आजादी का अमृत महोत्सव के तहत सत्याग्रह से स्वच्छाग्रह रथ यात्रा को जिला पंचायत परिसर से किया गया रवाना 17 दिवसीय अभियान में प्रत्येक ग्राम पंचायत तक पहुंचेगा

आजादी का अमृत महोत्सव के तहत सत्याग्रह से स्वच्छाग्रह रथ यात्रा को जिला पंचायत परिसर से किया गया रवाना 17 दिवसीय अभियान में प्रत्येक ग्राम पंचायत तक पहुंचेगा


आजादी का अमृत महोत्सव के तहत सत्याग्रह से स्वच्छाग्रह रथ यात्रा को जिला पंचायत परिसर से किया गया रवाना 17 दिवसीय अभियान में प्रत्येक ग्राम पंचायत तक पहुंचेगा

दुर्ग 16 सितंबर । ‘‘आजादी का अमृत महोत्सव‘‘ के वृहद प्रचार-प्रसार हेतु सत्याग्रह से स्वच्छाग्रह रथ यात्रा अंतर्गत जिला स्तर पर स्वच्छता जागरूकता रथ तैयार किया गया है। जिला स्तरीय रथ द्वारा 15 सितम्बर से 02 अक्टूबर,  तक तीनों विकासखंडों के ग्राम पंचायतों का भ्रमण किया जावेगा। कल श्रीमती शालिनी रिवेन्द्र यादव अध्यक्ष जिला पंचायत दुर्ग एवं  देवेन्द्र देशमुख अध्यक्ष, जनपद पंचायत दुर्ग द्वारा जिला पंचायत दुर्ग परिसर से हरी झण्डी दिखाकर स्वच्छता जागरूकता रथ को ग्राम पंचायतों के लिये रवाना किया गया। स्वच्छता जागरूकता रथ द्वारा सर्वप्रथम ग्राम पंचायत रिसामा, ज.पं. दुर्ग का भ्रमण किया गया। रथ द्वारा प्रतिदिन 5 से 6 ग्राम पंचायतों का भ्रमण कर फ्लैक्स एवं लाउड स्पीकर के माध्यय से ग्रामीणों को स्वच्छता, ओ.डी.एफ. प्लस, स्थायित्व एवं सुजलाम अभियान, सोख्ता गड्ढों के महत्व, दूषित जल से होने वाली हानियों एवं समुचित निपटान, गोबरधन योजना के लाभ, फिकल स्लज के उचित निपटान, राष्ट्रीय नारा लेखन प्रतियोगिता एवं स्वच्छ भारत मिशन के सभी घटकों के संबंध में जागरूक किया जा रहा है। स्वच्छता रथ भ्रमण हेतु तैयार की गई रूट चार्ट की जानकारी से ग्राम पंचायतों को अवगत कराया जा चुका है। एस. आलोक, मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत दुर्ग द्वारा ग्राम पंचायतों में रथ भ्रमण हेतु निर्धारित तिथियों में ग्राम पंचायत स्तर पर श्रमदान एवं स्वच्छता गतिविधियों का आयोजन किये जाने हेतु सरपंच, सचिव, स्वच्छाग्राहियो को निर्देशित किया गया है। उक्त अवसर पर के.के. तिवारी, परियोजना अधिकारी, डॉ. सोनाली ठाकुर, सहायक परियोजना अधिकारी, गिरीश माथुरे, जिला समन्वयक, राजेश तांडेकर, जिला सलाहकार, स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण), जि.पं. दुर्ग, सी.एल. देवांगन एवं जिला पंचायत व जनपद पंचायत दुर्ग के कर्मचारीगण उपस्थित रहे।

ग्राम पंचायत रिसामा, जनपद पंचायत दुर्ग में स्वच्छता जागरूता रथ के माध्यम से लोगो को स्वच्छता के प्रति जागरूक किया गया। स्वच्छता रथ भ्रमण के साथ श्रमदान कर सार्वजनिक स्थल जैसे चंडी चौक, अटल चौक, बाजार पारा, इंदरा आवास पारा की साफ-सफाई की गई, घर-घर सम्पर्क कर ग्रामीणों को जागरूक किया गया, स्वच्छता बैठक का आयोजन कर गिरीश माथुरे, जिला समन्वयक व राजेश तांडेकर, जिला सलाहकार स्वभामिग्रा द्वारा उपस्थित सरपंच, सचिव, पंच, स्वच्छग्राही समूह की महिलाओं एवं ग्रामीणों को स्वच्छत के महत्व, ओ.डी.एफ. प्लस के घटक एवं सोख्ता गड्ढा निर्माण से होने वाले लाभ व दूषित जल से होने वाली हानियों के संबंध में जानकारी दी गई, जिससे ग्राम में स्वच्छता का स्थायित्व बना रहे व ग्रामीणजन बीमारियों स मुक्त रहे। उक्त अवसर पर श्रीमती योगिता चंद्राकर, जिला पंचायत सदस्य, लेखन साहू, जनपद सदस्य, श्रीमती गीता महानंद, सरपंच, बैकुण्ठ महानंद, गौठान समिति अध्यक्ष, तिजीया बाई साहू, पूर्व जनपद सदस्य, पूर्णिमा साहू, निर्मला साहू, पंच, गिरीश माथुरे, जिला समन्वयक, राजेश तांडेकर, जिला सलाहकार, स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण), जि.पं. दुर्ग रविशंकर खुसरो, विकासखंड समन्वयक, श्रीमती डामिन साहू, संकुल समन्वयक, स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण), ज.पं. दुर्ग, धारेन देवांगन सचिव, मॉ शीतला स्व सहायता समूह एवं श्री श्री स्व सहायता समूह की महिलाएं एवं ग्रामीणजन उपस्थित रहे।

ग्राम पंचायत पंदर, जनपद पंचायत पाटन में आजादी के अमृत महोत्सव कार्यक्रम आयोजित किया गया। स्वच्छता ही सेवा अंतर्गत श्रमदान कर सार्वजनिक स्थलों की साफ-सफाई की गई, जनप्रतिनिधियों द्वारा कार्यक्रम में उपस्थित ग्रामीणों को आजादी के अमृत महोत्सव के संबंध में जानकारी देते हुए स्वच्छता के महत्व के संबंध में बताया गया एवं सोख्ता गड्ढे का निर्माण किये जाने हेतु प्रेरित किया गया। उक्त कार्यक्रम में श्रीमती रामबाई सिन्हा, अध्यक्ष, जनपद पंचायत पाटन, देवेन्द्र चंद्रवंशी, उपाध्यक्ष, ज.पं. पाटन,  दिनेश साहू, सभापति, गुलाब ठाकुर, माननीय सभापति,  राजाराम गहिरवार, विधायक प्रतिनिधि, श्रीमती डागेश्वरी धनकर, श्रीमती बिमला कोसरे, सदस्य, जनपद पंचायत पाटन, गिरीश माथुरे, जिला समन्वयक,  राजेश तांडेकर, जिला सलाहकार, स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण), जिला पंचायत दुर्ग, श्रीमती वेदकुमारी वर्मा, सरपंच, दिनेश वर्मा, उपसरपंच, लोकेश वर्मा, पंच, नीलमणी चंदेल, विकासखंड समन्वयक,  नरेश साहू, संकुल समन्वयक, स्वभामिग्रा,  लोचन बंजारे, अंकित शर्मा, यंग प्रोफेसनल, श्रीमती सरिता साहू, पी.आर.पी भुनेश्वर गजपाल, सचिव, अन्नपूर्णा स्वच्छाग्राही स्व-सहायता समूह की महिलाएं एवं ग्रामीणजन उपस्थित रहे।

आजादी का अमृत मोहत्सव

भारत की आजादी की 75वी वर्षगांठ के उपलक्ष्य में ‘‘आजादी  का अमृत महोत्सव‘‘ अंतर्गत जिला स्तर पर विभिन्न प्रचार-प्रसार गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है। प्रचार-प्रसार गतिविधि अंतर्गत स्वच्छता जागरूकता रथ, स्वच्छाग्राहियों का सम्मान आदि का अयोजन किया जावेगा। ‘‘आजादी का अमृत महोत्सव‘‘ के अंतर्गत सर्वप्रथम स्वच्छता ही सेवा 15 सितम्बर से 02 अक्टूबर तक सत्याग्रह से स्वच्छाग्रह रथ यात्रा आरंभ किया जा रहा है। जिला मुख्यालय दुर्ग से जनप्रतिनिधियों द्वारा रथ को हरी झण्डी दिखाकर ग्राम पंचायतों की ओर रवाना किया जावेगा। स्थायित्व एवं सुजलाम अभियान अंतर्गत 100 दिवस अभियान का लक्ष्य रखा गया है।  जिसका उदेश्य ग्रामीण क्षेत्रों में ज्यादा से ज्यादा सोख्ता गड्ढे का निर्माण करते हुए ग्राम में बह रहे ग्रे-वाटर का सुरक्षित निपटान करना है। 100 दिवस के अभियान का शुभारंभ स्थानीय जनप्रतिनिधियों द्वारा किया जा रहा है। प्रत्येक ग्राम पंचायत हेतु एक लक्ष्य का निर्धारण करते हुए अभियान चलाया जा रहा है। 100 दिवस के अभियान की जानकारी एवं निर्धारित लक्ष्य को जनपद स्तर तक प्रसारित किया गया है। जनपद पंचायत स्तर पर अभियान के संबंध में प्रशिक्षण उन्मुखीकरण किया जा चुका है। अभियान के सफल आयोजन हेतु उचित निगरानी तंत्र को विकसित किया गया है। क्षेत्र भ्रमण कर ग्राम पंचायतों में निर्माण होने वाले वाले सोख्ता गड्ढों पर विस्तृत तकनीकी सहयोग ग्रामीण यांत्रिकी सेवा द्वार प्रदान किया जावेगा। ग्राम सभा का अयोजन कर ओ.डी.एफ. स्थायित्व को बनाये रखने एवं प्लास्टिक प्रतिबंध प्रस्ताव पारित किया जा रहा है। 100 दिनों की योजना का निर्माण करते हुए ओ.डी.एफ स्थायित्व को ध्यान में रखते हुए सोख्ता गड्ढों के निर्माण किये जायेंगे। अभियान के दौरान जहां पूर्व से सोख्ता गड्ढा निर्मित न हुए हो उन सभी हैंडपम्प के सामने अनिवार्यतः सोख्ता गड्ढ़ें का निर्माण किया जावेगा। एस. आलोक, मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत दुर्ग द्वारा जानकारी दी गई कि स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) अंतर्गत 529 सोख्ता गड्ढा निर्माण की स्वीकृति कर राशि रू. 66.00 लाख जारी किया जा चुका है। इसके अतिरिक्त आवश्यकता के आधार पर 15वें वित्त आयोग एवं मनरेगा से गांव में सोख्ता गड्ढों का निर्माण किया जावेगा। 100 दिनों के अभियान के दौरान व्यक्तिगत शौचालयों का उपयोग एवं सामुदायिक शौचालयों का संचालन पर लोगों के व्यवहार परिवर्तन पर जोर दिया जायेगा। गॉव में बढें हुए सभी नये पात्र परिवारों के घरों मे शौचालय का निर्माण एवं उपयोग सुनिश्चित किया जायेगा। निर्मित सभी सामुदायिक शौचालयों में पानी की व्यवस्था करते हुए संचालन सुनिश्चित किया जावेगा।

स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) प्रथम चरण में गांव को खुले में शौच से मुक्त करते हुए ओ.डी.एफ. गांव बनाया गया है। यह उपलब्धि ग्रामीण समुदाय के स्वास्थ्य एवं आर्थिक लाभ हेतु उल्लेखनीय रहा। यह महत्वपूर्ण है कि ओ.डी.एफ. की स्थ्ति गॉव में बानाये रखने हेतु शौचालय का निरंतर उपयोग पर लोगों का व्यवहार परिवर्तन निरंतर किया जाये, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में स्थायी स्वच्छता एवं स्वास्थ्य बना रहे। स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) फेस-2 के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में ग्रे-वाटर के सुरक्षित निपटान को सुनिश्चित करने के लिये सामुदायिक स्तर सोख्ता गड्ढा निर्माण करने पर जोर दिया जा रहा है। विकेंद्रीकृत प्रणाली से ग्रे-वाटर के सुरक्षित प्रबंधन के लिये विशेष रूप से सोख्ता गड्ढों को प्रभवी माना गया है। जिन ग्राम पंचायतों में हैण्डपम्प एवं जल स्त्रोतों के पास सोख्ता गड्ढा निर्माण नहीं किया गया है, उनके प्रस्ताव मंगवाये जा रहे हैं। भारत सरकार, पेयजल एवं स्वच्छता विभाग जल शक्ति मंत्रालय, नई दिल्ली द्वारा ग्रामीण स्तर पर ओ.डी.एफ. प्लस पर किये जा रहे प्रयासों को पुनः सक्रिय करने, ओ.डी.एफ. के स्थायित्व को बनाये हेतु एवं ग्रामीण क्षेत्रों में ग्रे-वाटर के सुरक्षित प्रबंधन हेतु 100 दिवस का अभियान दिनांक  25 अगस्त 2021 से प्रारंभ किया गया है,

स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) योजना को देश में सर्वश्रेष्ठ व्यवहार परिवर्तन योजना के रूप में मान्यता प्राप्त हुआ है। विगत दिनों में स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) व्यवहार परिवर्तन के दृष्टिकोण से सर्वश्रेष्ठ स्थान प्राप्त किया है, इस योजना ने ग्रामीण समुदाय में स्वच्छता के प्रति जागरूकता एवं उनके जीवन शैली में बदलाव लाने में अहम भूमिका निभाया है। इसी क्रम में स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) फेस-2 के विभिन्न घटकों पर जन जागरूकता सृजन, ओ.डी.एफ. प्लस की ओर लोगों के व्यवहार परिवर्तन के लिये ‘‘राष्ट्रीय नारा लेखन प्रतियोगिता‘‘ 15 अक्टूबर तक पूरे प्रदेश में आयोजित किया जा रहा है। इस अभियान के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों के सभी सामुदायिक स्थलों जैसे पंचायत भवन, स्कूल, आंगनबाड़ी, सामुदायिक स्वच्छता परिसर, सामुदायिक भवन, पर्यटल स्थल, बस स्टेंड, हाट बाजार आदि स्थानों में ओ.डी.एफ. प्लस के सभी घटकों पर जन जागरूकता सृजन के लिये नारा लेखन किया जा रहा है।इस अभियान के अंतर्गत आयोजित नारा लेखन प्रतियोगिता में श्रेष्ठ प्रदर्शन करने वालों को राष्ट्रीय स्तर, राज्य स्तर एवं जिला स्तर से सम्मानित किया जायेगा। ओ.डी.एफ. प्लस के घटकों के प्रत्येक विषय पर लिखे गये नारों की कुल संख्या के आधार पर श्रेष्ठ 03 ग्राम पंचायतों को जिला स्तर पर एवं श्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले 3 जिले को राज्य स्तर पर सम्मानित किया जायेगा। स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) अंतर्गत ओ.डी.एफ. ग्राम पंचायतों को ओ.डी.एफ. प्लस बनाने के क्रम में ‘‘राष्ट्रीय नारा लेखन प्रतियोगिता‘‘ एक महत्वपूर्ण अवसर है। प्रतियोगिता के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में ओ.डी.एफ. प्लस के सभी घटकों पर प्रचार-प्रसार कर ग्रामीणों को जागरूक किया जावेगा। इस प्रतियोगिता में स्वच्छाग्राही स्व-सहायता समूहों को अधिक से अधिक प्रतिभाग किया जा रहा है।