🔴राखी बांधने आए लोगों के बीच चला साइबर जागृति अभियान, OTP और संदिग्ध लिंक से बचने की दी सलाह
दुर्ग, 28 अगस्त 2026। रक्षाबंधन के अवसर पर केंद्रीय जेल परिसर दुर्ग में बंदियों से मिलने और उन्हें राखी बांधने पहुंचे करीब 4,000 परिजनों की सुरक्षा व्यवस्था के साथ दुर्ग पुलिस ने साइबर जागृति अभियान चलाया। पुलिस अधिकारियों और साइबर टीम ने उपस्थित लोगों को ऑनलाइन ठगी, फर्जी कॉल, संदिग्ध लिंक, ओटीपी और डिजिटल धोखाधड़ी से बचने के तरीके बताए।

केंद्रीय जेल परिसर में बड़ी संख्या में पहुंचे परिजनों की सुरक्षा के लिए पुलिस बल तैनात रहा। इसी दौरान दुर्ग पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था तक सीमित न रहते हुए लोगों को वर्तमान समय में बढ़ रहे साइबर अपराधों के प्रति जागरूक किया। पुलिस टीम ने सरल भाषा में समझाया कि साइबर ठग किस तरह अलग-अलग तरीकों से लोगों को अपने जाल में फंसाते हैं।
अभियान के दौरान पुलिस ने लोगों से कहा कि किसी अनजान व्यक्ति के साथ OTP, बैंक खाते की जानकारी, एटीएम संबंधी जानकारी, पासवर्ड या अन्य गोपनीय डिजिटल जानकारी साझा न करें। अनजान या संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से भी बचें। फर्जी कॉल, मैसेज अथवा ऑनलाइन भुगतान से संबंधित संदिग्ध गतिविधि सामने आने पर तत्काल पुलिस को सूचना देने की सलाह दी गई।
पुलिस ने साइबर अपराध होने की स्थिति में बिना देरी किए शिकायत करने पर जोर देते हुए कहा कि समय पर सूचना मिलने से ठगी की रकम को ट्रेस करने और आवश्यक कार्रवाई करने में मदद मिल सकती है। उपस्थित परिजनों को स्वयं जागरूक रहने के साथ अपने परिवार और आसपास के लोगों को भी साइबर अपराधों से बचाव के प्रति जागरूक करने के लिए प्रेरित किया गया।

अभियान में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर शोभराज अग्रवाल, उप निरीक्षक संकल्प राय, साइबर टीम, पद्मनाभपुर थाना प्रभारी प्रमोद रुसिया, उप निरीक्षक चंद्रशेखर सोनी, प्रभारी अंजोरा सहित पुलिस स्टाफ की सक्रिय सहभागिता रही। पुलिस ने रक्षाबंधन के अवसर पर सुरक्षा व्यवस्था के साथ साइबर जागरूकता अभियान के माध्यम से बड़ी संख्या में लोगों तक साइबर सुरक्षा का संदेश पहुंचाया।
दुर्ग पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि ऑनलाइन लेन-देन के दौरान सतर्क रहें और किसी भी अनजान व्यक्ति के कहने पर OTP, PIN, पासवर्ड या बैंक संबंधी गोपनीय जानकारी साझा न करें। साइबर ठगी होने पर तत्काल पुलिस को सूचना दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।


