🔴DCLC रायपुर कोर्ट में सुनवाई शुरू
भिलाई नगर 23 नवंबर। ग्रेच्युटी अपील प्रकरण में उप मुख्य श्रम आयुक्त केंद्रीय रायपुर द्वारा सुनवाई प्रारंभ कर दी गई है। प्रबंधन एवं यूनियन दोनों ही पक्ष की ओर से प्रकरण से संबंधित अपने-अपने तर्क एवं दस्तावेज प्रस्तुत कर दिए गए हैं। सुनवाई के दौरान श्री नायक द्वारा दोनों ही पक्षों से संबंधित दस्तावेज जमा करने कहा गया है। यह दस्तावेज प्राप्त होते ही इस बहु प्रतीक्षित ग्रेच्युटी प्रकरण में का जल्द ही निराकरण वैधानिक तौर पर होने की उम्मीद है।
उप मुख्य श्रम आयुक्त केंद्रीय बी सी नायक द्वारा 20 नवंबर को अपरान्ह 3:00 बजे आहुत की गई ग्रेच्युटी अपील प्रकरण सुनवाई की।
दिवंगत साथी स्व. गोकुल प्रसाद केसर सहित कल 34 अपीलार्थियों की ओर से सीटू यूनियन के कामरेड एस.पी.डे, कॉ.प्रवीण कालमेघ, कॉ.मोहन राव तथा कॉ. लेखपाल सुधाकर उपस्थित हुए तथा भिलाई इस्पात संयंत्र प्रबंधन की ओर से संतोष सिंह, मुख्य महाप्रबंधक प्रभारी (विधी) उपस्थित हुए।
सर्वप्रथम स्व. गोकुल प्रसाद केसर की पत्नी ने substitute appellant के रूप में अपना नाम अभिलेख में लेने हेतु आवेदन दिया जिसे उप मुख्य श्रम आयुक्त ने स्वीकार कर लिया।
तत्पश्चात अन्य 34 अपीलार्थियों की ओर से दो प्रतिलिपियों में Rejoinder प्रस्तुत किया गया (एक प्रतिलिपि प्रबंधन के लिए)। Rejoinder स्वीकार करने के पश्चात उप मुख्य श्रम आयुक्त ने कहा कि चूंकि यह प्रकरण सिर्फ ग्रेच्युटी भुगतान अधिनियम के अंतर्गत ‘सेल ग्रेच्युटी नियम’ से संबंधित है, अतः उन्हें ‘सेल ग्रेच्युटी नियम’ के बारे में विस्तृत जानकारी चाहिए।
उन्होंने दोनों पक्षों से ‘सेल ग्रेच्युटी नियम’ के संबंध में अपनी समझ को स्पष्ट करने के लिए आवश्यक प्रश्न किए। यूनियन की ओर से उन्हें बताया गया कि सेल ग्रेच्युटी नियम NJCS समझौता पर आधारित है। एनजीसीएस सेल कर्मियों सहित अन्य इस्पात उद्योगों का एक संयुक्त द्विपक्षीय फोरम है, जिसके माध्यम से सेल कर्मियों को ग्रेच्युटी भुगतान अधिनियम 1972 के 2 वर्ष पहले से ग्रेच्युटी प्राप्त करने का अधिकार मिला है, किंतु प्रबंधन द्वारा 26 नवंबर 2021 को एक तरफा परिपत्र निकाल कर उक्त अधिकार में कटौती की गई है। ‘सेल ग्रेच्युटी नियम’ के बारे में आवश्यक जानकारी प्राप्त करने के पश्चात उप मुख्य श्रम आयुक्त ने सेल ग्रेच्युटी अधिनियम के फार्मूले के तहत गणना के तीन ऐसे उदाहरण प्रस्तुत करने का आग्रह किया जिसमें 20 लाख रुपए से कम, 20 लाख रुपए तथा 20 लाख रुपए से अधिक ग्रेच्युटी की रकम कर्मियों को प्राप्त हुआ है।
यूनियन की ओर से उन्हें आश्वस्त किया गया कि शीघ्र ही ऐसे तीन उदाहरण उन्हें भेज दिए जाएंगे।

