4.39 करोड़ की जमीन धोखाधड़ी : पार्षद रीता सिंह, पति व बेटे की अग्रिम जमानत खारिज

4.39 करोड़ की जमीन धोखाधड़ी : पार्षद रीता सिंह, पति व बेटे की अग्रिम जमानत खारिज


दुर्ग, 08 अगस्त 2026। जमीन और संपत्ति के सौदे में 4.39 करोड़ रुपये की कथित धोखाधड़ी के मामले में भिलाई नगर निगम की पार्षद एवं एमआईसी सदस्य रीता सिंह, उनके पति रमेश चंद्र सिंह और पुत्र मानव चंद्र सिंह को न्यायालय से बड़ा झटका लगा है। तीनों आरोपियों की ओर से प्रस्तुत अग्रिम जमानत याचिका को अपर सत्र न्यायाधीश पाटन, जिला दुर्ग दुलार सिंह निर्मलकर की अदालत ने खारिज कर दिया है।

अभियुक्तों की ओर से अधिवक्ता के माध्यम से अग्रिम जमानत के लिए आवेदन प्रस्तुत किया गया था। वहीं प्रार्थी बीबी सिंह की ओर से मामले की पैरवी कर रहे अधिवक्ता ने प्रकरण की गंभीरता और उपलब्ध तथ्यों को न्यायालय के समक्ष रखा। दोनों पक्षों को सुनने के बाद न्यायालय ने आरोपों की गंभीरता को देखते हुए आरोपियों को अग्रिम जमानत दिया जाना उचित नहीं माना और आवेदन को अस्वीकार कर दिया।

29 जनवरी 2024 को हुआ था इकरारनामा

बताया गया है कि रीता सिंह के स्वामित्व एवं अधिपत्य वाली मौजा ग्राम छांटा, तहसील पाटन स्थित भूमि तथा कुछ चल संपत्तियों के संबंध में प्रार्थी बीबी सिंह और रीता सिंह के पति रमेश चंद्र सिंह के माध्यम से 29 जनवरी 2024 को लिखित इकरारनामा निष्पादित किया गया था। सौदे में टाटा हिटाची हाइड्रोलिक एक्सकेवेटर सहित भारत बेंज के टिपर वाहनों का भी उल्लेख किया गया था।

आरोप है कि इकरारनामा करते समय संबंधित भूमि और संपत्तियों पर अन्य लोगों के अधिकार एवं हिस्सेदारी से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी प्रार्थी से कथित तौर पर छिपाई गई। शिकायतकर्ता का आरोप है कि खसरा नंबर 21, 882, 22, 23, 201 और 20/2 सहित विभिन्न जमीनों के संबंध में वास्तविक स्थिति स्पष्ट नहीं की गई।

शासकीय लीज की जमीन को लेकर भी आरोप

शिकायत के अनुसार, संबंधित भूमि से लगी खसरा नंबर 16 की शासकीय लीज भूमि को भी शासन से अनुमति लेकर प्रार्थी के पक्ष में हस्तांतरित किए जाने की बात कही गई थी। आरोप है कि बाद में सौदे से जुड़ी वास्तविक स्थिति सामने आने पर प्रार्थी को कथित धोखाधड़ी का पता चला।

प्रार्थी बीबी सिंह का आरोप है कि रीता सिंह, रमेश चंद्र सिंह और मानव चंद्र सिंह ने आपसी सहमति से महत्वपूर्ण तथ्यों को छिपाते हुए उनसे कुल 4.39 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की।

उतई थाने में दर्ज है अपराध

शिकायत के आधार पर थाना उतई में अपराध क्रमांक 411/2026 दर्ज किया गया है। पुलिस ने मामले में तीनों आरोपियों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं 318(2), 318(3), 318(4), 338, 336(3) एवं 340 के तहत अपराध पंजीबद्ध किया है।

फिलहाल अग्रिम जमानत याचिका खारिज होने के बाद मामले में आरोपियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। प्रकरण में पुलिस द्वारा आगे की विवेचना की जा रही है।