🔴कमिश्नर ने जारी किया कारण बताओ नोटिस
दुर्ग, 10 जून 2026। रिसाली नगर निगम की वार्ड क्रमांक-38 (स्टोर पारा, पुरैना) की पार्षद कुमारी पार्वती महानंद की मुश्किलें बढ़ गई हैं। दुर्ग संभाग के आयुक्त एस.एन. राठौर ने उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी कर 25 जून 2026 तक जवाब प्रस्तुत करने का अंतिम अवसर दिया है। जवाब संतोषजनक नहीं मिलने पर उनके खिलाफ पद से हटाने की कार्रवाई की जा सकती है।
मामला वर्ष 2021 के नगरीय निकाय चुनाव से जुड़ा है। पार्वती महानंद ने अनुसूचित जाति (गांडा जाति) के लिए आरक्षित वार्ड से चुनाव लड़कर जीत हासिल की थी। बाद में रिसाली निवासी राहुल वर्मा ने उनके जाति प्रमाण पत्र की वैधता पर सवाल उठाते हुए शिकायत दर्ज कराई थी।
शिकायत के बाद हुई उच्च स्तरीय जांच में बड़ा खुलासा हुआ। जिला स्तरीय जाति प्रमाण पत्र सत्यापन समिति ने 7 मई 2026 को प्रस्तुत अपनी रिपोर्ट में पार्वती महानंद का जाति प्रमाण पत्र फर्जी बताया। जांच में यह भी सामने आया कि प्रमाण पत्र कथित रूप से कूट रचित दस्तावेजों के आधार पर प्राप्त किया गया था।
अपर कलेक्टर महासमुंद द्वारा जारी पत्र में तहसीलदार कोमाखान की जांच रिपोर्ट का हवाला देते हुए पुष्टि की गई है कि पार्वती महानंद, मूल निवासी ग्राम खेमड़ा (बागबाहरा), ने कथित रूप से गलत दस्तावेजों के आधार पर जाति प्रमाण पत्र बनवाया था।
दुर्ग संभाग आयुक्त ने नोटिस में कहा है कि प्रथम दृष्टया यह सिद्ध होता है कि पार्षद उस आरक्षित वर्ग से संबंधित नहीं हैं, जिसके लिए वार्ड सुरक्षित था। ऐसे में उनका पार्षद पद पर बने रहना जनहित एवं निगम हित में उचित नहीं माना जा सकता।
कमिश्नर कोर्ट ने पार्वती महानंद से पूछा है कि उन्हें तत्काल प्रभाव से पद से क्यों न बर्खास्त कर दिया जाए। मामले की अंतिम सुनवाई 25 जून 2026 को निर्धारित की गई है। यदि निर्धारित तिथि तक जवाब प्रस्तुत नहीं किया जाता है, तो प्रशासन एकपक्षीय कार्रवाई करते हुए उन्हें पद से हटाने का निर्णय ले सकता है।
अब सबकी निगाहें 25 जून की सुनवाई पर टिकी हैं, जहां यह तय होगा कि पार्वती महानंद अपनी पार्षद की कुर्सी बचा पाएंगी या नहीं।

