🔴15 वर्षों से लोगों को बना रही अपना शिकार
सीजी न्यूज़ ऑनलाइन, 05 अगस्त 2026। 1.13 करोड़ की निवेश धोखाधड़ी का खुलासा करते हुए पुलिस ने, दो अंतरराज्यीय ठग महिलाओं गिरफ्तार किया है। नागपुर से गिरफ्तार इन महिलाओं ने नागपुर, लखनऊ सहित विभिन्न राज्यों में ठगी की थी। वे 15 वर्षों से ठगी कर रही हैं।
पुलिस उपायुक्त (क्राइम एवं साइबर) रायपुर स्मृतिक राजनाला, उपायुक्त (मध्य जोन) तारकेश्वर पटेल ने बताया कि उमेश कुमार सिन्हा, निवासी ग्राम बोरिदकला, तहसील गुरूर, जिला बालोद ने थाना तेलीबांधा में रिपोर्ट दर्ज कराया था। वह सालिक ग्रीन रिन्यूएबल एनर्जी प्रा. लि. का डायरेक्टर हैं। वर्ष 2026 में कंपनी के विस्तार एवं नए प्लांट की स्थापना हेतु लगभग 45 करोड रूपये के निवेश की आवश्यकता होने पर उसकी मुलाकात राकेश कौशिक के माध्यम से दीपक सिंह, अभिषेक सिंह, योगी एवं अन्य व्यक्तियों से हुई। आरोपियों ने स्वयं को प्रभावशाली व्यक्तियों से जुड़ा बताते हुए कंपनी के लिए निवेश एवं फंड उपलब्ध कराने का विश्वास दिलाया। आरोपियों ने आपसी षड्यंत्र के तहत बड़े अधिकारियों से बैठक, फाइल प्रोसेसिंग, सुरक्षा स्वीकृति, विदेशी परीक्षण, हाई-पावर केमिकल, केमिकल परीक्षण तथा अन्य आवश्यक औपचारिकताओं के नाम पर प्रार्थी को अपने विश्वास में लिया। विश्वास बनाए रखने के उद्देश्य से उसे चेन्नई एवं नागपुर बुलाया गया, जहां नकली केमिकल, काले नोटों को असली नोटों में परिवर्तित करने का झूठा प्रदर्शन, कथित विदेशी तकनीक, बड़े अधिकारियों के साथ बैठकें तथा फंड रिलीज से संबंधित मनगढ़ंत कहानियां दिखाकर यह विश्वास दिलाया गया कि निवेश की प्रक्रिया शीघ्र पूर्ण हो जाएगी। इसके पश्चात कभी विदेशी परीक्षण, कभी हाई-पावर केमिकल, कभी वरिष्ठ अधिकारियों की अनुमति तो कभी अन्य आवश्यक औपचारिकताओं का बहाना बनाकर लगातार अतिरिक्त धनराशि की मांग की जाती रही तथा झूठे आश्वासनों एवं नकली प्रक्रियाओं के माध्यम से प्रार्थी को भ्रमित कर प्रार्थी से विभिन्न किश्तों में कुल 1,13,00,000/- (एक करोड़ तेरह लाख रुपये) की धोखाधड़ी पूर्वक राशि प्राप्त कर हड़प ली।
एण्टी क्राइम एण्ड साइबर यूनिट थाना तेलीबांधा पुलिस की संयुक्त टीम ने प्रार्थी से विस्तृत पूछताछ उससे संपर्क करने में प्रयुक्त मोबाइल नंबरों का तकनीकी विश्लेषण किया। साथ ही जिन बैंक खातों में प्रार्थी द्वारा धनराशि हस्तांतरित की गई थी, उनके संबंध में विस्तृत जानकारी एकत्र कर वित्तीय लेन-देन का विश्लेषण किया गया। मोबाइल नंबरों, बैंक खातों, डिजिटल साक्ष्यों एवं अन्य तकनीकी तथ्यों के निरंतर विश्लेषण के दौरान घटना में संलिप्त दो महिला आरोपियों की पहचान सुनिश्चित की गई तथा उनको महाराष्ट्र के नागपुर में लोकेट कर पुलिस टीम को नागपुर (महाराष्ट्र) रवाना किया गया। दोनों महिला आरोपियों को हिरासत में लिया गया। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर प्रार्थी को निवेश दिलाने का झूठा आश्वासन देकर सुनियोजित तरीके से धोखाधड़ी करना स्वीकार किया। इसी प्रकार निवेश उपलब्ध कराने, फंड रिलीज कराने एवं अन्य झूठे प्रलोभन देकर अनेक व्यक्तियों से धोखाधड़ी कर चुके हैं। आरोपियों की गतिविधियां देश के विभिन्न राज्यों में पाई गई हैं। इस संबंध में संबंधित राज्यों एवं जिलों की पुलिस से समन्वय स्थापित कर आरोपियों के संबंध में जानकारी साझा की जा रही है, ताकि उनके विरुद्ध दर्ज अन्य प्रकरणों एवं आपराधिक गतिविधियों का सत्यापन कर आवश्यक वैधानिक कार्यवाही की जा सके।
दोनों महिला आरोपी को गिरफ्तार कर उनसे 3 मोबाईल फोन, नगद 26,000/- रूपये, एटीएम कार्ड एवं आधार कार्ड जप्त कर आरोपियों के विरूद्ध अग्रिम कार्यवाही की जा रहीं है।
तरीका-ए-वारदात – आरोपियों द्वारा सुनियोजित षड्यंत्र के तहत स्वयं को प्रभावशाली व्यक्तियों एवं विदेशी निवेशकों से जुड़ा हुआ बताकर प्रार्थी का विश्वास अर्जित किया जाता है। इसके पश्चात कंपनी के लिए बड़े निवेश एवं फंड स्वीकृत कराने का झांसा देते हुए बड़े अधिकारियों से बैठक, फाइल प्रोसेसिंग, सुरक्षा स्वीकृति, विदेशी परीक्षण, हाई-पावर केमिकल एवं अन्य तकनीकी औपचारिकताओं का हवाला दिया जाता है। प्रार्थी का विश्वास बनाए रखने के लिए आरोपियों द्वारा उसे विभिन्न स्थानों पर बुलाकर नकली केमिकल एवं विशेष रासायनिक प्रक्रिया का प्रदर्शन किया जाता है तथा यह झूठा दावा किया जाता है कि काले रंग से ढके नोटों को विशेष केमिकल एवं विदेशी तकनीक की सहायता से असली भारतीय मुद्रा में परिवर्तित किया जा सकता है। आरोपियों द्वारा पहले से तैयार असली नोटों का उपयोग कर नकली रासायनिक प्रक्रिया का प्रदर्शन किया जाता है। वॉश-वॉश (Wash&Wash) ब्लैक मनी स्कैम पद्धति का उपयोग करते हुए विशेष केमिकल, विदेशी तकनीक एवं काले नोटों को असली नोटों में परिवर्तित करने का झूठा प्रदर्शन कर लोगों का विश्वास जीता जाता है, जिससे प्रार्थी उनकी बातों पर विश्वास कर ले। इसके पश्चात आरोपियों द्वारा कभी विदेशी केमिकल मंगाने, कभी हाई-पावर केमिकल खरीदने, कभी विदेशी परीक्षण, कभी वरिष्ठ अधिकारियों की अनुमति, तो कभी फंड रिलीज एवं अन्य आवश्यक औपचारिकताओं का बहाना बनाकर विभिन्न किश्तों में लगातार धनराशि ऐंठी जाती है।
गिरफ्तार आरोपी
- कनिज फातमा उर्फ भावना पांडेय पति शुभम पाण्डेय उम्र 24 साल निवासी राजरहाट गोपालपुर थाना न्यू टाउन हथियारा इसानपल्ली कोलकाता।
- दीपिका पॉलीवाल पिता उमाशंकर पालीवाल उम्र 24 साल निवासी आनंद विहार मॉली कालोनी उदयपुर राजस्थान।

