🛑नशे में धुत अटेंडरों ने अस्पताल में मचाया तांडव, FIR दर्ज
सीजी न्यूज ऑनलाइन, 28 दिसंबर। मरवाही क्षेत्र के भर्रीडांड में हुई सड़क दुर्घटना के बाद जिला अस्पताल गौरेला लाए गए घायलों के परिजनों ने नशे की हालत में डॉक्टरों और अस्पताल कर्मचारियों से मारपीट कर दी। घटना 26 दिसंबर की रात की बताई जा रही है।
सड़क दुर्घटना में घायल तीन युवकों को जिला अस्पताल लाया गया था। जांच के बाद डॉक्टरों ने दुर्गेश रजक को मृत घोषित कर दिया, जबकि ईश्वर और विवेक को प्राथमिक उपचार के बाद स्थिर बताया गया। इसी दौरान देर रात नशे में पहुंचे अटेंडरों ने इलाज को लेकर हंगामा शुरू कर दिया।
आरोप है कि नशे में धुत परिजनों ने डॉक्टरों पर मरीजों को ठीक से न देखने का आरोप लगाते हुए गाली-गलौज शुरू की और मारपीट पर उतर आए। विशेष रूप से महिला डॉक्टरों को निशाना बनाया गया। अटेंडरों ने इलाज की प्रक्रिया में जबरन दखल देते हुए ऑक्सीजन लगाने और वार्ड में खड़े रहने का दबाव बनाया।
जब वार्ड बॉय और सुरक्षा गार्ड ने स्थिति को संभालने की कोशिश की तो आरोपियों ने उनसे भी हाथापाई और मारपीट की। इस घटना में सुरक्षाकर्मी और स्टाफ के कई लोगों को चोटें आईं। अस्पताल परिसर में कुछ समय के लिए दहशत का माहौल बन गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार आरोपियों ने डॉक्टरों और कर्मचारियों को अश्लील गालियां दीं और जान से मारने की धमकी भी दी। स्थिति बिगड़ती देख पुलिस सहायता के लिए डायल 112 को सूचना दी गई।
सिविल सर्जन एवं मुख्य अस्पताल अधीक्षक डॉ. देवेंद्र सिंह पैकरा की लिखित रिपोर्ट पर आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की धारा 296, 351 (3), 115(2) और 3(5) के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया है।
साथ ही इस मामले को छत्तीसगढ़ चिकित्सा सेवक तथा चिकित्सा सेवा संस्थान (हिंसा एवं संपत्ति क्षति निवारण) अधिनियम 2010 के उल्लंघन के रूप में भी दर्ज किया गया है, जिसमें डॉक्टरों और अस्पताल की संपत्ति पर हिंसा को गंभीर अपराध मानते हुए सख्त सजा का प्रावधान है।
थाना गौरेला पुलिस ने मामला विवेचना में ले लिया है। डॉक्टरों और अस्पताल स्टाफ के बयान, सीसीटीवी फुटेज और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।

