🔴लंबित मामलों के त्वरित निराकरण के निर्देश
दुर्ग, 10 अगस्त 2026। जिले में अपराध नियंत्रण, कानून-व्यवस्था को मजबूत करने, नवीन आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन और पुलिस विवेचना की गुणवत्ता बढ़ाने को लेकर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक विजय अग्रवाल ने जिले के राजपत्रित अधिकारियों एवं थाना प्रभारियों की क्राइम मीटिंग ली। बैठक में लंबित अपराधों से लेकर साइबर क्राइम, नशे के अवैध कारोबार, फरार आरोपियों और आगामी त्योहारी आयोजनों की सुरक्षा व्यवस्था की विस्तृत समीक्षा की गई।

बैठक में ई-साक्ष्य, ई-FSL, मेडलीपार, CCTNS तथा FIR से F-5 तक डेटा एंट्री की प्रक्रिया को निर्धारित नियमों के अनुसार पूरा करने पर विशेष जोर दिया गया। अधिकारियों को डिजिटल साक्ष्यों को सुरक्षित रखने, समय पर अपलोड करने और संबंधित प्रकरण से लिंक करने के निर्देश दिए गए।
60-90 दिन में विवेचना पूरी करने पर जोर
लंबित प्रकरणों की समीक्षा के दौरान एसएसपी ने निर्देश दिए कि वैधानिक 60/90 दिवस की समय-सीमा के भीतर विवेचना पूर्ण कर चालान प्रस्तुत किया जाए। वर्ष 2024 और 2025 से लंबित प्रकरणों के साथ बैंक संबंधी कार्रवाई, एमएलसी/पीएमआर, एफएसएल रिपोर्ट और अन्य लंबित कार्यों का प्राथमिकता से निराकरण करने को कहा गया।
CCTNS में FIR से F-5 तक सभी आवश्यक प्रविष्टियां समयबद्ध और त्रुटिरहित तरीके से करने तथा केस रिकॉर्ड एवं डिजिटल रिकॉर्ड में एकरूपता बनाए रखने के निर्देश भी दिए गए।
साइबर अपराध और नशे के नेटवर्क पर कार्रवाई
बैठक में साइबर अपराधों की समीक्षा करते हुए बैंकिंग ट्रांजेक्शन, डिजिटल फुटप्रिंट, मोबाइल एवं इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों का वैज्ञानिक तरीके से उपयोग करने को कहा गया। साइबर अपराधियों के साथ-साथ उनके पूरे नेटवर्क तक पहुंचने और साइबर पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों का शीघ्र निराकरण करने के निर्देश दिए गए।

नशे के अवैध कारोबार के मामलों में केवल आरोपी की गिरफ्तारी तक कार्रवाई सीमित नहीं रखने, बल्कि सप्लाई चैन, नेटवर्क और अपराध करने के तरीके का पता लगाकर पूरे नेटवर्क के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई करने पर जोर दिया गया।
फरार आरोपियों और आदतन अपराधियों पर कसेगा शिकंजा
एसएसपी ने फरार आरोपियों की गिरफ्तारी, लंबित वारंटों की तामीली तथा गुंडा-बदमाशों और आदतन अपराधियों के खिलाफ नियमानुसार प्रतिबंधात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए। अपराधों के मॉडस ऑपरेंडी का विश्लेषण कर तकनीकी एवं वैज्ञानिक संसाधनों के बेहतर उपयोग पर भी जोर दिया गया।
नाबालिगों के मामलों में संवेदनशीलता के निर्देश
नाबालिगों से जुड़े मामलों में बाल हित एवं विधिक प्रावधानों को ध्यान में रखते हुए त्वरित और संवेदनशील कार्रवाई सुनिश्चित करने कहा गया। अपराध की पुनरावृत्ति रोकने के लिए परिवार, अभिभावकों, स्कूल और संबंधित विभागों के समन्वय से काउंसलिंग एवं सुधारात्मक कदम उठाने पर भी जोर दिया गया।
त्योहारी आयोजनों को लेकर पुलिस को अलर्ट रहने के निर्देश
आगामी त्योहारी आयोजनों को देखते हुए थाना स्तर पर पहले से पुलिस व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। बाजारों में दुकानों को निर्धारित सफेद पट्टी के पीछे लगवाने, मुख्य मार्ग बाधित किए बिना गणेश पंडाल एवं अन्य सार्वजनिक आयोजन कराने तथा भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में यातायात व्यवस्था सुचारू रखने को कहा गया।
ग्रामीण क्षेत्रों में सड़कों पर बैठे मवेशियों से होने वाली दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए संबंधित विभागों से समन्वय कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए।
बैठक में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्रामीण, नगर पुलिस अधीक्षक दुर्ग, छावनी एवं भिलाई नगर, डीएसपी लाइन, डीएसपी हेडक्वार्टर, डीएसपी महिला सेल सहित जिले के सभी थाना प्रभारी मौजूद रहे।
एसएसपी विजय अग्रवाल ने थाना प्रभारियों को अपराध की प्रवृत्ति का नियमित विश्लेषण, लंबित मामलों की व्यक्तिगत समीक्षा और नवीन आपराधिक कानूनों के अनुरूप वैज्ञानिक विवेचना एवं डिजिटल साक्ष्य प्रबंधन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अपराध नियंत्रण केवल घटना के बाद की कार्रवाई तक सीमित न रहे, बल्कि अपराध की पुनरावृत्ति रोकने और अपराधियों पर सतत निगरानी के साथ संवेदनशील वर्गों की सुरक्षा पर भी समान रूप से ध्यान दिया जाए।

