सेक्टर-9 अस्पताल के निजीकरण पर भड़की ट्रेड यूनियनें, 14 को होगा बड़ा प्रदर्शन

सेक्टर-9 अस्पताल के निजीकरण पर भड़की ट्रेड यूनियनें, 14 को होगा बड़ा प्रदर्शन


🔴संयुक्त ट्रेड यूनियनों ने तेज किया जनसंपर्क अभियान

भिलाईनगर, 08 जुलाई 2026। भिलाई इस्पात संयंत्र के जवाहर लाल नेहरू चिकित्सालय एवं अनुसंधान केंद्र (सेक्टर-9 अस्पताल) के प्रस्तावित निजीकरण के विरोध में संयुक्त ट्रेड यूनियनों ने आंदोलन तेज कर दिया है। 14 जुलाई को होने वाले विरोध प्रदर्शन के समर्थन में यूनियन प्रतिनिधियों ने अस्पताल कर्मियों के बीच पर्चे वितरित कर चर्चा की और निजीकरण के खिलाफ एकजुट होने की अपील की।

संयुक्त ट्रेड यूनियनों ने कहा कि सार्वजनिक संपत्ति जनता की सेवा के लिए है, किसी निजी कंपनी के मुनाफे के लिए नहीं। उनका कहना है कि स्वास्थ्य सेवा का उद्देश्य जनसेवा होना चाहिए, न कि लाभ कमाना।

यूनियनों का आरोप है कि अस्पतालों के निजीकरण से गरीब, मध्यम वर्ग, श्रमिक, किसान, पेंशनभोगी और असंगठित क्षेत्र के लोगों पर इलाज का आर्थिक बोझ बढ़ जाएगा। उनका कहना है कि महंगी चिकित्सा सेवाओं के कारण आम लोगों की गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाओं तक पहुंच सीमित हो सकती है।

ट्रेड यूनियनों ने यह भी कहा कि निजी कंपनियों को अस्पताल सौंपने से मुनाफा कमाने की प्रवृत्ति बढ़ेगी, जिससे अनावश्यक जांच और महंगे उपचार को बढ़ावा मिल सकता है। वहीं भुगतान करने में सक्षम लोगों को तो सुविधाएं मिलेंगी, लेकिन आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग प्रभावित होगा।

यूनियन नेताओं ने कहा कि सार्वजनिक अस्पताल आवश्यकता के आधार पर उपचार उपलब्ध कराते हैं और कम लागत पर ऑपरेशन, दवाइयां, आपातकालीन सेवाएं तथा विशेष चिकित्सा सुविधाएं प्रदान करते हैं। महामारी, दुर्घटना और आपदा जैसी परिस्थितियों में सार्वजनिक अस्पताल समाज की सबसे बड़ी सुरक्षा साबित होते हैं।

संयुक्त ट्रेड यूनियनों ने केंद्र और प्रबंधन से मांग की है कि जवाहर लाल नेहरू चिकित्सालय एवं अनुसंधान केंद्र, सेक्टर-9 अस्पताल को निजी हाथों में सौंपने की प्रक्रिया तत्काल रोकी जाए तथा सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए पर्याप्त निवेश किया जाए।

यूनियनों ने सभी कर्मचारियों, श्रमिक संगठनों और आम नागरिकों से 14 जुलाई को आयोजित विरोध प्रदर्शन में शामिल होकर सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं को बचाने की मुहिम को समर्थन देने की अपील की।