भिलाईनगर, 10 सितंबर 2026। भारत सरकार गृह मंत्रालय के समन्वय पोर्टल एवं पुलिस मुख्यालय से प्राप्त निर्देशों के तहत साइबर ठगी के मामलों में इस्तेमाल किए जा रहे बैंक खातों की जांच के दौरान खुर्सीपार पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के 25 संदिग्ध म्यूल बैंक खातों को चिन्हित कर उनके खाताधारकों के खिलाफ अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है।
थाना खुर्सीपार प्रभारी निरीक्षक लक्ष्मण केंवट के नेतृत्व में समन्वय पोर्टल से प्राप्त साइबर ठगी संबंधी शिकायतों एवं बैंक खातों की जानकारी का परीक्षण किया गया। जांच में सामने आया कि कुछ संदिग्ध खातों में साइबर ठगी से संबंधित रकम सीधे प्राप्त हुई। पुलिस के अनुसार ये खाते लेयर-1/म्यूल खाते हैं, जिनका उपयोग ठगी की रकम प्राप्त करने, छिपाने, दूसरे खातों में ट्रांसफर करने अथवा रकम निकालकर अवैध आर्थिक लाभ अर्जित करने में किया गया।
पुलिस जांच के मुताबिक वर्ष 2024 से 2026 के बीच इन खातों में साइबर ठगी से संबंधित रकम का लेन-देन पाया गया। प्रथम दृष्टया संबंधित खाताधारकों द्वारा स्वयं अथवा अन्य लोगों के साथ मिलकर अपने बैंक खातों का इस्तेमाल साइबर ठगी से प्राप्त रकम को प्राप्त करने और आगे स्थानांतरित करने के लिए किए जाने की बात सामने आई है।
खुर्सीपार पुलिस ने समन्वय पोर्टल से प्राप्त शिकायत विवरण, बैंक खातों की जानकारी एवं साइबर शिकायतों की पावती के आधार पर संबंधित खाताधारकों के विरुद्ध अपराध क्रमांक 0399/2026 दर्ज किया है। मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(2), 318(3) एवं 318(4) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना की जा रही है।
पुलिस का कहना है कि साइबर ठगी की रकम के लेन-देन में इस्तेमाल होने वाले म्यूल खातों की लगातार जांच की जा रही है। ऐसे बैंक खाते उपलब्ध कराने वालों के साथ-साथ ठगी की रकम को आगे ट्रांसफर अथवा आहरित करने वालों के खिलाफ भी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

