीय विश्लेषण कर रही है। जांच के आधार पर आगामी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

कमीशन के लालच में उपलब्ध कराए जाते हैं बैंक खाते

दुर्ग पुलिस के मुताबिक साइबर अपराधी और ऑनलाइन सट्टे से जुड़े लोग कमीशन, आसान कमाई या अन्य आर्थिक प्रलोभन देकर लोगों के बैंक खाते हासिल करते हैं। इन खातों का इस्तेमाल साइबर ठगी अथवा अन्य अवैध गतिविधियों से प्राप्त रकम को जमा करने और अलग-अलग बैंक खातों व डिजिटल माध्यमों के जरिए आगे ट्रांसफर करने में किया जाता है।

कुछ मामलों में खाताधारक स्वयं अपना बैंक खाता दूसरे व्यक्ति को उपलब्ध कराते हैं, जबकि कुछ मामलों में खाते का संचालन अन्य व्यक्तियों द्वारा किया जाता है। पुलिस बैंकिंग रिकॉर्ड, केवाईसी, यूपीआई ट्रांजेक्शन और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर रकम के प्रवाह तथा संबंधित व्यक्तियों की भूमिका की जांच कर रही है।

एटीएम, चेकबुक और डिजिटल साक्ष्य भी जब्त

प्रकरणवार कार्रवाई के दौरान पुलिस ने बैंक खातों से संबंधित अभिलेखों के साथ एटीएम कार्ड, चेकबुक, पासबुक, मोबाइल फोन, सिम कार्ड, केवाईसी दस्तावेज और अन्य इलेक्ट्रॉनिक एवं डिजिटल साक्ष्य नियमानुसार जब्त किए हैं।

दुर्ग पुलिस के अनुसार म्यूल खातों की पहचान से लेकर बैंकिंग ट्रांजेक्शन के विश्लेषण, धनराशि के प्रवाह की जांच और संबंधित व्यक्तियों की पहचान तक कार्रवाई चरणबद्ध तरीके से जारी है।

पुलिस की नागरिकों से अपील

दुर्ग पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि कमीशन अथवा आसान कमाई के लालच में अपना बैंक खाता किसी अन्य व्यक्ति को उपलब्ध न कराएं। एटीएम कार्ड, चेकबुक, पासबुक, मोबाइल सिम, ओटीपी, यूपीआई अथवा इंटरनेट बैंकिंग से जुड़ी जानकारी भी किसी दूसरे व्यक्ति के साथ साझा न करें।

यदि कोई व्यक्ति बैंक खाता उपलब्ध कराने या कमीशन के बदले बैंकिंग लेन-देन करने का प्रस्ताव देता है, तो इसकी सूचना तत्काल राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930, राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल अथवा निकटतम पुलिस थाना को देने की अपील की गई है।

दुर्ग पुलिस की कार्रवाई का सार: 3,162 म्यूल बैंक खाते चिन्हित, 63 एफआईआर में 1,668 खातों पर कार्रवाई, 257 गिरफ्तारियां, 578 खातों का सत्यापन/इस्तगासा और 916 खाते जांच के लिए लंबित हैं।