🛑43 करोड़ रुपये से ज़्यादा की संपत्ति फ्रीज की ED ने
सीजी न्यूज ऑनलाइन, 19 जनवरी। 660 करोड़ के मेडिकल रीएजेंट खरीदी घोटाले में गिरफ्तार मोक्षित इंटरप्राइजेज दुर्ग के डायरेक्टर शशांक चोपड़ा को ईडी आज कोर्ट में पेश करेगी। उसकी चार दिन की रिमांड खत्म हो रही है।
ED ने ACB/EOW, रायपुर द्वारा मेसर्स मोक्षित कॉर्पोरेशन और छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेज कॉर्पोरेशन लिमिटेड (CGMSCL) और स्वास्थ्य सेवा निदेशालय (DHS) के वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ दायर FIR और चार्जशीट के आधार पर जांच शुरू की। आरोप था कि शशांक चोपड़ा ने DHS और CGMSCL के अधिकारियों के साथ मिलकर टेंडर प्रक्रियाओं में हेरफेर किया, मांग को गलत तरीके से दिखाया और CGMSCL को बहुत ज़्यादा कीमतों पर मेडिकल उपकरण और री-एजेंट की सप्लाई की, जिससे राज्य के खजाने को भारी नुकसान हुआ और आरोपी और उसके साथियों को अवैध फायदा हुआ।
ED की जांच में पता चला है कि अपराध की कमाई (POC) अनुसूचित अपराध यानी आरोपी अधिकारियों के साथ मिलकर टेंडर प्रक्रियाओं में हेरफेर करके CGMSCL को बहुत ज़्यादा कीमत पर मेडिकल उपकरण और री-एजेंट की सप्लाई करके पैदा की गई थी। इसके बाद, शशांक चोपड़ा ने अपने साथियों की मदद से कई संस्थाओं/फर्मों को शामिल करके और उनके साथ ट्रेनिंग और रखरखाव सेवाएं प्रदान करने के लिए फर्जी सेवा समझौतों में शामिल होकर POC को लेयर किया और आखिरकार बड़ी रकम नकद में निकाली गई, जिसका इस्तेमाल अवैध रिश्वत और संपत्ति खरीदने के लिए किया गया।
इससे पहले, PMLA, 2002 की धारा 17 के तहत आरोपी और उसके साथियों से जुड़े कई ठिकानों पर तलाशी और जब्ती की कार्रवाई की गई थी और बैंक बैलेंस, फिक्स्ड डिपॉजिट, शेयर और वाहनों के रूप में 43 करोड़ रुपये से ज़्यादा की संपत्ति जब्त/फ्रीज की गई थी। कई आपत्तिजनक दस्तावेज और डिजिटल उपकरण भी बरामद किए गए, जिनसे POC के डायवर्जन, लेयरिंग और छिपाने का पता चला।
ईडी ने बताया कि इस मामले में आगे की जांच जारी है और आने वाले दिनों में और भी खुलासे होने की संभावना है।

