सेवा सहकारी समिति परसतराई में सहकारी सप्ताह का शुभारंभ, किसानों को योजनाओं की दी गई जानकारी

सेवा सहकारी समिति परसतराई में सहकारी सप्ताह का शुभारंभ, किसानों को योजनाओं की दी गई जानकारी


🔴सहकारिता मंत्रालय के 5 वर्ष पूर्ण होने पर आयोजित हुआ कार्यक्रम, नए कृषकों को जोड़ा गया सदस्यता अभियान से

भिलाईनगर, 29 जून 2026। भारत सरकार के सहकारिता मंत्रालय की स्थापना के पांच वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में सेवा सहकारी समिति मर्यादित परसतराई में 29 जून से 6 जुलाई तक आयोजित होने वाले सहकारी सप्ताह कार्यक्रम का शुभारंभ सोमवार को समिति प्रांगण में किया गया। कार्यक्रम में किसानों को सहकारिता से जुड़ी योजनाओं तथा कृषि आय बढ़ाने के उपायों की जानकारी दी गई।

कार्यक्रम की शुरुआत भगवान बलराम की पूजा-अर्चना एवं छत्तीसगढ़ के राजकीय गीत ‘अरपा पैरी के धार’ के गायन के साथ हुई। इसके बाद संस्था के प्राधिकृत अधिकारी सतीश साहू ने ध्वजारोहण कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।

सदस्यता अभियान के तहत जुड़े नए कृषक

सहकार सदस्यता अभियान के अंतर्गत तीन नए कृषकों को समिति का सदस्य बनाया गया। इस दौरान समिति प्रबंधक बहादुर पिपरिया ने समिति के बायलॉज का वाचन करते हुए किसानों को सहकारिता के महत्व और सदस्यता से मिलने वाले लाभों की जानकारी दी।

किसानों को दी गई योजनाओं की जानकारी

समिति प्रबंधक बहादुर पिपरिया ने उपस्थित किसानों को खाद, बीज, किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी), सदस्यता विस्तार, गौपालन, मत्स्यपालन एवं बकरी पालन जैसी योजनाओं के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने किसानों को शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ उठाकर अपनी आय बढ़ाने के लिए प्रेरित किया।

संतुलित उर्वरक उपयोग पर दिया गया जोर

कार्यक्रम में उपस्थित जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने किसानों को रासायनिक उर्वरकों के संतुलित उपयोग की आवश्यकता पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक तरीके से खेती और योजनाओं का समुचित लाभ लेकर किसान अपनी आर्थिक स्थिति को मजबूत बना सकते हैं।

कार्यक्रम में प्राधिकृत अधिकारी सतीश साहू, कृषक कुलेश्वर देशमुख, महतरु ठाकुर, राजेंद्र गोस्वामी, समिति प्रबंधक बहादुर पिपरिया, डीगेंद्र पिपरिया, मुकेश ठाकुर, राजूलाल साहू, संजय ठाकुर, शिव नेताम सहित लगभग 30 किसान भाई-बहन उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के अंत में किसानों से सहकारिता आंदोलन को मजबूत बनाने और शासन की योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ लेने का आह्वान किया गया।