सीजी न्यूज ऑनलाइन, 18 अगस्त 2026। अनुसूचित जनजाति समुदाय के पंचायत सचिव तुलसी कुमार ध्रुव के साथ कथित जातिगत दुर्व्यवहार के मामले ने अब राजनीतिक रंग ले लिया है। बहुजन समाज पार्टी ने जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी संदीप अग्रवाल के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए एफआईआर दर्ज करने, निलंबन और निष्पक्ष जांच की मांग की है।
सोमवार को बीएसपी कार्यकर्ताओं ने जिला अध्यक्ष के नेतृत्व में अंबेडकर चौक से कलेक्ट्रेट तक रैली निकाली। प्रदर्शनकारियों ने नारेबाजी करते हुए कलेक्ट्रेट के बाहर धरना दिया और राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपकर सात दिन के भीतर कार्रवाई की मांग की।
विवाद की शुरुआत 24 अप्रैल को सकरी स्थित वन चेतना केंद्र में हुई अधिकारियों और कर्मचारियों की बैठक में हुई। ग्राम पंचायत नगोई के सचिव तुलसी ध्रुव का आरोप है कि बैठक के दौरान जिला पंचायत सीईओ संदीप अग्रवाल ने पहले उनका उपनाम पूछा और फिर उन्हें बैठक से बाहर जाने के लिए कह दिया।
तुलसी ध्रुव ने इसे जातिगत अपमान बताते हुए कलेक्टर सहित वरिष्ठ अधिकारियों और अनुसूचित जाति-जनजाति आयोग में शिकायत दर्ज कराई। उनका आरोप है कि शिकायत के बावजूद उन्हें न्याय नहीं मिला।
मामले के बीच सीईओ ने ग्राम पंचायत नगोई के कार्यों की जांच के लिए आठ सदस्यीय टीम गठित की। तुलसी ध्रुव का आरोप है कि यह जांच उनकी शिकायत का बदला लेने की नीयत से शुरू कराई गई।
इसके बाद 13 जुलाई को उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। उन्होंने 27 जुलाई को जवाब दिया, लेकिन 3 अगस्त को उन्हें निलंबित कर दिया गया। उनका कहना है कि शिकायत दर्ज कराने के बाद से लगातार उन्हें प्रताड़ित किया जा रहा है।
बीएसपी नेताओं ने पंचायत राज अधिनियम और पंचायत निरीक्षण नियमों का हवाला देते हुए जांच प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए हैं। पार्टी ने मांग की है कि सीईओ संदीप अग्रवाल के खिलाफ एसटी एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज की जाए, उन्हें निलंबित किया जाए और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए। पार्टी ने चेतावनी दी है कि यदि सात दिनों के भीतर कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
दूसरी ओर जिला पंचायत सीईओ संदीप अग्रवाल ने सभी आरोपों को बेबुनियाद बताया है। उनका कहना है कि बैठक में कई अधिकारी और कर्मचारी मौजूद थे और किसी प्रकार की जातिसूचक टिप्पणी नहीं की गई।
उन्होंने कहा कि इस मामले की शिकायत पहले ही एससी-एसटी आयोग तक पहुंच चुकी है, जहां जांच भी हो चुकी है। पुलिस अधीक्षक के माध्यम से यह जांच कराई गई है।

