ऑनलाइन सट्टा नेटवर्क का भंडाफोड़, 3 अंतर्राज्यीय आरोपी गिरफ्तार

ऑनलाइन सट्टा नेटवर्क का भंडाफोड़, 3 अंतर्राज्यीय आरोपी गिरफ्तार


🔴81 एटीएम कार्ड और 62 पासबुक जब्त

भिलाईनगर, 22 जून 2026। दुर्ग पुलिस ने ऑनलाइन जुआ-सट्टा और म्यूल अकाउंट नेटवर्क के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन अंतर्राज्यीय आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से 81 एटीएम कार्ड, 62 बैंक पासबुक, 5 चेकबुक, 13 मोबाइल फोन, 11 सिम कार्ड, एक लैपटॉप और हार्ड डिस्क सहित करीब 2.50 लाख रुपये मूल्य की सामग्री जब्त की गई है।

पुलिस के अनुसार थाना खुर्सीपार और एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट की संयुक्त टीम को सूचना मिली थी कि आईटीआई खेल मैदान के पास कुछ युवक लैपटॉप और मोबाइल फोन के माध्यम से ऑनलाइन जुआ-सट्टा संचालित कर रहे हैं। सूचना के आधार पर पुलिस ने घेराबंदी कर तीनों आरोपियों को पकड़ लिया।

पूछताछ में आरोपियों ने ऑनलाइन सट्टा संचालन और अवैध वित्तीय लेन-देन में संलिप्तता स्वीकार की। जांच में सामने आया कि आरोपी आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को पैसों का लालच देकर उनके नाम से बैंक खाते खुलवाते थे और बाद में उनकी पासबुक, एटीएम कार्ड, चेकबुक तथा सिम कार्ड अपने कब्जे में रख लेते थे। इन खातों का उपयोग ऑनलाइन सट्टे से प्राप्त धनराशि के लेन-देन और वास्तविक संचालकों की पहचान छिपाने के लिए किया जाता था।

पुलिस की प्रारंभिक जांच में यह भी पता चला है कि आरोपी आईपीएल सीजन के दौरान झारखंड के रांची से नेटवर्क संचालित कर रहे थे। वे “अन्ना रेड्डी” नामक ऑनलाइन बेटिंग एप्लीकेशन के माध्यम से सट्टा कारोबार चला रहे थे तथा म्यूल अकाउंट के जरिए धनराशि का ट्रांसफर और निकासी करते थे।

गिरफ्तार आरोपियों में अजय मिश्रा (23 वर्ष) निवासी सेक्टर-1 भिलाई, दीपक कुमार (32 वर्ष) निवासी नालंदा, बिहार तथा करण कुमार सिंह (26 वर्ष) निवासी बालाजी नगर, खुर्सीपार शामिल हैं।

मामले में थाना खुर्सीपार में अपराध क्रमांक 236/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(2), 318(3), 318(4), 319 तथा छत्तीसगढ़ जुआ (प्रतिषेध) अधिनियम 2022 की धारा 5, 6 एवं 7 के अंतर्गत अपराध दर्ज किया गया है। तीनों आरोपियों को न्यायालय में पेश कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।

पुलिस ने जब्त डिजिटल उपकरणों, बैंक खातों और वित्तीय लेन-देन का तकनीकी एवं वित्तीय विश्लेषण शुरू कर दिया है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगा रही हैं कि इस नेटवर्क से और कितने लोग जुड़े हुए हैं तथा सट्टे के कारोबार का दायरा कितना बड़ा है।

दुर्ग पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी व्यक्ति को अपना बैंक खाता, एटीएम कार्ड, पासबुक, चेकबुक या सिम कार्ड उपयोग के लिए न दें, क्योंकि ऐसे दस्तावेजों का उपयोग साइबर अपराध, ऑनलाइन सट्टा, वित्तीय धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग जैसी अवैध गतिविधियों में किया जा सकता है। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल साइबर हेल्पलाइन 1930 या नजदीकी पुलिस थाने को देने की सलाह दी गई है।