‘वे कौन होते हैं दखल देने वाले?’ NALSAR विवाद पर CJI सूर्यकांत ने BCI को लगाई फटकार

‘वे कौन होते हैं दखल देने वाले?’ NALSAR विवाद पर CJI सूर्यकांत ने BCI को लगाई फटकार


🔴बोले- यह छात्रों और मेरे बीच का मामला है

सीजी न्यूज ऑनलाइन 14 अगस्त 2026 । NALSAR विवाद पर सुनवाई के दौरान CJI सूर्यकांत ने BCI की दखल पर सवाल उठाते हुए कहा कि छात्रों को विरोध करने का अधिकार है और बार काउंसिल का इसमें कोई काम नहीं है।

NALSAR यूनिवर्सिटी विवाद को लेकर सुप्रीम कोर्ट में शुक्रवार को सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) जस्टिस सूर्यकांत ने बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) की भूमिका पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि छात्रों को विरोध करने का पूरा अधिकार है और इस मामले में BCI की दखलअंदाजी पूरी तरह अनावश्यक है।

सुनवाई के दौरान वरिष्ठ अधिवक्ता के. परमेश्वर ने अदालत को बताया कि किसी विश्वविद्यालय में क्या हो रहा है, उससे BCI का कोई लेना-देना नहीं है। इस पर CJI सूर्यकांत ने कहा, ”यह छात्रों और मेरे बीच संवाद है। वे कौन होते हैं इस मुद्दे को उठाने वाले? यह पूरी तरह अनावश्यक है।”

गलत बयान देने पर विरोध का अधिकार खत्म नहीं होता’

चीफ जस्टिस ने कहा कि अपने छात्र जीवन में वह स्वयं भी छात्र गतिविधियों में सक्रिय रहे हैं। उन्होंने कहा कि अगर छात्र गलत भी हों, तब भी उन्हें अपनी बात रखने और विरोध करने का अधिकार है। CJI ने कहा, ”युवा उम्र में कोई व्यक्ति गलत बयान दे दे, इसका मतलब यह नहीं है कि उसका विरोध करने का अधिकार खत्म हो जाता है।”

मामले में सुप्रीम कोर्ट ने BCI को नोटिस जारी कर दो सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया। हालांकि, सुनवाई के दौरान BCI की ओर से बताया गया कि विवादित सर्कुलर पहले ही वापस लिया जा चुका है।

अदालत ने अंतरिम आदेश पारित करते हुए स्पष्ट किया कि NALSAR या किसी अन्य राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय (NLU) अथवा लॉ यूनिवर्सिटी के छात्रों और फैकल्टी के खिलाफ संबंधित घटनाओं को लेकर कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जाएगी।

कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि NALSAR के छात्रों के खिलाफ विवादित पत्रों में जिक्र की गई घटनाओं के आधार पर कोई कार्रवाई नहीं होगी।

सुनवाई के दौरान CJI सूर्यकांत ने छात्रों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि वे अपना नामांकन कराएं और सुप्रीम कोर्ट बार से जुड़ें। उन्होंने यह भी कहा कि छात्रों को लीगल एड से जुड़े कार्यक्रमों के लिए भी पैनल में शामिल किया जाएगा।

NALSAR-CJI सूर्यकांत विवाद क्या है?

हैदराबाद स्थित NALSAR यूनिवर्सिटी ऑफ लॉ और बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) के बीच शुरू हुआ विवाद कुछ ही घंटों में देशभर में चर्चा का विषय बन गया। पहले BCI ने NALSAR के 2026 बैच के सभी छात्रों के अधिवक्ता के रूप में नामांकन पर रोक लगाने का आदेश जारी किया, फिर उसी दिन उसे वापस भी ले लिया। इस पूरे घटनाक्रम की शुरुआत आखिर कैसे हुई और अब मामला कहां पहुंचा है? आइए समझते हैं।