सीजी न्यूज ऑनलाइन 14 सितंबर 2026। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे (एसईसीआर) की ट्रेनों में पुराने आईसीएफ कोचों की जगह आधुनिक एलएचबी (लिंक हॉफमैन बुश) कोच लगातार बढ़ाए जा रहे हैं। वर्तमान में दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे की 26 ट्रेनों के 34 रेक में एलएचबी कोच संचालित हो रहे हैं। आधुनिक तकनीक और मजबूत संरचना से तैयार इन कोचों को यात्रियों की सुरक्षा के साथ-साथ बेहतर आराम और अधिक यात्री क्षमता के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
एलएचबी कोचों में आधुनिक डिजाइन और बेहतर स्थिरता के साथ उन्नत सस्पेंशन सिस्टम लगाया गया है। इससे सफर के दौरान झटके और कंपन अपेक्षाकृत कम महसूस होते हैं। मजबूत ढांचा और बेहतर स्थिरता इन कोचों को अधिक गति से संचालन के लिए भी उपयुक्त बनाती है।
दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे की जिन ट्रेनों में एलएचबी कोच लगाए गए हैं, उनमें बिलासपुर-भगत की कोठी, बिलासपुर-बीकानेर, बिलासपुर-बक्सर, बिलासपुर-एर्नाकुलम, बिलासपुर-चेन्नई, बिलासपुर-पुणे, रायपुर-कोरबा, बिलासपुर-अमृतसर छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस, दुर्ग-निजामुद्दीन संपर्क क्रांति, दुर्ग-जम्मू तवी, दुर्ग-नौतनवा, दुर्ग-कानपुर, दुर्ग-अजमेर, दुर्ग-उधमपुर, दुर्ग-निजामुद्दीन हमसफर और दुर्ग-भोपाल अमरकंटक एक्सप्रेस शामिल हैं।
इसके अलावा रायगढ़-गोंदिया जनशताब्दी, कोरबा-इतवारी शिवनाथ एक्सप्रेस, बिलासपुर-नागपुर इंटरसिटी, बिलासपुर-रीवा, बिलासपुर-इंदौर नर्मदा एक्सप्रेस, बिलासपुर-येलहंका, दुर्ग-अंबिकापुर और अंबिकापुर-शहडोल ट्रेनों में भी एलएचबी कोच संचालित किए जा रहे हैं।
एलएचबी कोचों का एक बड़ा फायदा उनकी अधिक यात्री क्षमता है। सामान्य आईसीएफ स्लीपर कोच में 72 बर्थ की तुलना में एलएचबी स्लीपर कोच में 80 बर्थ होती हैं। इसी तरह आईसीएफ एसी-3 कोच की 64 बर्थ के मुकाबले एलएचबी एसी-3 में 72 बर्थ उपलब्ध रहती हैं।
एसी-2 कोच में भी अंतर उल्लेखनीय है। आईसीएफ एसी-2 में जहां 46 बर्थ होती हैं, वहीं एलएचबी एसी-2 में 62 बर्थ होती हैं। अधिक बर्थ उपलब्ध होने से ज्यादा यात्रियों को आरक्षित सीट मिलने की संभावना बढ़ती है।
एलएचबी कोच का नाम जर्मनी की कंपनी एलएचबी के नाम पर पड़ा है। भारतीय रेलवे में इन कोचों की शुरुआत वर्ष 1999 में हुई थी। वर्तमान में इनका निर्माण कपूरथला स्थित रेल कोच फैक्ट्री में किया जाता है।
आधुनिक डिजाइन, मजबूत ढांचा, बेहतर सस्पेंशन, अधिक क्षमता और आरामदायक यात्रा जैसी विशेषताओं के कारण भारतीय रेलवे में एलएचबी कोचों का इस्तेमाल लगातार बढ़ाया जा रहा है।
दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के अनुसार यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी दिशा में आधुनिक तकनीक और सुविधाओं को लगातार अपनाया जा रहा है। एलएचबी कोच इसी प्रयास का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं, जिनसे यात्रियों को सुरक्षित, आरामदायक और बेहतर रेल यात्रा उपलब्ध कराने की दिशा में मदद मिल रही है।

