ईरान ने तोड़ी अमेरिकी नाकाबंदी, 90 करोड़ डॉलर का तेल ले होर्मुज से निकले 34 टैंकर

ईरान ने तोड़ी अमेरिकी नाकाबंदी, 90 करोड़ डॉलर का तेल ले होर्मुज से निकले 34 टैंकर


सीजी न्यूज ऑनलाइन, 22 अप्रैल 2026। ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य में अमेरिकी नाकाबंदी को तोड़ दिया है। इस रास्ते से ईरानी नौसेना ने 34 टैंकर निकाल दिए हैं।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप कई बार दावा कर चुके हैं कि अमेरिकी नौसेना होर्मुज जलडमरूमध्य को पूरी तरह से कंट्रोल कर रही है। अमेरिका का कहना है कि ईरान के साथ कोई अंतिम समझौता होने तक नाकाबंदी जारी रहेगी।

वहीं ईरानी सेना ने अमेरिकी नौसेना को चकमा दे दिया है, क्योंकि ईरान के करीब 34 टैंकर अमेरिकी नाकाबंदी को तोड़कर होर्मुज पार कर चुके हैं।

होर्मुज से निकले ईरान के 34 टैंकर

फाइनेंशियल टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान के करीब 34 टैंकर अमेरिकी नाकाबंदी को पार कर चुके हैं। नाकाबंदी को चकमा देने वाले 34 जहाजों में से, करीब 19 टैंकर ईरान से जुड़े हैं जो खाड़ी से बाहर निकल चुके हैं। बाकी 15 जहाज अरब सागर से खाड़ी में प्रवेश कर चुके हैं और ईरान की ओर बढ़ रहे हैं।

बाहर निकलने वाले जहाजों में से, कम से कम छह जहाजों के बारे में पुष्टि हुई है कि वे ईरानी कच्चा तेल ले जा रहे थे, जिनमें कुल मिलाकर लगभग 10.7 मिलियन बैरल तेल था।

होर्मुज से पार 90 करोड़ डॉलर का तेल

अमेरिका ने 13 अप्रैल को नाकाबंदी लागू की थी, जिसका मकसद समुद्र के रास्ते ईरान से होने वाले आर्थिक व्यापार को पूरी तरह से रोकना था और उन जहाजों को रोकना था जो ऐसा सामान ले जा रहे थे जिसका इस्तेमाल ईरान अमेरिका और इजरायल के खिलाफ युद्ध में कर सकता था।

अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों के कारण ईरानी तेल आमतौर पर ब्रेंट क्रूड की तुलना में कम कीमत पर बिकता है। ईरानी तेल की कीमत बाजार मूल्य से 10 डॉलर प्रति बैरल कम है। इस हिसाब से इन शिपमेंट से होने वाला कुल राजस्व करीब 910 मिलियन डॉलर के करीब होगा।

ईरानी जहाजों ने कैसे पार किया होर्मुज?

होर्मुज पार करने वाले जहाजों में ईरान के झंडे वाला एक सुपरटैंकर है, जिसका नाम ‘डोरेना’ (Dorena) है। ईरान के सुपरटैंकर ने अपना ट्रांसपोंडर बंद कर दिया था, जिसकी वजह से वो होर्मुज पार कर सका। ट्रांसपोंडर एक ऐसा उपकरण है जो किसी जहाज की स्थिति और पहचान का संकेत देता है।

दुनिया भर में समुद्र के रास्ते होने वाले तेल और गैस के परिवहन का रियल-टाइम डेटा उपलब्ध कराने वाली ‘वॉर्टेक्सा’ (Vortexa) के मुताबिक, यह तेल से भरा जहाज 17 अप्रैल को ईरानी जलक्षेत्र से निकला था, जिसके बाद 20 अप्रैल को दो अन्य तेल टैंकर भी वहां से गुजरे।