हथखोज की स्टील इंफा सॉल्यूशन कंपनी में प्राणांतक हादसा, क्रेनों पर लगाया प्रतिबंध

हथखोज की स्टील इंफा सॉल्यूशन कंपनी में प्राणांतक हादसा, क्रेनों पर लगाया प्रतिबंध


🔴क्रेन संचालन में मिलीं गंभीर सुरक्षा खामियां

दुर्ग, 31 अगस्त 2026। हथखोज स्थित मेसर्स स्टील इंफा सॉल्यूशन कंपनी लिमिटेड में 19 अगस्त को हुए प्राणांतक हादसे के बाद औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा विभाग की जांच में कंपनी प्रबंधन की ओर से गंभीर सुरक्षा खामियां सामने आई हैं। हादसे में सीएनसी हेल्पर राजेश कुमार निर्मलकर (40) की मौत हुई थी। दुर्घटना के बाद विभाग ने कारखाने में स्थापित सभी ईओटी क्रेन और हाइड्रा क्रेन का संचालन तत्काल प्रभाव से आगामी आदेश तक बंद रखने के निर्देश दिए हैं।

विभागीय अधिकारियों ने 20 अगस्त को कारखाने पहुंचकर दुर्घटनास्थल का निरीक्षण किया। प्राथमिक जांच में सामने आया कि क्रेन का संचालन सक्षम एवं अधिकृत व्यक्ति के बजाय अनस्किल्ड वर्कर से कराया जा रहा था। क्रेन के संचालन, रखरखाव, पर्यवेक्षण और श्रमिकों के प्रशिक्षण में निर्धारित सुरक्षा नियमों और प्रक्रियाओं का पालन नहीं किया गया।

जांच में आई-बीम, क्रेन की चेन और अन्य संबंधित उपकरणों के उचित रखरखाव तथा नियमित निरीक्षण में भी लापरवाही सामने आई। क्रेन की चेन में लगे हुक में आवश्यक सेफ्टी लैच/सेफ्टी कैच भी नहीं पाया गया। इससे भार के अनियंत्रित होकर निकलने की आशंका बनी हुई थी।

छह महीने में दूसरी प्राणांतक दुर्घटना

जांच के दौरान यह भी सामने आया कि 24 जनवरी 2026 को इसी कारखाने में ईओटी क्रेन संचालन के दौरान एक अन्य प्राणांतक दुर्घटना हुई थी। इस मामले में विभाग की ओर से न्यायालय में अभियोजन प्रस्तुत किया गया था। इसके बावजूद क्रेन के संचालन और रखरखाव में निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया जाना विभाग ने गंभीर विषय माना है।

विभागीय जांच में क्रेन संचालन के लिए स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP), श्रमिकों के प्रशिक्षण, पर्यवेक्षण, नियमित निरीक्षण और सुरक्षा उपकरणों की जांच-परीक्षण व्यवस्था में भी कमियां पाई गईं।

सभी क्रेनों पर लगाया प्रतिबंध

उप संचालक औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा एवं कारखाना निरीक्षक से प्राप्त जानकारी के अनुसार, श्रमिकों की सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं कार्य दशाओं को ध्यान में रखते हुए उपजीविकाजन्य सुरक्षा, स्वास्थ्य और कार्यदशा संहिता, 2020 की धारा 38(1)(क) के तहत प्रदत्त शक्तियों का उपयोग किया गया है।

इसके तहत कंपनी के प्रबंधक को कारखाने में स्थापित सभी ईओटी क्रेन और हाइड्रा क्रेन का संचालन तत्काल प्रभाव से आगामी आदेश तक बंद रखने के निर्देश दिए गए हैं।

विभाग ने कंपनी प्रबंधन को निर्देशित किया है कि जांच में सामने आई अनियमितताओं को दूर करने के लिए क्रेनों के सुरक्षित संचालन की दृष्टि से किए जाने वाले सभी तकनीकी एवं पर्याप्त सुधारात्मक उपायों की जानकारी और अनिवार्य दस्तावेज तत्काल कार्यालय में प्रस्तुत किए जाएं।

वहीं, प्रतिबंधात्मक आदेश की अवधि के दौरान कारखाने में कार्यरत सभी श्रमिकों को देय वेतन एवं अन्य भत्तों का निर्धारित तिथि पर भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश भी प्रबंधन को दिए गए हैं।