सीजी न्यूज ऑनलाइन, 27 जुलाई 2026। सर्पदंश से मृत्यु पर दिए जाने वाले मुआवजे में हुए करोड़ों रुपये के फर्जीवाड़े की जांच अब नए चरण में पहुंच गई है। बिलासपुर पुलिस ने मामले में पांच नायब तहसीलदारों और पांच राजस्व लिपिकों को नोटिस जारी कर बयान दर्ज कराने के लिए बुलाया है। हालांकि नोटिस मिलने के बावजूद सभी अधिकारियों और कर्मचारियों के बयान अभी तक दर्ज नहीं हो सके हैं, जिससे जांच की प्रक्रिया धीमी पड़ गई है।
पुलिस उन राजस्व अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका की पड़ताल कर रही है, जिनके कार्यक्षेत्र में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर सर्पदंश मृत्यु के मामलों में मुआवजा स्वीकृत किया गया था। इसी उद्देश्य से विभिन्न थानों में दर्ज एफआईआर के संबंध में संबंधित अधिकारियों को पूछताछ के लिए तलब किया गया है। विधानसभा में मामला उठने के बाद दर्ज एफआईआर में वकील, चिकित्सक, राजस्व विभाग के कर्मचारी और बिचौलियों को आरोपी बनाया गया है। अब तक इनमें से 19 लोग गिरफ्तार किए जा चुके हैं।
सरकंडा थाने से नोटिस मिलने के बाद तहसील कार्यालय के चार लिपिक बयान दर्ज कराने पहुंचे थे, लेकिन कुछ कारणों से उनके बयान दर्ज नहीं हो सके। पुलिस दस्तावेजों के मिलान और तथ्यों के सत्यापन की प्रक्रिया पूरी नहीं होने के कारण जांच आगे नहीं बढ़ पाई।
इधर, जांच की निष्पक्षता को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। प्रशासनिक हलकों में यह चर्चा है कि जिन थाना प्रभारियों ने शुरुआती जांच के दौरान कथित गड़बड़ियों को नहीं पकड़ा था, वही अब पूरे मामले की जांच कर रहे हैं। ऐसे में स्वतंत्र एजेंसी या विशेष जांच दल से जांच कराने की मांग जोर पकड़ने लगी है।
प्रारंभिक जांच के दौरान पता चला है कि फर्जी पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पंचनामों के आधार पर प्राकृतिक आपदा राहत मद से मुआवजा स्वीकृत किया गया था। इस प्रक्रिया में पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की भूमिका बराबर की रही है।
बताया गया कि प्रारंभिक जांच के लिए गठित तीन सदस्यीय समिति में तत्कालीन तहसीलदार प्रकाश साहू, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ.श्रीकेश कुमार गुप्ता तथा संबंधित थाना प्रभारी शामिल थे। जांच के दौरान किसी स्तर पर आपत्ति दर्ज नहीं किए जाने को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
सिटी कोतवाली, सिविल लाइन, सरकंडा, सिरगिट्टी और कोनी थाना क्षेत्रों में दर्ज प्रकरणों से जुड़े जिन पांच नायब तहसीलदारों ने उस समय संबंधित फाइलों पर अनुमोदन किया था, अब उनकी भूमिका की भी जांच की जा रही है।
