CSMCL ओवरटाइम घोटाले में 7 गिरफ्तार, 115 करोड़ के भुगतान की जांच तेज

CSMCL ओवरटाइम घोटाले में 7 गिरफ्तार, 115 करोड़ के भुगतान की जांच तेज


सीजी न्यूज ऑनलाइन, 04 मई 2026। छत्तीसगढ़ स्टेट मार्केटिंग कॉर्पोरेशन लिमिटेड (CSMCL) के ओवरटाइम भुगतान घोटाला मामले में आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा एवं एंटी करप्शन ब्यूरो (EOW/ACB), रायपुर ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। सभी आरोपियों को विशेष न्यायालय में पेश किया गया, जहां से 11 मई 2026 तक पुलिस रिमांड मंजूर किया गया है।
EOW/ACB में दर्ज अपराध क्रमांक 44/2024 के तहत भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराओं 7(बी), 8 तथा भारतीय दंड संहिता की धाराएं 467, 468, 471 और 120-बी के अंतर्गत कार्रवाई की गई है।
प्राथमिक जांच में सामने आया है कि वर्ष 2019-20 से 2023-24 के बीच ओवरटाइम भुगतान के नाम पर विभिन्न मैनपावर एजेंसियों को करीब 115 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया। जांच एजेंसियों के अनुसार, फर्जी और बढ़े हुए बिल तैयार कर शासकीय राशि का आहरण किया गया। यह राशि कर्मचारियों को वास्तविक भुगतान करने के बजाय कथित रूप से CSMCL के अधिकारियों और निजी व्यक्तियों को कमीशन देने में इस्तेमाल की गई।
जांच में यह भी पाया गया कि कई एजेंसियों ने ओवरटाइम कार्य, कर्मचारियों की उपस्थिति और भुगतान संबंधी अभिलेखों में पारदर्शिता नहीं रखी। प्रथम दृष्टया यह मामला संगठित आर्थिक अपराध का प्रतीत हो रहा है, जिससे शासन को गंभीर आर्थिक क्षति पहुंचने की आशंका जताई गई है।
गिरफ्तार आरोपियों में नीरज कुमार चौधरी (वित्त एवं कर सलाहकार), अजय लोहिया, अजीत दरंदले, अमित प्रभाकर सालुंके, अमित मित्तल, राजीव द्विवेदी और संजीव जैन शामिल हैं। ये सभी विभिन्न मैनपावर एजेंसियों के संचालक, प्रतिनिधि या निदेशक बताए गए हैं।
इस प्रकरण की शुरुआत प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के रायपुर क्षेत्रीय कार्यालय द्वारा 29 नवंबर 2023 को तीन व्यक्तियों से 28.80 लाख रुपये नकद जब्त किए जाने के बाद हुई थी। इसी सूचना के आधार पर राज्य शासन को रिपोर्ट भेजी गई, जिसके बाद EOW/ACB ने अपराध दर्ज कर विस्तृत जांच शुरू की।
पुलिस रिमांड के दौरान आरोपियों से फर्जी बिलिंग, अवैध कमीशन वितरण, राशि के अंतिम उपयोग, लाभार्थियों और अन्य संबंधित व्यक्तियों की भूमिका के संबंध में पूछताछ की जाएगी। एजेंसियों का मानना है कि पूछताछ में और भी महत्वपूर्ण खुलासे हो सकते हैं। प्रकरण की विस्तृत विवेचना जारी है।