🔴5 डिग्री तक गिरा तापमान, कई जिलों में येलो और ऑरेंज अलर्ट जारी, तेज हवाओं के साथ बारिश की चेतावनी
सीजी न्यूज ऑनलाइन, 1 जून 2026। भीषण गर्मी से जूझ रहे छत्तीसगढ़वासियों को राहत मिलने के संकेत हैं। मौसम विभाग ने प्रदेशभर में अगले पांच दिनों तक मेघगर्जन, तेज हवाओं, वज्रपात और वर्षा की गतिविधियों में बढ़ोतरी की संभावना जताई है। इसके साथ ही कई जिलों के लिए येलो और ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) रायपुर के अनुसार पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में तापमान में 1 से 5 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की गई है। आगामी दो दिनों में अधिकतम तापमान में 1 से 2 डिग्री की और कमी आने की संभावना है। इसके बाद अगले तीन दिनों में तापमान में 2 से 3 डिग्री की क्रमिक वृद्धि हो सकती है।
1 जून से बढ़ेगी बारिश की गतिविधि
मौसम विभाग के अनुसार 31 मई और 1 जून से पूरे प्रदेश में गरज-चमक के साथ बारिश, तेज हवाएं और वज्रपात की घटनाओं में वृद्धि होगी। यह मौसमीय गतिविधियां अगले पांच दिनों तक जारी रह सकती हैं।
सुकमा के लिए ऑरेंज अलर्ट
मौसम विभाग ने सुकमा जिले के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। यहां गरज-चमक के साथ मध्यम बारिश और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।
वहीं गरियाबंद, धमतरी, बीजापुर, बस्तर और दंतेवाड़ा जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। इन जिलों में हल्की बारिश के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और वज्रपात की आशंका है।
कई इलाकों में हुई अच्छी बारिश
पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कई हिस्सों में मध्यम से भारी वर्षा दर्ज की गई। सबसे अधिक 7 सेंटीमीटर वर्षा पेंड्रारोड में रिकॉर्ड की गई। इसके अलावा चंद्रपुर में 5 सेंटीमीटर, अंबिकापुर, कुटरू और पोड़ी उपरोड़ा में 4-4 सेंटीमीटर बारिश हुई।
तापमान में आई गिरावट
प्रदेश का सर्वाधिक अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस राजनांदगांव में दर्ज किया गया, जबकि सबसे कम न्यूनतम तापमान 19.2 डिग्री सेल्सियस अंबिकापुर में रिकॉर्ड किया गया।
रायपुर का मौसम
रायपुर शहर में 1 जून को आसमान आंशिक रूप से मेघमय रहने, गरज-चमक के साथ वर्षा और अंधड़ चलने की संभावना है। अधिकतम तापमान 42 डिग्री और न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है।
मौसम विभाग की सलाह
मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान खुले मैदान, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने की अपील की है। किसानों को भी फसल और कृषि उपकरणों की सुरक्षा के लिए आवश्यक सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

