पुलिस फोटोग्राफर रामगोपाल, एसआई प्रदीप मिश्रा, जयलाल साहू हुए सेवानिवृत, कंट्रोल रूम में एसएसपी ने किया सम्मानित

पुलिस फोटोग्राफर रामगोपाल, एसआई प्रदीप मिश्रा, जयलाल साहू हुए सेवानिवृत, कंट्रोल रूम में एसएसपी ने किया सम्मानित


पुलिस फोटोग्राफर रामगोपाल, एसआई प्रदीप मिश्रा, जयलाल साहू हुए सेवानिवृत, कंट्रोल रूम में एसएसपी ने किया सम्मानित

भिलाई नगर, 1 नवंबर । पुलिस विभाग में फोटो एवं वीडियोग्राफी का कार्य बहुत ही अर्थपूर्ण एवं सराहनीय है। अपराध के घटना स्थल की फोटोग्राफी अपराध के अनुसंधान का सबसे महत्वपूर्ण भाग होता है। दुर्ग जिले में फोटोग्राफी शाखा की स्थापना सन् 1984 के अंतिम महीनों में जिले के तात्कालीन पुलिस अधीक्षक स्व. विजय शंकर चौबे के प्रयासों का ही परिणाम है कि पुलिस मुख्यालय भोपाल द्वारा जिले का पुलिस नियंत्रण कक्ष भिलाई में स्थापित किया गया था। वर्ष 1985 जनवरी से विभाग में अपनी सेवा प्रारंभ कर रामगोपाल पटेल द्वारा फोटो एवं वीडियोग्राफी का कार्य वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में पूरी दक्षता के साथ किया गया। नगर में व्हीव्हीआईपी आगमन कार्यक्रम, श्रमिक आंदोलन, धरना प्रदर्शन, घटना दुर्घटना, संदिग्ध परिस्थितियों में मृत्यु व्यक्तियों के पोस्टमार्टम की वीडियोग्राफी, त्यौहार, जुलूस, आगजनी के साथ-साथ थानों के अंतर्गत होने वाले विभिन्न प्रकार के मर्ग तथा चोरी, डकैती, लूट, हत्या, हत्या का प्रयास, आत्महत्या जैसे गंभीर अपराधों के घटना स्थलों की फोटो एवं वीडियोग्राफी के माध्यम से महत्वपूर्ण साक्ष्य संकलित कर अनुसंधानकर्ता अधिकारी को अपराध के अनुसंधान में सार्थक सहयोग करने का कार्य किया जाता  रहा। रामगोपाल पटेल फोटोग्राफर के रूप में  जिले की फॉरेंसिक टीम का हिस्सा बन कर तात्कालीन वरिष्ठ  वैज्ञानिक अधिकारी फॉरेंसिक (एफएसएल) स्व. डाॅ. बीपी मैथिल के साथ दुर्ग जिले के आलावा छत्तीसगढ़ के अन्य जिलों में भी वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशानुसार गंभीर अपराधों के घटना स्थलों में पहुँच कर आवश्यक एवं सार्थक कार्यों को किया। उनके फोटोग्राफ को आल इंडिया फॉरेंसिक कांफ्रेंस जो 2008 को कोलकाता में आयोजित पेपर प्रजेंटेशन के समय उक्त फोटोग्राफ को सम्पूर्ण भारत में बेस्ट घोषित किया गया। अनेक प्रकरणों में उनके फोटो एवं वीडियोग्राफी के द्वारा संकलित महत्वपूर्ण सबूतों को न्यायालय द्वारा सराहा गया।

फॉरेंसिक के वरिष्ठ वैज्ञानिक अधिकारी के साथ लगभग 10 हजार गंभीर अपराध स्थलों के अनुसंधान में पटेल  के द्वारा महत्वपूर्ण सहयोग किया गया। रामगोपाल को  सबसे पहले बड़ा पुरस्कार 1987 में मध्यप्रदेश शासन के तात्कालीन कैबिनेट मंत्री स्व. डॉ. कन्हैया लाल शर्मा ने उत्कृष्ट फोटोग्राफी के लिए पुलिस महानिदेशक मध्यप्रदेश भोपाल के माध्यम से दिया। सीन आफ़ क्राइम की अर्थपूर्ण एवं सार्थक फोटोग्राफी में सराहनीय सेवा के लिए 26 जनवरी 2014 को राष्ट्रपति पदक से सम्मानित किया गया। पुलिस विभाग के लिए उन्होंने उपयोगी सरल हिंदी भाषा में रंगीन सचित्र 6 विभिन्न पुस्तकों दम घुटने से मृत्यु, मादक पदार्थों की पहचान और अपराध, विष कितना घातक है जीवन के लिए और क्यों, जघन्य अपराधों के घटना स्थल  निरीक्षण में महत्वपूर्ण बिंदू, वन जीवन का श्रोत तथा वन्य जीव अपराध अनुसंधान, सायबर अपराधों की दुनिया में हम आप और तत्संबंधी कानून का उत्कृष्ट संपादन किया। 

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बद्री नारायण मीणा, अति. पुलिस अधीक्षक शहर संजय ध्रुव, सीएसपी छावनी कौशलेंद्र पटेल, उप पुलिस अधीक्षक अपराध विश्वास चंद्राकर, उप पुलिस अधीक्षक मुख्यालय दुर्ग अभिषेक झा एवं जिले के अन्य पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों का रामगोपाल पटेल ने आभार व्यक्त किया।

पुलिस उप महानिरीक्षक एवम् वरिष्ट पुलिस अधीक्षक जिला दुर्ग बद्री नारायण मीणा द्वारा 31 अक्टूबर को पुलिस नियंत्रण कक्ष भिलाई के सभागार में सेवानिवृत हुए एसआई प्रदीप मिश्रा जिला विशेष शाखा भिलाई, एसआई जय लाल साहू रीडर पुलिस अधीक्षक कार्यालय दुर्ग, एचसी अयोध्या प्रसाद चंद्राकर यातायात, एचसी  अयोध्या प्रसाद नेताम यातायात, आरक्षक रफीक खान आजाद विशेष थाना, फोटो एवं वीडियोग्राफर  रामगोपाल पटेल को शॉल, श्रीफल एवं प्रतीक चिन्ह तथा  शूटकेस देकर सम्मानित किया।