संभागायुक्त दुर्ग कार्यालय में चपरासी की नौकरी का झांसा देकर 5 लाख ठगे

संभागायुक्त दुर्ग कार्यालय में चपरासी की नौकरी का झांसा देकर 5 लाख ठगे


🔴8 साल बाद आरोपी शमीम खान गिरफ्तार

भिलाईनगर, 13 सितंबर 2026। संभाग आयुक्त कार्यालय दुर्ग में चपरासी की नौकरी लगवाने का झांसा देकर दो लोगों से 5 लाख रुपये की धोखाधड़ी करने के मामले में पुरानी भिलाई पुलिस ने आरोपी शमीम खान को करीब आठ साल बाद गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी को 13 सितंबर 2026 को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।

पुलिस के अनुसार, प्रार्थी डी. सत्य साईं (36) निवासी डाक बंगला पुरैना ने 17 नवंबर 2018 को शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि शमीम खान ने संभाग आयुक्त कार्यालय दुर्ग में चपरासी के पद पर नौकरी लगवाने का भरोसा दिलाकर प्रार्थी और उसके परिचित सी.एच. बैकुंठ राव से कुल 5 लाख रुपये लिए थे। बाद में न तो नौकरी लगी और न ही रकम वापस की गई।

बैंक स्टेटमेंट और लेनदेन के वीडियो बने अहम साक्ष्य

शिकायत की जांच के बाद पुलिस ने मामले में अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू की। विवेचना के दौरान प्रार्थी द्वारा प्रस्तुत यूनियन बैंक का बैंक स्टेटमेंट, लेनदेन संबंधी वीडियो वाली पेन ड्राइव और लोन से जुड़े दस्तावेज पुलिस ने जब्त कर साक्ष्य के रूप में सुरक्षित किए।

पुलिस के मुताबिक उपलब्ध दस्तावेजी और वित्तीय साक्ष्यों की जांच तथा पूछताछ के दौरान आरोपी की संलिप्तता सामने आई। पुलिस टीम ने आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसमें उसके द्वारा रकम लेना स्वीकार किया गया।

इसके बाद आज शमीम खान को विधिवत गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तारी के बाद उसे न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जहां से न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।

नौकरी लगाने का झांसा देकर रकम लेने का आरोप

पुलिस के अनुसार आरोपी ने शासकीय कार्यालय में चपरासी के पद पर नौकरी लगवाने का झांसा देकर दोनों से रकम प्राप्त की थी। नौकरी नहीं लगने के बाद रकम वापस नहीं की गई। मामले में पुलिस ने वित्तीय लेनदेन से जुड़े दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों को विवेचना का आधार बनाया।

आरोपी: शमीम खान, निवासी गुरुघासीदास वार्ड क्रमांक 44, कसारीडीह, दुर्ग।

दुर्ग पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि किसी भी शासकीय या निजी नौकरी में नियुक्ति दिलाने के नाम पर किसी व्यक्ति को रकम देने से पहले संबंधित विभाग और नियुक्ति प्रक्रिया की सत्यता अवश्य जांच लें। नौकरी लगाने के नाम पर पैसे मांगने वाले लोगों की सूचना तत्काल पुलिस को दें।