Durg में अवैध अफीम की खेती : तस्करी का सातवां आरोपी गिरफ्तार

Durg में अवैध अफीम की खेती : तस्करी का सातवां आरोपी गिरफ्तार


🔴कबीरधाम के ढाबे से ₹42 हजार बरामद

दुर्ग, 16 मार्च 2026। अवैध अफीम खेती और तस्करी के मामले में दुर्ग पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है। इसी क्रम में पुलिस ने एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी के ढाबे से अफीम डोडा चूरी की बिक्री से प्राप्त ₹42,000 नगद और एक मोबाइल फोन बरामद किया गया है। इस मामले में अब तक कुल सात आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मणि शंकर चंद्र ने बताया कि Pulgaon Police Station Durg के अंतर्गत Jevra-Sirsa चौकी में दर्ज एनडीपीएस एक्ट के प्रकरण में ग्राम समोदा–झेनझरी में अवैध अफीम खेती के मामले की जांच जारी है। पहले इस प्रकरण में विकास बिश्नोई, विनायक ताम्रकार, मनीष उर्फ गोलू ठाकुर और छोटू राम को गिरफ्तार किया जा चुका है।
इसके बाद 15 मार्च को पुलिस ने छापेमारी कर रणछोड़ राम उर्फ रणजीत और सुनील देवासी को भी गिरफ्तार किया था, जिनके पास से अफीम डोडा और नगदी बरामद हुई थी।
पुलिस रिमांड के दौरान आरोपी विकास बिश्नोई से पूछताछ में यह खुलासा हुआ कि Palak village, Kabirdham स्थित राजस्थानी भोजनालय ढाबा में मदरूपा राम विश्नोई अफीम डोडा चूरी की बिक्री करता है। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने गवाहों की उपस्थिति में चिल्फी रोड स्थित ढाबे में रेड कार्रवाई की।

छापेमारी के दौरान ढाबे के काउंटर से अफीम डोडा चूरी की बिक्री से प्राप्त ₹42,000 नगद और एक मोबाइल फोन बरामद किया गया। पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर आरोपी मदरूपा राम विश्नोई को गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपी के पास मादक पदार्थ की बिक्री से प्राप्त रकम मिलने के कारण मामले में एनडीपीएस एक्ट की धारा 27(A) भी जोड़ी गई है।

गिरफ्तार आरोपी:

मदरूपा राम विश्नोई (45 वर्ष), निवासी कृष्णा नगर, खायड़ा खुर्द, थाना ओसियां, जिला जोधपुर (राजस्थान)
पुलिस के अनुसार इस कार्रवाई में एसीसीयू दुर्ग, थाना पुलगांव और चौकी जेवरा-सिरसा की संयुक्त टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। मामले में मादक पदार्थ तस्करी से जुड़े अन्य लोगों और नेटवर्क की तलाश के लिए जांच जारी है।

पुलिस की अपील:

दुर्ग पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि अवैध मादक पदार्थों के उत्पादन, परिवहन या तस्करी की जानकारी मिलने पर तुरंत पुलिस को सूचित करें, ताकि ऐसे अपराधों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा सके।