फर्जी को-ऑपरेटिव थ्रिफ्ट एंड क्रेडिट सोसाइटी बना 200 लोगों से की ठगी, आर्थिक अपराध शाखा ने पहुंचाया हवालात

फर्जी को-ऑपरेटिव थ्रिफ्ट एंड क्रेडिट सोसाइटी बना 200 लोगों से की ठगी, आर्थिक अपराध शाखा ने पहुंचाया हवालात


फर्जी को-ऑपरेटिव थ्रिफ्ट एंड क्रेडिट सोसाइटी बना 200 लोगों से की ठगी, आर्थिक अपराध शाखा ने पहुंचाया हवालात

नई द‍िल्‍ली. राजधानी द‍िल्‍ली में आजकल ऑनलाइन फ्रॉड और ठगी के मामलों में तो तेजी से इजाफा हो ही रहा है. दूसरी ओर लोगों को डबल पैसा करने का लालच देकर और इन्‍वेस्‍टमेंट के नाम पर ठगी करने का गोरखधंधा भी खूब क‍िया जा रहा है. इस मामले में दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा लगातार ऐसे लोगों पर कार्रवाई कर उनको गिरफ्तार भी कर रह रही है.

ऐसा ही एक मामला सामने आया ज‍िसमें एक आरोपी व उसकी महिला मित्र ने फर्जी कंपनी में इन्वेस्‍टमेंट कराने के नाम पर 200 लोगों को ठगी का श‍िकार बनाया. पुल‍िस ने इन दोनों को ग‍िरफ्तार कर ल‍िया है.

ईओडब्‍लू के अनुसार आरोपी व उसकी महिला मित्र ने मिल कर एक फर्जी कंपनी बना कर कई प्रकार की योजनाओ में पैसा लगाने पर मोटे मुनाफे का झांसा द‍िया. इस झांसे में करीब 200 से ज्‍यादा लोग आ गए ज‍िनके साथ लाखों रुपए की ठगी की गई है.

ईओडब्‍लू के अतिरिक्त आयुक्त आरके सिंह ने बताया कि आरोपी प्रवीण कुमार सिंह और उसकी एक महिला मित्र के साथ गिरफ्तार किया गया है. उन्होंने बताया कि पुलिस उपायुक्त मोहम्मद अली और सहायक पुलिस आयुक्त रमेश कुमार नारंग की निगरानी में उप निरीक्षक चेतन मांडिया, प्रवीण बदसारा, हवलदार सुनील, कांस्टेबल ललित की टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर आरोपियों को गाजियाबाद में कौशांबी मेट्रो स्टेशन के पास से गिरफ्तार किया.

अतिरिक्त आयुक्त सिंह ने बताया कि कई निवेशकों की शिकायत पर आर्थिक अपराध शाखा थाने में 21 जून 2018 को प्राथमिकी दर्ज की गई थी. प्राथमिकी दर्ज होने के बाद से आरोपी फरार चल रहे थे. दो फरवरी 2020 को आरोपियों को कडकडडूमा स्थित मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट की अदालत ने भगोड़ा घोषित कर दिया था.

आरोप है कि प्रवीण ने फर्जी तरीके से जय मां लक्ष्मी को ऑपरेटिव थ्रिफ्ट एंड क्रेडिट सोसाइटी लिमिटेड में लोगों से निवेश कराकर सात लाख से अधिक रुपए की ठगी की. पूर्वी दिल्ली के मंडावली में फाजलपुर कॉलोनी में उसकी अर्पित क्लॉथ स्टोर नाम से एक दुकान है, जहां पर वह आने वाले ग्राहकों को अपनी कथित कंपनी में निवेश कर मोटा मुनाफा कमाने का लालच दे कर ठगी को अंजाम देता था.

जांच के दौरान पता चला कि उसकी कंपनी भारतीय रिजर्व बैंक की ओर से रुपए जमा कराने के लिए मान्यता प्राप्त नहीं है फिर भी वह लोगों से पैसा जमा करा रहा था. वह फ्लैट बुकिंग, लकी ड्रॉ, लोन स्कीम और रुपए जमा करने पर भारी ब्याज की स्कीमों के तहत लोगों से रुपए जमा कराता था. रुपए जमा कराने के बाद जब लोगों को मुनाफा और रकम नहीं दी गई तो लोगों ने पुलिस को शिकायत दी. शिकायतों के आधार पर जांच की गई तो दोनों के गोरखधंधे का भंडाफोड़ हुआ. पुलिस दोनों से पूछताछ कर पता लगा रही है कि यह दोनों आरोपी अब तक क‍ितने लोगों के साथ ठगी कर चुके हैं. (news18.com)