🛑भिलाई का युवक हुआ ठगी का शिकार, रेंज साइबर थाना दुर्ग में मामला दर्ज
भिलाईनगर, 12 जनवरी 2026। शेयर ट्रेडिंग व इन्वेस्टमेंट के नाम पर एक युवक से लाखों रुपये की साइबर ठगी का मामला सामने आया है। रेंज साइबर थाना दुर्ग में पीड़ित की रिपोर्ट पर अज्ञात आरोपियों के खिलाफ अपराध दर्ज कर विवेचना प्रारंभ कर दी गई है।
रेंज साइबर थाना दुर्ग के निरीक्षक पुष्पेन्द्र भट्ट ने बताया कि 10 जनवरी 2026 को शुभम जायसवाल पिता हनुमान प्रसाद जायसवाल, उम्र 29 वर्ष, निवासी एलआईजी 02/2089 हाउसिंग बोर्ड, इंडस्ट्रियल स्टेट, क्रिकेट ग्राउंड के पास, कोहका भिलाई द्वारा लिखित आवेदन के अवलोकन पर प्रथम दृष्टया साइबर धोखाधड़ी का अपराध पाए जाने पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(2), 318(4) एवं 336(3) के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया।
प्रार्थी ने बताया कि 20 दिसंबर 2025 को उसके मोबाइल नंबर पर अज्ञात नंबर से व्हाट्सएप कॉल आया, जिसमें कॉल करने वाले ने स्वयं को “ब्रड सिक्योरिटी” नामक कंपनी का प्रतिनिधि बताया और इन्वेस्टमेंट कर मुनाफा कमाने का झांसा दिया। इसके बाद एक लिंक भेजा गया, जिस पर क्लिक करने पर क्यूआर कोड प्राप्त हुआ। आरोपियों के झांसे में आकर प्रार्थी ने अलग-अलग तिथियों में विभिन्न बैंक खातों व क्यूआर कोड के माध्यम से कुल 11 लाख 15 हजार रुपये ट्रांसफर कर दिए।
प्रार्थी को शुरुआत में मुनाफा दिखाकर कुछ राशि विड्रॉल भी कराई गई, जिससे उसका विश्वास और बढ़ गया। बाद में लिंक आईडी पर लगभग 16 लाख रुपये दिखाए जाने लगे। जब प्रार्थी ने 5 लाख रुपये निकालने का प्रयास किया तो उससे 18 प्रतिशत जीएसटी के नाम पर और राशि की मांग की गई। इसी दौरान आरोपियों द्वारा एफआईआर की धमकी दिए जाने पर प्रार्थी को ठगी का एहसास हुआ।
पीड़ित ने साइबर पोर्टल पर घटना की शिकायत दर्ज कराई।
प्रार्थी ने बताया कि उसने कुल निवेश राशि में से लगभग 6 लाख 15 हजार रुपये विड्रॉल किए हैं, शेष राशि की ठगी की गई है।
प्रार्थी की रिपोर्ट पर अपराध क्रमांक 0002/2026 अज्ञात आरोपियों के खिलाफ 318(2)-BNS, 318(4)-BNS, 336(3)-BNS के तहत अपराध पंजीबद्ध कर लिया गया है। पुलिस द्वारा बैंक खातों, मोबाइल नंबरों एवं डिजिटल लेन-देन की जांच की जा रही है।
पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि किसी भी अनजान लिंक, व्हाट्सएप कॉल या इन्वेस्टमेंट ऑफर के झांसे में न आएं और संदिग्ध गतिविधि की तत्काल साइबर हेल्पलाइन या नजदीकी साइबर थाने में शिकायत करें।

