NEET परीक्षा रद्द : पेपर लीक में अब तक धरे गए 15 लोग, मनीष यादव गैंग का आ रहा नाम

NEET परीक्षा रद्द : पेपर लीक में अब तक धरे गए 15 लोग, मनीष यादव गैंग का आ रहा नाम


सीजी न्यूज ऑनलाइन, 12 मई 2026। पेपर लीक और गड़बड़ी की आशंका के बाद NTA ने NEET UG 2026 परीक्षा रद्द कर दी है. सरकार ने CBI जांच और री-एग्जाम का आदेश दिया है.

एनटीए यानी नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने पेपर लीक होने के बाद NEET UG 2026 एग्जाम को रद्द कर दिया गया है. यह फ़ैसला केंद्रीय एजेंसियों से मिली जानकारी के बाद लिया गया है, जिन्होंने 3 मई को हुए एग्जीम की निष्पक्षता पर चिंता जताई थी. NEET UG 2026 में करीब 22 लाख छात्र शामिल हुए थे, जिससे यह देश की सबसे बड़ी प्रवेश परीक्षाओं में से एक बन गई थी. लेकिन अब यह एग्जाम एक बड़े विश्वसनीयता संकट में फंस चुका है.

लाखों छात्रों के प्रभावित होने के बाद, सरकार ने अब इस मामले में दखल दिया है. सरकार ने केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से जांच करवाने का आदेश दिया है और व्यवस्था में यकीन बहाल करने के लिए दोबारा परीक्षा आयोजित करने का ऐलान किया है. एनटीए के मुताबिक, यह फैसला कानून लागू करने वाली एजेंसियों द्वारा शेयर की गई जानकारियों की समीक्षा करने के बाद लिया गया है. इन नतीजों से यह पता चला है कि एग्जाम प्रोसेस में गड़बड़ी हो सकती है.

एनटीए NTA ने अपने ऑफिशियल स्टेटमेंट में कहा, “सभी सबूतों पर विचार करने के बाद एग्जाम को जारी रखने की अनुमति नहीं दी जा सकती थी. एनटीए में पारदर्शिता और विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए यह कदम ज़रूरी था.”

NEET पेपर लीक पर NTA ने क्या कहा है?

नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने 10 मई 2026 की प्रेस रिलीज के बाद एक नया बयान जारी करते हुए कहा है कि NEET UG 2026 परीक्षा को रद्द कर दिया गया है और इसे दोबारा आयोजित किया जाएगा. एजेंसी के मुताबिक, 8 मई 2026 को मामले को केंद्रीय एजेंसियों के पास स्वतंत्र जांच और जरूरी कार्रवाई के लिए भेजा गया था. बाद में केंद्रीय एजेंसियों और कानून लागू करने वाली एजेंसियों से मिले इनपुट और जांच रिपोर्ट की समीक्षा के बाद NTA ने केंद्र सरकार की मंजूरी से 3 मई 2026 को आयोजित NEET UG परीक्षा को रद्द करने का फैसला लिया. एजेंसी ने कहा कि मौजूदा परीक्षा प्रक्रिया को जारी नहीं रखा जा सकता था और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए यह कदम जरूरी था.

सरकार ने इस मामले की जांच के लिए इसे केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को सौंपने का भी फैसला किया है. NTA ने कहा है कि वह जांच में पूरा सहयोग करेगी और सभी जरूरी रिकॉर्ड और दस्तावेज उपलब्ध कराएगी. एजेंसी ने माना कि परीक्षा दोबारा कराने से छात्रों और उनके परिवारों को असुविधा होगी, लेकिन परीक्षा प्रणाली में भरोसा बनाए रखने के लिए यह फैसला लेना जरूरी था.

NTA ने यह भी कहा है कि मई 2026 सत्र के लिए किया गया रजिस्ट्रेशन, उम्मीदवारों का डेटा और चुने गए परीक्षा केंद्र दोबारा होने वाली परीक्षा में मान्य रहेंगे. छात्रों को दोबारा रजिस्ट्रेशन नहीं करना होगा और कोई एक्स्ट्रा एग्जाम फीस नहीं ली जाएगी. पहले जमा की गई फीस छात्रों को वापस की जाएगी और परीक्षा NTA अपने आंतरिक संसाधनों से आयोजित करेगी. दोबारा परीक्षा की तारीख और नए एडमिट कार्ड से जुड़ी जानकारी जल्द ही एजेंसी के आधिकारिक माध्यमों से जारी की जाएगी.

NEET पेपर लीक मामले में अब तक 15 से ज्यादा गिरफ्तार

राजस्थान में सामने आए NEET पेपर लीक मामले में बड़ा खुलासा हुआ है. जांच एजेंसियों के मुताबिक, मनीष यादव और अविनाश लांबा उस गैंग को चला रहे थे, जिस पर NEET ‘गेस पेपर’ लीक कराने का आरोप है. इस मामले में राजस्थान SOG ने अब तक 15 से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया है. एजेंसियां पूरे नेटवर्क और इसके दूसरे राज्यों से जुड़े लिंक की भी जांच कर रही हैं.

आखिर कौन है राकेश मंडावरिया ?

जांच एजेंसियों के मुताबिक राकेश मंडावरिया राजस्थान के सीकर जिले में पिपराली रोड पर एसके कंसल्टेंसी (SK Consultancy) नाम से एक संस्थान चलाता है. SOG को शक है कि इसी नेटवर्क के जरिए कथित प्रश्न बैंक छात्रों और कोचिंग सर्किल तक पहुंचा. सूत्रों के अनुसार मंडावरिया के पास अप्रैल महीने में ही यह कथित प्रश्न बैंक पहुंच गया था. जांच में यह भी सामने आया है कि

सीकर से ही इस दस्तावेज की PDF कॉपी आगे छात्रों तक भेजी गई.

पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रहा है कि आखिर यह सामग्री कहां से आई और किन लोगों तक पहुंचाई गई.

सीकर कैसे बना पूरे मामले का सबसे बड़ा लिंक?

राजस्थान का सीकर लंबे समय से NEET और JEE कोचिंग हब माना जाता है. हजारों छात्र यहां मेडिकल और इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी करते हैं. अब SOG की जांच में यही जिला पूरे विवाद का केंद्र बनता दिख रहा है. जांच एजेंसियों के मुताबिक सीकर से यह कथित गेस पेपर चूरू, झुंझुनूं और यहां तक कि उत्तराखंड के देहरादून तक पहुंचा. कई जगह छात्रों को इसकी प्रिंटेड कॉपी भी बांटी गई थी. पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही शामिल थे और कितने पैसों का लेनदेन हुआ?

केरल में पढ़ रहे MBBS छात्र का भी नाम आया सामने

जांच में यह भी सामने आया है कि चूरू का एक छात्र जो इस समय केरल के मेडिकल कॉलेज में MBBS की पढ़ाई कर रहा है उसे सीकर से इस कथित प्रश्न बैंक की PDF भेजी गई थी. पुलिस को शक है कि इसके बाद यह सामग्री WhatsApp ग्रुप्स और निजी चैनलों के जरिए तेजी से फैली. कई चैट रिकॉर्ड में Forwarded Many Times का टैग भी मिला है, जिससे बड़े स्तर पर प्रसार की आशंका बढ़ गई है.

क्या था यह ‘Guess Paper’?

राजस्थान पुलिस के ADG विशाल बंसल के मुताबिक जांच फिलहाल करीब 410 सवालों वाले एक गेस पेपर पर केंद्रित है. आरोप है कि इनमें से करीब 120 सवाल असली NEET परीक्षा से काफी मिलते-जुलते थे.विशाल बंसल ने कहा कि खासतौर पर बायोलॉजी और केमिस्ट्री सेक्शन के कई सवालों में स्ट्राइकिंग सिमिलैरिटी देखी गई है. कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि इन सवालों के जरिए करीब 600 अंकों तक का फायदा मिल सकता था हालांकि पुलिस और NTA दोनों ने अब तक आधिकारिक तौर पर इसे पेपर लीक नहीं कहा है. जांच एजेंसियां अभी यह पता लगाने में जुटी हैं कि क्या इस गेस पेपर के आधार पर कोई संगठित चीटिंग या आपराधिक गतिविधि हुई थी.