मज़दूर और श्रमिक संगठनों ने 15 मई को हड़ताल का एलान किया, क्या है वजह?

मज़दूर और श्रमिक संगठनों ने 15 मई को हड़ताल का एलान किया, क्या है वजह?


सीजी न्यूज़ ऑनलाइन, 18 मार्च। दिल्ली स्थित कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में सांसदों, अर्थशास्त्रियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और मनरेगा मज़दूरों की बैठक हुई. इसमें संयुक्त मंच ने 15 मई 2026 को बड़े पैमाने पर मज़दूरों की हड़ताल का एलान किया है.

संयुक्त मंच ने राष्ट्रीय, राज्य और स्थानीय स्तर पर आंदोलन जारी रखने की बात कही है.

दरअसल, इनकी प्रमुख मांग है कि विकसित भारत-रोज़गार और आजीविका मिशन (ग्रामीण) (वीबी-जी राम जी) क़ानून को तुरंत वापस लिया जाए और मनरेगा को फिर से लागू किया जाए.

वीबी-जी राम जी को वापस लेने के अलावा इनकी ये मांगें भी हैं-

  • हर ग्रामीण परिवार को कम से कम 200 दिन का रोज़गार मिले और न्यूनतम मज़दूरी ₹700 प्रति दिन हो, जिसे हर साल महंगाई के हिसाब से बढ़ाया जाए.
  • हाज़िरी और मज़दूरी भुगतान के लिए इस्तेमाल हो रही तकनीकी प्रणालियों को हटाया जाए, क्योंकि इनसे मज़दूर बाहर हो जाते हैं.

ग्राम सभाओं की भूमिका को फिर से बहाल और मज़बूत किया जाए ताकि वे योजना बनाने, लागू करने और निगरानी में मुख्य भागीदार बनें.

राजस्थान और पंजाब से आए मनरेगा मज़दूरों ने कहा, “नया क़ानून राज्यों, पंचायतों और ग्राम सभाओं की भूमिका को कमज़ोर करता है और मनरेगा की लोकतांत्रिक और भागीदारी वाली प्रकृति को नुक़सान पहुंचाता है.”

यह बैठक कृषि और ग्रामीण श्रमिक संघों और नरेगा संघर्ष मोर्चा से जुड़े संगठनों के संयुक्त मंच ने बुलाई थी. इस बैठक में इंडियन नेशनल कांग्रेस, कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ़ इंडिया (एम), कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ़ इंडिया (एमएल), कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ़ इंडिया, राष्ट्रीय जनता दल, द्रविड़ मुनेत्र कड़गम और भारत आदिवासी पार्टी के सांसद मौजूद थे.