भिलाईनगर, 12 अगस्त 2026। भिलाई भट्ठी थाना पुलिस ने डॉ. भीमराव अंबेडकर पार्क सेक्टर-01 के पास चाकू की नोक पर मोबाइल लूट की वारदात को अंजाम देने वाले तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से लूटे गए Realme और iPhone 16 मोबाइल फोन के साथ वारदात में इस्तेमाल किया गया स्टील का धारदार हथियार भी बरामद किया गया है। तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।
पुलिस के मुताबिक, 29 जुलाई 2026 को डॉ. भीमराव अंबेडकर पार्क सेक्टर-01 के पास अयान अली अपनी महिला साथी के साथ मौजूद था। इसी दौरान तीन अज्ञात युवकों ने उन्हें घेर लिया और मोबाइल फोन लूटने लगे। अयान ने जब लूट का विरोध किया तो आरोपियों ने नुकीली वस्तु से उसकी कमर और पीठ के पास चोट पहुंचाई और दोनों मोबाइल लेकर फरार हो गए।
मुखबिर की सूचना पर तीनों आरोपी दबोचे
घटना की शिकायत मिलने के बाद भिलाई भट्ठी पुलिस ने अपराध दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस ने तकनीकी जांच और मुखबिर तंत्र के जरिए आरोपियों की पहचान की। इसके बाद पुलिस टीम ने उनके संभावित ठिकानों पर दबिश देकर तीनों को हिरासत में लिया।
पूछताछ में आरोपियों द्वारा वारदात में शामिल होना स्वीकार किए जाने के बाद पुलिस ने उनके कब्जे से Realme का एक मोबाइल, iPhone 16 और घटना में इस्तेमाल स्टील का धारदार हथियार बरामद किया।
सुनसान जगह पर बनाया था निशाना
पुलिस के अनुसार आरोपियों ने पार्क के पास अपेक्षाकृत सुनसान स्थान पर युवक और उसकी महिला साथी को निशाना बनाया था। मोबाइल लूटने के दौरान विरोध होने पर धारदार हथियार से हमला कर दोनों मोबाइल लेकर फरार हो गए थे।
ये आरोपी गिरफ्तार
- आर्यन राय (19 वर्ष), निवासी शंकर पारा, लक्ष्मी मार्केट, सुपेला।
- पीयूष कुमार शाह (20 वर्ष), निवासी कैम्प-01, भिलाई।
- मोहम्मद आरिफ शाह (19 वर्ष), निवासी स्टील नगर, कैम्प-01, भिलाई।
पुलिस ने तीनों आरोपियों को 11 अगस्त 2026 को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया।
कार्रवाई में भिलाई भट्ठी थाना प्रभारी निरीक्षक दिलेश्वर कुमार, सउनि भारत सिंह चौधरी, पुनीत राम वर्मा, प्रशिक्षु उप निरीक्षक राजेन्द्र प्रसाद, आरक्षक आशीष प्रसाद, अमित सिंह एवं जयनारायण यादव की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि सार्वजनिक स्थानों पर संदिग्ध गतिविधि दिखाई देने पर तत्काल पुलिस को सूचना दें और किसी आपराधिक घटना की स्थिति में स्वयं जोखिम उठाने के बजाय पुलिस की मदद लें।

