बीएसपी अस्पतालों के निजीकरण के विरोध में संयुक्त ट्रेड यूनियनों का आंदोलन आज

बीएसपी अस्पतालों के निजीकरण के विरोध में संयुक्त ट्रेड यूनियनों का आंदोलन आज



भिलाईनगर, 14 जुलाई 2026। भिलाई इस्पात संयंत्र (बीएसपी) के अस्पतालों के संभावित निजीकरण के विरोध में संयुक्त ट्रेड यूनियनों ने मंगलवार को आंदोलन का आह्वान किया है। यूनियनों ने शाम 6 बजे सेक्टर-9 अस्पताल परिसर में प्रदर्शन आयोजित करने की घोषणा की है।
कर्मचारियों और आम नागरिकों से शामिल होने की अपील
संयुक्त ट्रेड यूनियनों ने बीएसपी कर्मियों, सेवानिवृत्त कर्मचारियों, उनके परिजनों तथा आम नागरिकों से बड़ी संख्या में आंदोलन में शामिल होकर अस्पतालों को निजी हाथों में जाने से बचाने की अपील की है।
लाखों लोगों की स्वास्थ्य सेवाओं का प्रमुख केंद्र
यूनियनों का कहना है कि सेक्टर-9 अस्पताल केवल बीएसपी कर्मचारियों का अस्पताल नहीं है, बल्कि भिलाई और आसपास के लाखों लोगों को स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराता है। यहां आधुनिक ब्लड बैंक, बर्न यूनिट, ट्रॉमा सेंटर, कार्डियक केयर, नवजात एवं बाल चिकित्सा सहित कई विशेष चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध हैं।
निजीकरण की आशंका पर जताई चिंता
यूनियनों का आरोप है कि बीएसपी प्रबंधन द्वारा नियुक्त परामर्शदाता कंपनी की सिफारिशों और निजी संस्थाओं से अभिरुचि की अभिव्यक्ति (ईओआई) आमंत्रित किए जाने की खबरों से अस्पतालों के निजीकरण की आशंका बढ़ गई है। उनका कहना है कि यदि अस्पताल निजी या कॉर्पोरेट प्रबंधन को सौंपे गए तो कर्मचारियों, पेंशनरों और आम जनता को मिलने वाली स्वास्थ्य सुविधाएं प्रभावित होंगी और इलाज महंगा हो जाएगा।
ब्लड बैंक बचाने के आंदोलन का दिया उदाहरण
संयुक्त ट्रेड यूनियनों ने कहा कि पहले भी कर्मचारियों, सामाजिक संगठनों और जनप्रतिनिधियों के संयुक्त प्रयास से सेक्टर-9 अस्पताल के ब्लड बैंक को बचाया गया था। अब अस्पतालों को निजीकरण से बचाने के लिए एक बार फिर जनएकजुटता की जरूरत है।
यूनियनों की प्रमुख मांगें
यूनियनों ने मांग की है कि बीएसपी के सभी अस्पतालों के निजीकरण, लीज या कॉर्पोरेट प्रबंधन को सौंपने की प्रक्रिया तत्काल रोकी जाए। साथ ही अस्पतालों से जुड़े सभी प्रस्ताव सार्वजनिक किए जाएं तथा बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के लिए पर्याप्त वित्तीय और मानव संसाधन उपलब्ध कराए जाएं।
सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं की रक्षा का आह्वान
संयुक्त ट्रेड यूनियनों ने कहा कि यह आंदोलन केवल कर्मचारियों का नहीं, बल्कि सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं की रक्षा का अभियान है। उन्होंने सभी नागरिकों से आंदोलन में शामिल होकर अस्पतालों के संरक्षण के लिए समर्थन देने की अपील की है।