आबकारी नीति से लेकर शिक्षा-आईटी और स्वास्थ्य क्षेत्र में लिए गए अहम फैसले

आबकारी नीति से लेकर शिक्षा-आईटी और स्वास्थ्य क्षेत्र में लिए गए अहम फैसले


🛑मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक


सीजी न्यूज़ ऑनलाइन, 21 जनवरी 2026। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज सिविल लाइन स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में राज्यहित से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
बैठक में मंत्रिपरिषद द्वारा छत्तीसगढ़ आबकारी नीति 2026-27 के प्रस्ताव का अनुमोदन किया गया। साथ ही इस नीति से संबंधित सभी अनुषांगिक कार्यवाहियों के लिए आबकारी विभाग को अधिकृत किया गया है।
मंत्रिपरिषद ने नवा रायपुर अटल नगर में उच्च कोटि के शैक्षणिक संस्थान की स्थापना को मंजूरी देते हुए श्री विले पारले कलावनी मंडल (SVKM) को उनके नरसी मोंजी प्रबंधन अध्ययन संस्थान की स्थापना हेतु सेक्टर-18 में चिन्हांकित लगभग 40 एकड़ भूमि 90 वर्षों की लीज पर एकमुश्त आवंटित करने की स्वीकृति प्रदान की।
एसवीकेएम वर्ष 1934 से शिक्षा के क्षेत्र में कार्यरत एक प्रतिष्ठित संस्था है, जिसके 30 से अधिक शैक्षणिक संस्थान देशभर में संचालित हैं और एक लाख से अधिक विद्यार्थी यहां शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। वर्ष 2025 की एनआईआरएफ यूनिवर्सिटी रैंकिंग में संस्था को 52वां स्थान प्राप्त हुआ है। नवा रायपुर में इस राष्ट्रीय स्तर के संस्थान की स्थापना से राज्य में आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को नई मजबूती मिलेगी।
इसके अलावा मंत्रिपरिषद ने नवा रायपुर अटल नगर में चार नवीन उद्यमिता केंद्रों की स्थापना के लिए सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क्स ऑफ इंडिया (STPI) के साथ एमओयू करने का निर्णय लिया। इससे छत्तीसगढ़ में आईटी/आईटीईएस उद्योग और तकनीकी स्टार्ट-अप इकोसिस्टम को बड़ा प्रोत्साहन मिलेगा।
एसटीपीआई के सहयोग से आगामी 3 से 5 वर्षों में एआई, मेडटेक (हर्बल मेडिसिन एवं वन उत्पाद आधारित), स्मार्ट सिटी और स्मार्ट एग्री जैसे क्षेत्रों में 133 डोमेन-विशेष स्टार्ट-अप्स को बढ़ावा दिया जाएगा। साथ ही इलेक्ट्रॉनिक्स सिस्टम डिजाइन एवं विकास (ईएसडीडी) केंद्र की स्थापना कर हर वर्ष 30-40 हार्डवेयर स्टार्ट-अप और एमएसएमई को सहायता प्रदान की जाएगी।
स्वास्थ्य क्षेत्र में भी अहम निर्णय लेते हुए मंत्रिपरिषद ने राज्य के सभी शासकीय स्वास्थ्य संस्थानों में गुणवत्तापूर्ण जांच सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जिला अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में लैब के प्रभावी संचालन, संसाधनों के सुदृढ़ीकरण तथा जांचों की संख्या बढ़ाने के लिए आवश्यक निर्णय लिए गए हैं।
इन फैसलों से राज्य में शिक्षा, तकनीक, उद्यमिता और स्वास्थ्य सेवाओं को नई दिशा और गति मिलने की उम्मीद है।