टाउनशिप के सेक्टर 7 में फैला पीलिया, स्वास्थ्य विभाग व निगम की संयुक्त टीम पहुंची

टाउनशिप के सेक्टर 7 में फैला पीलिया, स्वास्थ्य विभाग व निगम की संयुक्त टीम पहुंची


🔴पानी के सैंपल किए गए एकत्रित, दो आईसीयू में चार मरीजों की पुष्टि

भिलाईनगर, 09 अप्रैल 2026। बीएसपी टाउनशिप क्षेत्र के वार्ड क्रमांक 67 सेक्टर-7 पश्चिम इलाके में पीलिया के संदिग्ध मरीज मिलने से स्वास्थ्य विभाग अलर्ट हो गया है। अब तक 23 संदिग्ध मरीज सामने आए हैं, जिनमें ज्यादातर बच्चे और 15 से 29 साल के किशोर एवं युवा हैं। दो बच्चों को शंकराचार्य हॉस्पिटल के ICU में रखा गया है।

आज जिला स्वास्थ्य विभाग सिविल अस्पताल सुपेला, नगर निगम भिलाई के स्वास्थ्य विभाग के प्रभारी एवं पार्षद लक्ष्मीपति राजू एवं स्वास्थ्य दिन के द्वारा संयुक्त सर्वे किया गया। प्रभावित क्षेत्र से सैंपल भी एकत्रित किए गए हैं। अब तक 4 मरीजों में पीलिया की पुष्टि की है।

आज सुबह करीब 11 बजे स्वास्थ्य विभाग को सेक्टर-7 में पीलिया फैलने की सूचना मिली। इसके बाद जिला स्वास्थ्य विभाग की टीम मौके पर पहुंची। डॉ. मनोज दानी, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, दुर्ग के निर्देशन में एवं डॉ. सी.बी.एस. बंजारे, जिला सर्वेलेंस अधिकारी, दुर्ग के मार्गदर्शन में डॉ. पियाम सिंग, प्रभारी अधिकारी, सिविल हॉस्पिटल सुपेला भिलाई व श्रीमती रितीका सोनवानी, जिला एपिडेमियोलॉजिस्ट, दुर्ग श्री विजय सेजुले, सुपरवाईजर, श्री हितेन्द्र कोसरे, बीईटीओ एवं स्थानीय स्वास्थ्य कार्यकर्ता एवं मितानिनों के साथ प्रभावित क्षेत्र का भ्रमण किया गया है। भिलाई नगर निगम स्वास्थ्य प्रभारी एवं पार्षद लक्ष्मीपति राजू के द्वारा जानकारी लगते ही तत्काल नगर निगम भिलाई की टीम को बुलाया गया। तीनों ही विभागों के द्वारा संयुक्त सर्वे किया गया।

प्रभावित क्षेत्र का स्वास्थ्य विभाग एवं नगर निगम की संयुक्त टीम द्वारा 5 घरों का भ्रमण किया गया जिसमें 04 पीलिया से ग्रसित मरीज मिले। वर्तमान में स्थिति नियंत्रण में है। टीम ने सड़क नंबर 37A, 37B और 37C में घर-घर जाकर सर्वे किया। टीम ने मरीजों और उनके परिजनों से बात कर हालात की जानकारी ली और लोगों को जांच कराने की सलाह दी।

सैंपल किए गए एकत्रित

डॉ सीबीएस बंजारे ने बताया कि आज किए गए सर्वे के दौरान प्रभावित क्षेत्र से भिलाई इस्पात संयंत्र द्वारा किए जा रहे जलापूर्ति के सैंपल एकत्रित किए गए हैं सैंपल की रिपोर्ट आने के बाद ही बीमारी के संबंध में स्पष्ट जानकारी प्राप्त हो सकेगी।

दूषित पेयजल की सप्लाई की वजह से फैली बीमारी

स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों ने पीलिया फैलने के पीछे गंदे पानी की सप्लाई को मुख्य कारण बताया है। नगर निगम के स्वास्थ्य विभाग के चेयरमैन एवं पार्षद लक्ष्मीपति राजू ने कहा कि सेक्टर-7 में पिछले कई सालों से गंदे पानी की समस्या बनी हुई है।

यहां 50 से 60 साल पुरानी पाइपलाइन बिछी हुई है और कई जगह सीवरेज लाइन जाम है, जिससे गंदा पानी पाइपलाइन में मिल जाता है। उन्होंने बताया कि महिलाओं ने आकर शिकायत की थी कि उनके घरों में बच्चों को पीलिया हो गया है, जिसके बाद उन्होंने अधिकारियों को फोन कर टीम भेजने को कहा। नगर निगम स्वास्थ्य विभाग की टीम पहुंची और सर्वे कार्य किया गया है पीड़ित एवं प्रभावितों को बीमारी से संबंधित दवाइयां भी दी गई हैं। क्षेत्र में व्यापक पैमाने पर सफाई भी की गई है ताकि संक्रमण को रोका जा सके। पार्षद ने आरोप लगाया कि भिलाई इस्पात संयंत्र प्रबंधन के द्वारा गंदे पानी की सप्लाई की जा रही है। जिसके कारण गंदे पानी के संक्रमण से संबंधित बीमारियों से लोग शिकार हो रहे हैं।

जिला स्वास्थ्य विभाग में जारी की एडवाइजरी

जिसमें जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग, दुर्ग आम जनता से अपील करता है

पीलिया हेतु पीलिया प्रदूषित जल व भोजन से फैलने वाला संकामक रोग है जो विषाणुओं के संक्रमण से होता है। विषाणुओं के शरीर में प्रवेश करने के 15 से 50 दिनों के भीतर बीमारी के लक्षण प्रगट होते है।

पीलिया के प्रमुख लक्षण

भुख न लगना, पीले रंग की पेशाब होना, भोजन का स्वाद न आना, उल्टी लगना या होना, सिर में दर्द होना एवं कमजोरी तथा थकावट का अनुभव करना, पेट के दाहिने तरफ उपर की ओर दर्द होना, आंखे व त्वचा का रंग पीला होना।

क्या करें

  1. तत्काल निकटतम स्वास्थ्य केन्द्र में उपचार हेतु जावे।
  2. पीने के पानी को 20 मिनट तक उबालकर ठंडा कर पीयें।
  3. 20 लीटर पीने के पानी में एक क्लोरिन गोली पीस कर डाले, एवं 30 मिनट पश्चात उपयोग करे।
  4. शौच के पश्चात एवं भोजन के पहले हाथ साबुन से धोवें।
  5. खुली में रखी, बासी व सड़ी गली खाद्य सामग्री का सेवन न करें।

क्या ना करें

  1. चिकित्सक से परामर्श किये बिना हर्बल दवाईयों से बचें।
  2. धुम्रपान व शराब के सेवन से बचे।
  3. बिना उबाले दुध व पानी का सेवन न करे।
  4. फलो व सब्जियों के रस से बचें।
  5. कच्चे व अधपके मांस मटन, अण्डे व मछली का सेवन न करे।

संभावित पीड़ितों के नाम

(1) ओंकार ठाकुर
(2) स्पर्श मुखिया
(3) विशाल मुखिया
(4) नेवेदिता लोखंडे
(5) अमन सिंह
(6) आयुष सिंह
(7) वंश प्रसाद
(8) आनंद
(9) ईशा साहू
(10) महक सूर्यवंशी
(11) क्रिंजल सिंह
(12) सत्यम सिंह
(13) सोनित राव
(14) शीफा
(15) प्रिंशु सूर्यवंशी
(16) दीपक कुमार प्रसाद
(17) शमशेर की भांजी