सीजी न्यूज़ ऑनलाइन, 24 जुलाई 2026। एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) बिलासपुर की टीम ने गुरुवार रात बड़ी ट्रैप कार्रवाई करते हुए जिला अस्पताल सक्ती के प्रभारी सिविल सर्जन डॉ. संतोष कुमार पटेल को 1 लाख रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया। आरोपी पर अपने ही अधीनस्थ कर्मचारी का पे-डेटा सीएमएचओ कार्यालय भेजने के एवज में रिश्वत मांगने का आरोप है।
एसीबी के अनुसार, गंगा प्रसाद रत्नाकर, फार्मासिस्ट ग्रेड-2, ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उनकी मूल पदस्थापना सीएमएचओ कार्यालय, पोरथा (जिला सक्ती) में है, जबकि वे फरवरी 2026 से जिला अस्पताल सक्ती में अटैचमेंट पर कार्यरत हैं।
शिकायत में बताया गया कि प्रभारी सिविल सर्जन डॉ. संतोष कुमार पटेल मई और जून 2026 का उनका पे-डेटा सीएमएचओ कार्यालय नहीं भेज रहे थे। आरोपी ने कथित तौर पर कहा कि चूंकि कर्मचारी फरवरी 2026 से उनके अधीन कार्यरत है, इसलिए फरवरी से जून तक के पांच माह के लिए 20-20 हजार रुपये, यानी कुल 1 लाख रुपये देने पर ही पे-डेटा भेजा जाएगा।
शिकायतकर्ता रिश्वत देने के बजाय आरोपी को रंगे हाथों पकड़वाना चाहता था। एसीबी ने शिकायत का सत्यापन किया, जिसमें रिश्वत मांगने की पुष्टि होने के बाद ट्रैप की योजना बनाई गई।
गुरुवार रात आरोपी ने शिकायतकर्ता को रिश्वत की रकम लेकर अपने अस्थायी निवास डभरा बुलाया। बाद में डभरा कॉलेज मोड़ के पास मिलने के लिए कहा। रात करीब 9 बजे आरोपी शिकायतकर्ता की स्कॉर्पियो में बैठा और जैसे ही उसने 1 लाख रुपये की रिश्वत ली, पहले से घात लगाए बैठी एसीबी बिलासपुर की टीम ने उसे रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।
एसीबी ने आरोपी के कब्जे से रिश्वत की पूरी रकम बरामद कर ली है। आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 7 के तहत मामला दर्ज कर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।

