दुर्ग में पिता पुत्र ने जहर खाकर की आत्महत्या, बीमारी एवं डिप्रेशन से थे ग्रसित

दुर्ग में पिता पुत्र ने जहर खाकर की आत्महत्या, बीमारी एवं डिप्रेशन से थे ग्रसित


दुर्ग, 15 मार्च 2026। सिटी कोतवाली दुर्ग थाना क्षेत्र के अंतर्गत 13 एवं 14 मार्च की दरमियानी रात्रि बीमारी एवं डिप्रेशन से ग्रस्त पिता पुत्र के द्वारा घर पर ही जहर खाकर आत्महत्या कर ली। कल मिली सूचना पर से कोतवाली पुलिस दुर्ग के द्वारा मर्ग कायम कर मामले में विवेचना की जा रही है। नगर पुलिस अधीक्षक दुर्गा हर्षित मेहर ने बताया कि पीएम रिपोर्ट के बाद घटना का सही समय मिल सकेगा।

नगर पुलिस अधीक्षक हर्षित मेहर ने बताया कि पिता पुत्र जिला भाजपा कार्यालय दुर्ग के समीप भोईपारा में रहते थे। जोहर का सेवन करने वाले अरुण कुमार टंडिया 62 वर्ष एवं पुत्र पंकज कुमार टंडिया 40 वर्ष शामिल है।

नाश्ता लेकर पहुंचे रिश्तेदार तब घटना का हुआ खुलासा

सीएसपी दुर्ग ने बताया कि 13 मार्च की रात्रि दोनों ही पिता एवं पुत्र भोजन आदि के पश्चात सो गए थे। 14 मार्च की सुबह जब रिश्तेदार नाश्ता लेकर पहुंचे तब दरवाजे पर उनके द्वारा दस्तक दी गई। दरवाजा अंदर से बंद था। कोई रिस्पांस नहीं मिलने के बावजूद काफी देर तक रिश्तेदार के द्वारा इंतजार किया गया। इसके बाद पुलिस को सूचित किया गया। बलपूर्वक दरवाजे से अंदर प्रवेश करने के बाद देखा कि दोनों के शव पड़े हुए थे। घटनास्थल तलाशी के दौरान घर पर ही जहर की शीशी भी मिली।

मां की मौत हुई थी 6 माह पहले

सीएसपी दुर्ग ने बताया कि पंकज कुमार की मां का निधन 6 माह पूर्व हुआ था। उसके बाद से ही दोनों पिता एवं पुत्र अकेले रहते थे। पूरी तरह से अपने रिश्तेदारों पर निर्भर थे। रिश्तेदारों के ही द्वारा दोनों को भोजन आदि की व्यवस्था की जा रही थी। दोनों ही मृतक किराए के मकान में रहते थे।

आज होगा पोस्टमॉर्टम

पुलिस का कहना है कि शुरुआती जांच में आर्थिक तंगी और बीमारी से परेशान होकर आत्महत्या की आशंका लग रही है। हालांकि असली कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही साफ हो पाएगा। पुलिस ने दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए मर्क्युरी भेज दिया है। मृतक बुजुर्ग अरुण टंडिया की बेटी जगदलपुर में रहती है। रविवार को उसके दुर्ग पहुंचने के बाद दोनों का पोस्टमार्टम कराया जाएगा।

बीमारी एवं डिप्रेशन हो सकता है कारण

सीएसपी मेहर ने बताया पंकज मिर्गी बीमारी से ग्रसित था। जबकि पिता की उम्र हो चुकी है। दोनों ही पिता पुत्र घर से बाहर तक नहीं निकलते थे सारा दिन अकेले ही घर पर बिताते थे। उनके घर पर मनोरंजन के लिए टीवी तक नहीं था। यही अकेलापन तनाव एवं बीमारी इस आत्मघाती कदम का कारण हो सकता है।