🔴 बदले में क्या मांग रहा ईरान ?
सीजी न्यूज ऑनलाइन 27 अप्रैल 2026। ईरान ने अमेरिका को नया प्रस्ताव दिया है, जिसमें पहले होर्मुज जलडमरूमध्य खोलने और युद्ध खत्म करने की बात कही गई है. इसके बाद परमाणु मुद्दे पर बातचीत करने का सुझाव दिया गया है. हालांकि, अमेरिका ने अभी तक इस पर कोई स्पष्ट रुख नहीं लिया है और नाकेबंदी जारी रखने के संकेत दिए हैं.
अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव के बीच अब एक नई कूटनीतिक हलचल देखने को मिली है. ईरान ने अमेरिका को शांति समझौते के लिए एक नया प्रस्ताव दिया है, जिसमें होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने और युद्ध खत्म करने की बात कही गई है. जबकि परमाणु मुद्दे को फिलहाल टालने का सुझाव दिया गया है. रिपोर्ट के मुताबिक, यह प्रस्ताव पाकिस्तान के जरिए अमेरिका तक पहुंचाया गया है. इसमें कहा गया है कि पहले समुद्री नाकेबंदी हटाई जाए और युद्ध को लंबे समय के लिए रोका जाए या पूरी तरह खत्म किया जाए. इसके बाद ही परमाणु कार्यक्रम पर बातचीत शुरू की जाए. यह प्रस्ताव ऐसे समय आया है जब दोनों देशों के बीच बातचीत पूरी तरह ठप पड़ी हुई है. ईरानी नेतृत्व के अंदर भी इस बात पर सहमति नहीं बन पा रही कि अमेरिका की मांगों जैसे यूरेनियम एनरिचमेंट रोकना और स्टॉक खत्म करने पर कितना समझौता किया जाए.
इसी बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने साफ संकेत दिया है कि वह अभी नाकेबंदी हटाने के मूड में नहीं हैं. फॉक्स न्यूज से बातचीत में उन्होंने कहा कि अगर ईरान तेल निर्यात नहीं कर पाएगा, तो उसकी पाइपलाइन सिस्टम खुद ही ‘अंदर से फट सकता है’. ट्रंप सोमवार को अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा टीम के साथ सिचुएशन रूम में अहम बैठक करने वाले हैं, जिसमें इस प्रस्ताव और आगे की रणनीति पर चर्चा होगी. पिछले कुछ दिनों में कूटनीतिक कोशिशें भी तेज हुई हैं. ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने इस्लामाबाद और ओमान में बातचीत की, लेकिन कोई ठोस नतीजा नहीं निकल पाया. इसके बाद वह रूस जाने की तैयारी में हैं, जहां उनकी मुलाकात राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से हो सकती है.
ईरान के अंदर ही नहीं है सहमति
एक्सियोस की रिपोर्ट के अनुसार, अराघची ने पाकिस्तान, तुर्की, कतर और मिस्र जैसे देशों के मध्यस्थों को साफ कहा कि ईरान के अंदर ही अमेरिका की शर्तों पर मतभेद हैं. इसलिए नया प्रस्ताव पहले युद्ध और नाकेबंदी के मुद्दे को सुलझाने पर केंद्रित है. हालांकि, व्हाइट हाउस ने इस प्रस्ताव पर कोई स्पष्ट रुख नहीं अपनाया है. प्रवक्ता ओलिविया वेल्स ने कहा कि ‘अमेरिका मीडिया के जरिए बातचीत नहीं करेगा’ और कोई भी समझौता तभी होगा जब वह अमेरिकी हितों के अनुकूल होगा. कुल मिलाकर, ईरान का यह नया दांव बातचीत को आगे बढ़ाने की कोशिश जरूर है, लेकिन अमेरिका की सख्त रणनीति और नाकेबंदी के चलते यह देखना होगा कि क्या इससे कोई रास्ता निकल पाता है या टकराव और बढ़ता है.

