🔴तत्कालीन वन परिक्षेत्र अधिकारी के खिलाफ 1000 पन्नों का चालान पेश
सीजी न्यूज़ ऑनलाइन, 27 अगस्त 2026। करीब 15 वर्ष पुराने फर्जी मस्टर रोल और शासकीय राशि के गबन से जुड़े मामले में एंटी करप्शन ब्यूरो ने तत्कालीन वन परिक्षेत्र अधिकारी चिरमिरी एस.सी. सोनी के विरुद्ध लगभग 1000 पृष्ठों का अभियोग-पत्र विशेष न्यायालय में पेश किया है। प्रकरण में श्रमिकों के नाम पर फर्जी अंगूठा निशान और हस्ताक्षर कर कूटरचित भुगतान प्रमाणक तैयार करने का आरोप है।
प्रकरण की शिकायत वन परिक्षेत्र लिपिक बैकुण्ठपुर संतोष कुमार मलिक ने ब्यूरो में की थी। शिकायत में बताया गया था कि वन मंडल कोरिया अंतर्गत वन परिक्षेत्र बैकुण्ठपुर में जनवरी 2001 से दिसंबर 2007 के बीच विभागीय कार्यों के भुगतान से संबंधित लेखों के प्रमाणकों में बड़ी संख्या में श्रमिकों के फर्जी अंगूठा निशान और हस्ताक्षर किए गए थे।
जांच के दौरान तत्कालीन वन परिक्षेत्र अधिकारी चिरमिरी एस.सी. सोनी और तत्कालीन वनपाल रामबहादुर सिंह की भूमिका सामने आई। रामबहादुर सिंह की मृत्यु हो चुकी है। जांच में पाया गया कि आरोपियों ने अपने पदीय दायित्वों का सही ढंग से निर्वहन नहीं किया और संबंधित कर्मचारियों के साथ कथित षड्यंत्र कर मस्टर रोल एवं भुगतान प्रमाणकों में श्रमिकों के नाम से फर्जी अंगूठा निशान व हस्ताक्षर अंकित कराए।
इन फर्जी दस्तावेजों के आधार पर कूटरचित भुगतान प्रमाणक तैयार कर शासकीय राशि का अनधिकृत आहरण एवं गबन किए जाने का मामला सामने आया। इसके बाद ब्यूरो ने 3 जुलाई 2010 को अपराध क्रमांक 25/2010 दर्ज किया था।
प्रकरण में भारतीय दंड संहिता की धारा 120-बी, 420, 409, 467, 468 एवं 471 तथा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की धारा 13(1)(सी) सहपठित धारा 13(2) के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया था।
विवेचना के दौरान संकलित दस्तावेजों, तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर फर्जी मस्टर रोल तैयार किए जाने की पुष्टि पाए जाने पर तत्कालीन वन परिक्षेत्र अधिकारी एस.सी. सोनी के विरुद्ध संबंधित धाराओं के तहत अभियोग-पत्र (चालान) माननीय विशेष न्यायालय, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, बैकुण्ठपुर में पेश किया गया है। मामले में अब न्यायालयीन कार्रवाई आगे बढ़ेगी।

