सीजी न्यूज ऑनलाइन 5 नवंबर। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के बिलासपुर स्टेशन के पास मंगलवार देर शाम हुए रेल हादसे में 11 यात्रियों की मौत हो गई, जबकि 20 लोग घायल हुए हैं। हादसा उस समय हुआ जब मेमू लोकल ट्रेन आउटर में खड़ी एक मालगाड़ी से टकरा गई। दुर्घटना के बाद रेल प्रशासन ने तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया था।
रेल अधिकारियों के अनुसार, घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहां उनका उपचार विशेषज्ञ चिकित्सकों की देखरेख में चल रहा है। प्रत्येक घायल यात्री को तत्काल राहत के तौर पर 50,000 की अनुग्रह सहायता राशि दी गई है।
रेलवे ने बताया कि अस्पतालों से लगातार संपर्क बनाए रखा गया है और सभी प्रभावित यात्रियों को बेहतर चिकित्सा, परिवहन व अन्य आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई गई है। वरिष्ठ अधिकारी मौके पर मौजूद रहे और स्थिति की निरंतर निगरानी रखी।
घायल यात्रियों की सूची
घायल यात्रियों की सूची इस प्रकार है :
मथुरा भास्कर (55), चौरा भास्कर (50), शत्रुघ्न (50), गीता देबनाथ (30), मेहनिश खान (19), संजू विश्वकर्मा (35), सोनी यादव (25), संतोष हंसराज (60), रश्मि राज (34), ऋषि यादव (2), तुलाराम अग्रवाल (60), अराधना निषाद (16), मोहन शर्मा (29), अंजूला सिंह (49), शांता देवी गौतम (64), प्रीतम कुमार (18), शैलेश चंद्र (49), अशोक कुमार दीक्षित (54), नीरज देवांगन (53) और राजेंद्र मारुति बिसारे (60)।
रेल प्रशासन ने घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना करते हुए कहा है कि किसी भी यात्री को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए सभी विभाग चौबीसों घंटे सक्रिय हैं।
बिलासपुर रेल हादसे के बाद ट्रेनों की रफ्तार धीरे-धीरे पटरी पर लौटी
बिलासपुर स्टेशन के पास मंगलवार को हुई मालगाड़ी और मेमू लोकल की टक्कर के बाद रेलवे ट्रैकों पर आवाजाही धीरे-धीरे बहाल हो गई। राहत और बचाव कार्य देर रात तक जारी रहे।
रेल प्रशासन के अनुसार, डाउन मेन लाइन पर आवाजाही शाम 6 बजकर 16 मिनट (18.16) पर शुरू हो गई थी। इसके बाद मिड लाइन रात 9 बजकर 35 मिनट (21.35) पर फिट कर दी गई। वहीं, अप मेन लाइन तड़के 3 बजकर 52 मिनट (03.52) पर बहाल हो सकी। अप आउटर लाइन सुबह 5 बजकर 30 मिनट (05.30) पर चालू की गई।
बताया गया कि बचाव और बहाली का पूरा कार्य सुबह 5.30 बजे तक पूरा कर लिया गया, जिसके बाद सभी लाइनों पर ट्रेनों की आवाजाही सामान्य कर दी गई।
रेल प्रशासन ने बताया कि घटनास्थल पर लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है और सभी ट्रेनों की गति प्रारंभ में नियंत्रित रखी गई है ताकि सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

