🔴24 धाराओं में दोष सिद्ध; सात धाराओं में मृत्युदंड, अन्य धाराओं में आजीवन कारावास और 10 वर्ष की सजा का उल्लेख
सीजी न्यूज ऑनलाइन, 16 सितंबर 2026। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित झीरम घाटी नक्सली हत्याकांड में करीब 13 साल बाद अदालत ने दोषियों की सजा का ऐलान कर दिया है। जगदलपुर स्थित एनआईए की विशेष अदालत ने मामले में दोषी ठहराए गए सभी 10 आरोपियों को मृत्युदंड की सजा सुनाई है। विशेष न्यायाधीश अजय सिंह राजपूत ने बुधवार को सजा के बिंदु पर फैसला सुनाया।
5 सितंबर 2026 को अदालत ने इन सभी 10 आरोपियों को दोषी करार दिया था। इसके बाद सजा सुनाने के लिए 16 सितंबर की तारीख निर्धारित की गई थी। मामले में कुल 11 आरोपियों के खिलाफ सुनवाई हुई थी, लेकिन ट्रायल के दौरान एक आरोपी की मृत्यु हो गई थी।
24 धाराओं में दोष सिद्ध
प्रकरण में आरोपियों के खिलाफ हत्या, आपराधिक षड्यंत्र, घातक हथियारों के इस्तेमाल, विस्फोटक पदार्थ और गैरकानूनी गतिविधियों सहित कई गंभीर धाराओं में मुकदमा चलाया गया। अभियोजन के अनुसार आरोपियों को IPC, आर्म्स एक्ट, विस्फोटक पदार्थ अधिनियम और UAPA की विभिन्न धाराओं के तहत दोषी ठहराया गया था।
मामले में अभियोजन पक्ष ने 101 गवाहों के बयान अदालत में दर्ज कराए। एनआईए की ओर से मामले में विस्तृत चार्जशीट और दस्तावेजी एवं फोरेंसिक साक्ष्य भी प्रस्तुत किए गए थे।
झीरम घाटी में हुआ था बड़ा नक्सली हमला
25 मई 2013 को कांग्रेस की परिवर्तन यात्रा के दौरान सुकमा से जगदलपुर लौट रहे नेताओं के काफिले पर दरभा क्षेत्र की झीरम घाटी में घात लगाकर हमला किया गया था। हमले में कांग्रेस के तत्कालीन प्रदेश अध्यक्ष नंदकुमार पटेल, पूर्व नेता प्रतिपक्ष महेंद्र कर्मा, पूर्व केंद्रीय मंत्री विद्याचरण शुक्ल, पूर्व विधायक उदय मुदलियार सहित कई नेता, सुरक्षाकर्मी और अन्य लोग मारे गए थे।
13 साल चला मुकदमा
हमले के बाद मामले की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को सौंपी गई थी। कुल 11 आरोपियों के खिलाफ मुकदमा चला, जिनमें से एक की सुनवाई के दौरान मृत्यु हो गई। शेष 10 आरोपियों को 5 सितंबर को दोषी ठहराया गया और अब सभी को मृत्युदंड की सजा सुनाई गई है।

