BAKS के याचिका वेज रीविजन केस में कैट नई दिल्ली में सुनवाई

BAKS के याचिका वेज रीविजन केस में कैट नई दिल्ली में सुनवाई


🛑इस्पात व श्रम मंत्रालय को 9वीं बार अंतिम अवसर, अगली सुनवाई 18 मार्च


दुर्ग, 08 जनवरी 2026। बीएसपी अनाधिशासी कर्मचारी संघ द्वारा वेज रीविजन को लेकर दायर याचिका पर आज केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण (कैट) की प्रिंसिपल बेंच, नई दिल्ली में सुनवाई हुई। यह मामला वेज रीविजन में 15 प्रतिशत एमजीबी, 35 प्रतिशत पर्क्स तथा दोनों का एरियर ब्याज सहित दिए जाने की मांग से जुड़ा है।


आज की सुनवाई में इस्पात मंत्रालय एवं श्रम एवं रोजगार मंत्रालय की ओर से अधिवक्ता उपस्थित रहे, जबकि एनजेसीएस (नेशनल जॉइंट कमेटी ऑन स्टील) की ओर से कोई प्रतिनिधि उपस्थित नहीं हुआ। इस पर न्यायाधीश ने टिप्पणी करते हुए कहा कि एनजेसीएस और सेल प्रबंधन दोनों एक ही इकाई हैं, इसलिए किसी एक का जवाब दोनों का जवाब माना जाएगा।


न्यायालय ने इस्पात मंत्रालय एवं श्रम एवं रोजगार मंत्रालय को 9वीं बार अंतिम अवसर देते हुए शीघ्र अपना जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए। साथ ही मामले की अगली सुनवाई की तिथि 18 मार्च 2026 तय की गई।


मुकदमे में सेल प्रबंधन पहले ही अपना जवाब दाखिल कर चुका है, जिस पर यूनियन द्वारा रीज्वाइंडर भी प्रस्तुत किया जा चुका है। अब इस्पात मंत्रालय एवं श्रम मंत्रालय द्वारा जवाब दाखिल किए जाने के बाद मामले में अंतिम बहस की प्रक्रिया शुरू होगी।


क्या है यूनियन की प्रमुख मांगें


15 प्रतिशत एमजीबी
35 प्रतिशत पर्क्स
15 प्रतिशत एमजीबी के आधार पर फिटमेंट का एरियर
35 प्रतिशत पर्क्स के अनुसार पर्क्स का एरियर
वेज रीविजन को जानबूझकर लंबित रखने से हुए नुकसान के लिए सभी एरियर पर ब्याज


यूनियन का बयान


बीएकेएस के कार्यकारी अध्यक्ष रणधीर कुमार ने कहा कि
“कार्यपालिका (सेल प्रबंधन एवं इस्पात मंत्रालय) और गैर-निर्वाचित यूनियन प्रतिनिधियों (एनजेसीएस) द्वारा कर्मचारियों का खुलेआम शोषण किया जा रहा है। ऐसे में न्याय पाने का एकमात्र रास्ता न्यायालय ही है। सभी दस्तावेज सेल प्रबंधन, एनजेसीएस और इस्पात मंत्रालय के विरुद्ध हैं। भारतीय न्याय प्रणाली में सभी पक्षों की दलीलें पूरी होने में समय लगता है, लेकिन अंततः जीत कर्मचारियों की ही होगी।”