नगर सेना में नौकरी लगाने का झांसा देकर 6.30 लाख की ठगी, आरोपी गिरफ्तार

नगर सेना में नौकरी लगाने का झांसा देकर 6.30 लाख की ठगी, आरोपी गिरफ्तार


दुर्ग, 28 अगस्त 2026। नगर सेना में नौकरी लगाने का झांसा देकर 6 लाख 30 हजार रुपये की धोखाधड़ी करने वाले आरोपी को पुलगांव पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी ने नगर सेना के अधिकारी से अपनी पहचान होने का दावा करते हुए नौकरी लगवाने का भरोसा दिलाया था। इसके बाद प्रार्थिया के पति से अलग-अलग 15 किस्तों में रकम ली गई। पैसे लेने के बाद नौकरी नहीं लगवाई और रकम वापस मांगने पर भी इंकार करता रहा।

पुलिस के अनुसार, ग्राम चंदखुरी निवासी किरण चंद्राकर ने थाना पुलगांव में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि जान-पहचान के आरोपी इसरार खान (44 वर्ष) ने नगर सेना के एक अधिकारी से अपनी पहचान होने की बात कहकर नगर सेना में नौकरी लगवाने का भरोसा दिया था। उसके झांसे में आकर प्रार्थिया के पति ने आरोपी को अलग-अलग 15 किस्तों में कुल 6 लाख 30 हजार रुपये दिए।

रकम प्राप्त करने के बाद आरोपी ने नौकरी नहीं लगवाई। जब प्रार्थिया ने पैसे वापस मांगे तो आरोपी रकम लौटाने से इंकार करता रहा और गाली-गलौज भी की। शिकायत के आधार पर पुलगांव थाने में अपराध क्रमांक 756/2026, धारा 318(4) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।

विवेचना के दौरान पुलिस टीम ने आरोपी की पतासाजी कर उसे पकड़ लिया। पूछताछ में आरोपी ने नौकरी लगाने के नाम पर रकम लेने की बात स्वीकार की। इसके बाद पुलिस ने उसे विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।

अधिकारी से पहचान का दिया झांसा

पुलिस के मुताबिक आरोपी ने नगर सेना के अधिकारी से पहचान होने का विश्वास दिलाकर पीड़ित परिवार को नौकरी लगवाने का भरोसा दिया था। इसी आधार पर उसने अलग-अलग किस्तों में 6.30 लाख रुपये हासिल किए। पुलिस मामले में उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई कर रही है।

इस कार्रवाई में थाना पुलगांव प्रभारी उप निरीक्षक गुरविंदर सिंह संधू, सहायक उप निरीक्षक अश्वनी सिंह, आरक्षक हेमेंद्र कुर्रे सहित थाना स्टाफ की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

दुर्ग पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी सरकारी या निजी नौकरी में नियुक्ति दिलाने के नाम पर बिना सत्यापन किसी व्यक्ति को राशि न दें। नौकरी लगाने का दावा करने वाले व्यक्ति की जानकारी संबंधित विभाग से सत्यापित करें और धोखाधड़ी होने पर तत्काल पुलिस को सूचना दें।